How to Calculate EPFO Pension: सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद ईपीएफओ (EPFO) सब्सक्राइबर के लिए ज्यादा पेंशन लेने का मौका खुल गया है। इस संबंध ईपीएफओ लोगों के आवेदन करने के लिए 3 मई तक का मौका दे रहा है। नए नियम के अनुसार ईपीएफओ के सदस्य और उनके नियोक्ता संयुक्त रूप से आवेदन कर सकेंगे। इसके तहत सब्सक्राइबर अपने मूल वेतन की 8.33 फीसदी राशि पेंशन के लिए योगदान कर सकेंगे। ऐसे में सवाल उठता है कि ज्यादा कंट्रीब्यूशन से पेंशन में कितना फायदा मिलेगा। तो आइए जानते हैं कि अगर आपकी पेंशन कैसे कैलकुलेट होगी।
नए नियम से क्या बदला
नवंबर 2022 में जब सुप्रीम कोर्ट ने कर्मचारी पेंशन (संशोधन) योजना, 2014 को बरकरार रखा तो उस फैसले से पेंशन योग्य वेतन सीमा 6,500 रुपये प्रति माह से बढ़कर 15,000 रुपये प्रति माह हो गई। साथ ही ईपीएफओ के सदस्यों और उनके नियोक्ताओं को ईपीएस में उनके वास्तविक वेतन का 8.33 प्रतिशत योगदान करने की अनुमति भी मिल गई। ऐसे में जिस सब्सक्राइबर की लिमिट तय कैप से ज्यादा है, उसे इसका सीधा फायदा मिलेगा।
अभी तक ईपीएएफ में कर्मचारी अपने मूल वेतन के 12 फीसदी के बराबर राशि कंट्रीब्यूट करता है। जबकि नियोक्ता द्वारा जमा की गई 12 फीसदी राशि में से 8.33 फीसदी राशि पेंशन फंड में जमा की जाती है। लेकिन पुरानी व्यवस्था में 15000 रुपये की लिमिट तय होने के कारण केवल 1250 रुपये ही पेंशन फंड जमा होते थे।
अब नई व्यवस्था में बेसिक की 8.33 फीसदी राशि पेंशन फंड में जमा की जा सकेगी। यानी पेंशन के लिए ईपीएफओ सब्सक्राइबर ज्यादा पैसा जमा कर सकेंगे
| मूल वेतन | पुरानी व्यवस्था में पेंशन के लिए राशि (15000 की लिमिट) | ज्यादा पेंशन का विकल्प लेने पर नई राशि |
| 30,000 | 1249.50 | 2,499 |
| 40,000 | 1249.50 | 3,332 |
ऐसे कैलकुलेट करें पेंशन
क्लीयर टैक्स के अनुसार अगर कोई व्यक्ति ज्यादा रेंशन का विकल्प चुनता है। और उसकी पिछले 5 साल में औसतन 50000 रुपये सैलरी है। इसके अलावा उसने 25 साल नौकरी की है और वह 58 साल की उम्र में रिटायरमेंट ले चुका है, तो उसे 19.285 रुपये पेंशन मिलेगी।
यानी आपकी पिछले 5 साल की औसतन सैलरी में पेंशन के लिए पात्र वर्ष के गुणे को 70 से भाग देने पर जो राशि आती है, वह मासिक पेंशन राशि होती है।
