Cognizant Job Offer: आईटी कंपनी कॉग्निजेंट (Cognizant Job Offer) ने हाल ही में एक जॉब विज्ञापन जारी किया, जिसमें में फ्रेशर्स के लिए बेहद कम सैलरी पैकेज ऑफर किया गया है। इस जॉब ऑफर की लोगों ने आलोचना की। 2024 बैच के लिए अपने ऑफ-कैंपस मास हायरिंग ड्राइव के लिए, यूएस-आधारित कंपनी 2.52 लाख रुपये का सालाना पैकेज दे रही थी। इस जॉब ऑफर में मौजूद सैलरी पैकेज ने बढ़ती वेतन असमानता को लेकर एक बड़ी छेड़ दी है। कॉग्निजेंट के वेतन पैकेज, जो कटौती के बिना 21,000 रुपये प्रति माह है, की सोशल मीडिया यूजर्स ने जमकर आलोचना की। लोगों ने महसूस किया कि ये वेतन बहुत कम है, खासकर आईटी सेक्टर के लिए।
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बढ़ रहा सैलरी का अंतर
ईटी नाउ की रिपोर्ट के अनुसार भारत में इंजीनियरों की सैलरी स्थिर है, मगर सीईओ को दिए जाने वाले वेतन में 20 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। एंट्री लेवल के कर्मचारियों और टॉप लेवल के अधिकारियों के सैलरी पैकेज के बीच का अंतर बहुत अधिक बढ़ गया है।
अगर हम 2024 में एंट्री लेवल पर इंजीनियरों के वेतन को देखें, तो एवरेंज लिमिट 2.5 लाख रुपये प्रति वर्ष से लेकर 5 लाख रुपये प्रति वर्ष तक है। आम तौर पर, सिविल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट को प्रति वर्ष 2.5 लाख रुपये का वेतन पैकेज मिलता है, जबकि कंप्यूटर साइंस के स्टूडेंट्स का औसत वेतन 4 लाख रुपये प्रति वर्ष है।
अलग-अलग छात्रों के लिए अलग-अलग सैलरी पैकेज
आईआईटी मद्रास के बी.टेक स्टूडेंट्स के लिए एयरोस्पेस इंजीनियरिंग में एवरेज एंट्री लेवल का वेतन 17.5 लाख रुपये प्रति वर्ष रहा, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों के लिए 24.5 लाख रुपये प्रति वर्ष और कंप्यूटर साइंस ग्रेजुएट्स के लिए 37.5 लाख रुपये प्रति वर्ष। केमिकल, सिविल और मैकेनिकल इंजीनियरिंग के छात्रों के लिए एवरेज सैलरी पैकेज 16 लाख रुपये था।
कितनी हो गई सीईओ की सैलरी
मगर एयरोस्पेस, कंप्यूटर साइंस और इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के लिए सीटीसी घटकर 4 लाख रुपये प्रति वर्ष रह गई। दूसरी ओर सीईओ को करोड़ों में भुगतान किया जा रहा है। डेलॉइट की एक स्टडी के अनुसार, जिसने वित्त वर्ष 24 में निफ्टी 50 के सीईओ को मिल रहे सैलरी पैकेज का डेटा इकट्ठा किया, सीईओ की सैलरी में पिछले वित्त वर्ष की तुलना में 20 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज हुई।
टॉप लेवल के अधिकारियों की एवरेज सैलरी लगभग 23 करोड़ रुपये है, जो वित्त वर्ष 23 में 19 करोड़ रुपये थी। वित्त वर्ष 2022 में यह संख्या लगभग 12 करोड़ रुपये हो गई।
