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Chhatarpur News: एक ही घर की तीन बेटियों की मौत से सनसनी, खाने के बाद बिगड़ी हालत; जांच में जुटी फॉरेंसिक टीम

मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के पिपोरा गांव में नौ महीने की बच्ची समेत तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। प्रारंभिक जांच में भोजन के बाद तबीयत बिगड़ने की बात सामने आई है। घटना के बाद पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने घर से बैंगन के भरते, रोटियों और अन्य संदिग्ध पदार्थों के नमूने लेकर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे हैं। मौत की असली वजह प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

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छतरपुर में दर्दनाक त्रासदी (प्रतीकात्मक फोटो)

Photo : iStock

Chhatarpur News: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले के एक गांव में नौ महीने की बच्ची समेत तीन नाबालिग बहनों की संदिग्ध जहर के कारण मौत हो गई। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि घटना के बाद पिपोरा गांव स्थित परिवार के घर से भोजन और कुछ संदिग्ध पदार्थों के नमूने एकत्र कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। मृतकों की पहचान बालमुकुंद कुशवाहा की बेटियों पूनम कुशवाहा (9), मनीषा (5) और नौ महीने की चाहत के रूप में हुई है। पिपोरा गांव जिला मुख्यालय से करीब 17 किलोमीटर दूर है और मटगुवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आता है।

आखिर क्या खाया था परिवार ने?

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) आर पी गुप्ता ने बताया कि मामले की जांच के लिए स्वास्थ्य, खाद्य, पुलिस, राजस्व और फोरेंसिक विभाग के अधिकारियों की टीम गठित की गई हैं। उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच के अनुसार परिवार के करीब 10 से 15 सदस्यों, जिनमें कई बच्चे भी शामिल थे, ने शुक्रवार रात बैंगन का भरता और रोटियां खाई थीं। गुप्ता ने बताया कि शनिवार सुबह चाय पीने के बाद एक बच्ची की तबीयत बिगड़ गई और उसे उल्टियां होने लगीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

तीन बहनों की हुई मौत

सीएमएचओ ने बताया कि सुबह करीब 8.45 बजे उसकी बहन की भी तबीयत बिगड़ी और उल्टियां होने लगीं। उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी भी मौत हो गई। गुप्ता ने बताया कि नौ महीने की बच्ची ने सुबह अपनी मां का दूध पीया था। बाद में उसकी तबीयत गंभीर रूप से बिगड़ गई और अस्पताल ले जाते समय उसकी भी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तीनों बच्चियों के शवों को दफना दिया गया है। आवश्यक अनुमति मिलने के बाद शवों को कब्र से निकालकर चिकित्सकों के दल द्वारा पोस्टमार्टम कराया जाएगा।

खाने के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए

अधिकारियों ने बताया कि बैंगन के भरते, रोटियों और अन्य संदिग्ध पदार्थों के सैंपल फॉरेंसिक जांच के लिए भेजे गए हैं। मौत के वास्तविक कारण का पता जांच और प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। मटगुवां थाना प्रभारी अंकुर चौबे ने कहा कि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि बच्चियों की मौत किसी जहरीले पदार्थ के कारण हुई या नहीं। पुलिस ने भोजन और अन्य संदिग्ध वस्तुओं के नमूने जब्त कर जांच के लिए भेजे हैं। कुशवाहा ने बताया कि उनकी पांच बेटियां हैं, जिनमें से तीन की मौत हो गई। उन्होंने कहा कि परिवार के अन्य सदस्यों ने भी रात में वही भोजन किया था, जो उनकी बेटियों ने खाया था।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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