क्या है मामला
असल में एडुटेक कंपनी बायजू (Byju's) के निवेशकों ने फाउंडर बायजू रवींद्रन (Byju Raveendran)और उनके परिवार को कंपनी से हटाने के लिए ईजीएम बुलाई थी। जिसके फैसले के बाद रवींद्र ने खुद को CEO पद से हटाए जाने की मीडिया रिपोर्ट्स को फेक बताया था। उन्होंने कर्मचारियों को लिखे एक लेटर में कहा कि वह CEO हैं और इस पद पर बने रहेंगे। कंपनी के मैनेजमेंट में कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने शुक्रवार को हुई EGM को तमाशा बताया। कंपनी के शेयरहोल्डर्स द्वारा बुलाई गई ईजीएम के बाद बायजू रवींद्रन को पद और बोर्ड से हटाने का ऐलान किया गया था। इस मीटिंग में बायजू रवींद्रन और उनके परिवार के सदस्य शामिल नहीं हुए थे।
रवींद्रन ने कहा कि ईजीएम में कई नियमों को तोड़ गया
रवींद्रन ने कहा कि यह ईजीएम कंपनी के आर्टिकल्स ऑफ एसोसिएशन द्वारा निर्धारित उचित प्रक्रिया का पालन किए बिना बुलाई गई थी। इसलिए मीटिंग में जो भी फैसला हुआ, वह वैलिड नहीं होगा। अफवाहें बहुत बढ़ा-चढ़ाकर पेश की गई हैं। ईजीएम में कई सारे नियमों को तोड़ा गया। उन्होंने लिखा कि जिस तरह आप सभी खिलाड़ियों की सहमति के बिना खेल के नियमों को बीच में नहीं बदल सकते, ठीक उसी तरह हम नियमों का पालन किए बिना कंपनी को चलाने के तौर-तरीकों में बदलाव नहीं कर सकते। इसके बाद अब एनसीएलटी का बयान आया है।
