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चंद्र फतह में टाटा-BHEL सहित इन 7 कंपनियों को भी रखें याद, बने Chandrayaan-3 के हाथ-पैर और नाक

Companies Part of Chandrayaan-3: एलएंडटी की एयरोस्पेस यूनिट ने चंद्रयान-3 के लॉन्च व्हीकल के लिए अहम कंपोनेंट्स की सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाई। मुंबई स्थित कंपनी ने इसरो को महत्वपूर्ण बूस्टर सेगमेंट प्रोवाइड किए।

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चंद्रयान-3 की सफलता में 7 कंपनियों का योगदान रहा

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • चंद्रयान-3 की कामयाबी में 7 कंपनियों का हाथ
  • सप्लाई किए अहम पार्ट्स
  • टाटा कंसल्टिंग ने दिए प्रोपेलेंट प्लांट

Companies Contributed In Success Of Chandrayaan-3: भारत का चंद्रमा मिशन चंद्रयान-3 (Chandrayaan-3) बुधवार शाम चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव के पास सफलतापूर्वक लैंड हो गया। इसके साथ ही भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का चौथा देश बन गया।

चंद्रयान-3 मिशन के लिए प्राइवेट सेक्टर की कई कंपनियों ने इसरो (ISRO) के साथ काम किया है। इनमें लार्सन एंड टुब्रो (Larsen & Toubro) या एलएंडटी, टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर्स (Tata Consulting Engineers) और मिश्र धातु निगम (Mishra Dhatu Nigam) शामिल हैं।

किस कंपनी का क्या रहा योगदान

ईटी की रिपोर्ट के अनुसार एलएंडटी की एयरोस्पेस यूनिट ने चंद्रयान-3 के लॉन्च व्हीकल के लिए अहम कंपोनेंट्स की सप्लाई करने में अहम भूमिका निभाई। मुंबई स्थित कंपनी ने इसरो को महत्वपूर्ण बूस्टर सेगमेंट प्रोवाइड किए।

टाटा कंसल्टिंग ने दिए प्रोपेलेंट प्लांट और व्हीकल असेंबली बिल्डिंग

टाटा कंसल्टिंग ने प्रोपेलेंट प्लांट, व्हीकल असेंबली बिल्डिंग और मोबाइल लॉन्च पेडस्टल समेत यूनीक और देश में ही निर्मित महत्वपूर्ण सिस्टम्स और सब-सिस्टम्स का निर्माण किया, जो अंतरिक्ष मिशनों के सफल लॉन्च के लिए ही बनाए गए थे।

मिश्र धातु निगम

मिश्र धातु निगम ने चंद्र मिशन में उपयोग किए जाने वाले लॉन्च व्हीकल के अहम कंपोनेंट्स के लिए कोबाल्ट बेस एलॉय, निकल बेस एलॉय, टाइटेनियम एलॉय और स्पेशल स्टील्स जैसे महत्वपूर्ण मैटेरियल की सप्लाई की।

भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स

चंद्रयान-3 के लिए बैटरी सप्लाई की जिम्मेदारी भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL) के पास थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इसके वेल्डिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (डब्ल्यूआरआई) ने चंद्रयान 3 के लिए बाय-मैटेलिक एडेप्टर की सप्लाई की।

और किस-किस ने दिया योगदान

गोदरेज एयरोस्पेस और अंकित एयरोस्पेस ने क्रमशः अहम इंजन, थ्रस्टर्स बनाए और एलॉय स्टील, स्टेनलेस स्टील फास्टनरों की सप्लाई की। गोदरेज एयरोस्पेस ने कोर स्टेज के लिए L110 और अपर-स्टेज के लिए CE20 इंजन थ्रस्ट चैंबर बनाया, जबकि अंकित एयरोस्पेस ने विशेष रूप से तैयार किए गए टाइटेनियम बोल्ट प्रदान किए।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वालचंदनगर इंडस्ट्रीज ने कहा कि उसने लॉन्च व्हीकल में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण बूस्टर सेगमेंट S200, फ्लेक्स नोजल कंट्रोल टैंकेज और S200 फ्लेक्स नोजल हार्डवेयर की सप्लाई की।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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