Indian GDP Growth: सर्विस और मैन्युफैक्चरिंग के बेहतर प्रदर्शन के चलते अनुमान है कि अप्रैल-जून तिमाही में भारत की अर्थव्यवस्था (Indian Economy) एक साल में सबसे तेज गति से बढ़ी। बता दें कि आज अप्रैल-जून के लिए जीडीपी (GDP Growth) के आँकड़े आने की उम्मीद है। मगर डेटा आने से पहले ही अर्थशास्त्रियों ने आगे मंदी की चेतावनी दी है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि कमोडिटी की कम कीमतों ने मैन्युफैक्चरर्स को मार्जिन बढ़ाने और मई 2022 के बाद से ब्याज दरों में कुल 250 आधार अंकों (2.50 फीसदी) की वृद्धि के प्रभाव को कम करने में मदद की है।
7.7% जीडीपी ग्रोथ के संकेत
अर्थशास्त्रियों के रॉयटर्स पोल में औसत पूर्वानुमान के अनुसार, भारत की सकल घरेलू उत्पाद (GDP) पिछली तिमाही (अप्रैल) में 7.7% बढ़ी, जो उससे पिछली तिमाही (जनवरी-मार्च) में 6.1% की वृद्धि दर से अधिक है और अप्रैल-जून 2022 के बाद से इसकी सबसे तेज़ रफ्तार है।
सर्विस सेक्टर में शानदार ग्रोथ
भारत के सेवा क्षेत्र (Service Sector) में मजबूत वृद्धि देखी गयी, जो आर्थिक उत्पादन (Economic Output) का आधे से अधिक हिस्सा है। इससे एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को वैश्विक मंदी से उबरने में मदद मिली, जिसने चीन सहित कई प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं को लड़खड़ा दिया है।
इंफ्रास्ट्रक्चर पर सरकार का खर्च बढ़ा
ग्रोथ को सपोर्ट करने के लिए, केंद्र सरकार इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपना वार्षिक खर्च बढ़ा रही है। 1 अप्रैल 2023 से शुरू हुए वित्तीय वर्ष के पहले तीन महीनों में, भारत ने 10 लाख करोड़ रुपये के अपने पूँजीगत खर्चों के बजट का लगभग 28% खर्च किया।
हालाँकि आगे शुष्क मौसम कृषि उत्पादन को प्रभावित कर सकता है और भारत के भीतरी इलाकों में आबादी को कमजोर कर सकता है, जहां बहुसंख्यक लोग कृषि आय पर निर्भर हैं।
