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US-Iran में फिर बढ़ा तनाव, कच्चा तेल 5% उछला; Brent Crude 88 डॉलर पार

अमेरिका-ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ गया है। इसका असर कच्चे तेल पर देखने को मिला है। बुधवार सुबह क्रूड ऑयल के दाम में 5 फीसदी का उछाल देखने को मिला है। Brent Crude $88 पहुंच गया है।

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क्रूड ऑयल के दाम में तेजी

US-Iran के बीच फिर से तनाव बढ़ने के बाद बुधवार को फिर से ग्लोबल मार्केट्स में निवेशकों के बीच घबराहट बढ़ गई है। कच्चे तेल की कीमतों में करीब 5% का तेज उछाल देखने को मिला है। Brent Crude का भाव 5 फीसदी उछाल के साथ 88 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया है। निवेशकों की नजर अब एक साथ तीन बड़े घटनाक्रमों पर है कि पहली पश्चिम एशिया की स्थिति, अमेरिकी फेडरल रिजर्व का ब्याज दर फैसला और बिग टेक कंपनियों के तिमाही नतीजे।

क्यों उछला कच्चा तेल?

अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने पश्चिम एशिया में तैनात अपने सैनिकों पर ईरान के एक "सरप्राइज अटैक" की कोशिश को नाकाम कर दिया। इस खबर के बाद सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई और अमेरिकी क्रूड ऑयल की कीमत 5% उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गई। हालांकि, इससे पहले लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद ब्रेंट क्रूड 84.09 डॉलर प्रति बैरल पर बंद हुआ था। अब निवेशकों की चिंता फिर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Hormuz Strait) को लेकर बढ़ गई है, जहां से दुनिया के बड़े हिस्से का तेल परिवहन होता है।

Gift Nifty में मजबूती

अमेरिकी और एशियाई बाजारों के कमजोर रुख के विपरीत भारतीय बाजार के फ्यूचर इंडेक्स गिफ्ट निफ्टी (Gift Nifty) में बुधवार सुबह मजबूती देखने को मिली है। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 128 अंक तेजी के साथ कारोबार कर रहा है, जिससे भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी में तेजी का संकेत देखने को मिल रहा है।

अमेरिकी बाजार पर दबाव

कच्चे तेल में तेजी और बढ़ते तनाव का असर अमेरिकी शेयर बाजार के फ्यूचर्स पर भी दिखा। Nasdaq 100 Futures करीब 0.6% फिसल गया है। जबकि, S&P 500 Futures भी कमजोरी में कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार में बाजार में सबसे ज्यादा दबाव सेमीकंडक्टर और AI सेक्टर पर बना हुआ है। वहीं, दक्षिण कोरिया की SK Hynix के शेयर प्री-मार्केट में करीब 4.5% टूट गए हैं। निवेशकों के बीच सवाल उठ रहा है कि AI पर हो रहा भारी निवेश भविष्य में उतना मुनाफा देगा या नहीं, जितनी मौजूदा वैल्यूएशन बाजार में दिखाई दे रही है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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