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Bijli Bill News: इस राज्य में बिजली हुई सस्ती, इसमें महंगी, जानिए अब कितना है प्रति यूनिट रेट

Bijli Bill News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने 2026-27 के लिए बिजली दरों में प्रति यूनिट की कटौती कर उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं झारखंड में बिजली महंगी हो गई है। यहां जानिए दोनों राज्यों में कहां कितनी सस्ती हुई और कितनी महंगी हुई। नई दरें भी एक अप्रैल से लागू होंगी।

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हिमाचल में बिजली सस्ती, झारखंड में महंगी (तस्वीर-istock)

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Bijli Bill News: हिमाचल प्रदेश सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली उपभोक्ताओं को राहत देते हुए बिजली शुल्क में 1 पैसा प्रति यूनिट की कटौती करने का फैसला किया है। नई दरें 1 अप्रैल 2026 से लागू होंगी। यह निर्णय हिमाचल प्रदेश बिजली नियामक आयोग द्वारा जारी टैरिफ आदेश के तहत लिया गया है, जो राज्य बिजली बोर्ड लिमिटेड की वित्तीय जरुतों और उपभोक्ता हितों को संतुलित करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। जहां हिमाचल प्रदेश ने उपभोक्ताओं को राहत दी है, वहीं झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। झारखंड राज्य बिजली नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। नई दरें भी एक अप्रैल से लागू होंगी।

हिमाचल प्रदेश में नई बिजली दरें

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में नई दरों के अनुसार, ‘लाइफलाइन’ कैटेगरी के उपभोक्ताओं (60 यूनिट तक खपत) के लिए बिजली शुल्क 4.71 रुपये प्रति यूनिट रहेगा। वहीं घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 1 से 125 यूनिट तक 5.44 रुपये प्रति यूनिट और 125 यूनिट से अधिक खपत पर 5.89 रुपये प्रति यूनिट की दर लागू होगी। यह कटौती भले ही बहुत छोटी हो, लेकिन सरकार इसे उपभोक्ता हित में एक सकारात्मक कदम मान रही है। हिमाचल प्रदेश में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए वार्षिक राजस्व आवश्यकता (ARR) का अनुमान 8,636.16 करोड़ रुपये लगाया गया है, जो पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के 8,403.25 करोड़ रुपये से अधिक है। हालांकि, पिछले वर्षों के समायोजन को ध्यान में रखते हुए औसत आपूर्ति लागत 6.75 रुपये प्रति यूनिट तय की गई है, जो पिछले वर्ष 6.76 रुपये प्रति यूनिट थी। इस मामूली गिरावट के आधार पर उपभोक्ताओं को प्रतीकात्मक राहत दी गई है।

झारखंड में बिजली दरें

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के मुताबिक झारखंड में बिजली उपभोक्ताओं को महंगाई का सामना करना पड़ेगा। झारखंड राज्य बिजली नियामक आयोग ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए बिजली दरों में 6.12 प्रतिशत की वृद्धि की घोषणा की है। नई दरें भी एक अप्रैल से लागू होंगी। संशोधित दरों के तहत ग्रामीण घरेलू उपभोक्ताओं को अब 6.70 रुपये के बजाय 7.20 रुपये प्रति यूनिट और शहरी उपभोक्ताओं को 6.85 रुपये के बजाय 7.40 रुपये प्रति यूनिट का भुगतान करना होगा। यानी ग्रामीण क्षेत्रों में 50 पैसे और शहरी क्षेत्रों में 55 पैसे प्रति यूनिट की वृद्धि की गई है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने दरों में 59 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा था, लेकिन विस्तृत समीक्षा के बाद केवल 6.12 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी गई। यह निर्णय उपभोक्ताओं पर अत्यधिक बोझ न पड़े, इसे ध्यान में रखकर लिया गया है।

झारखंड में अन्य श्रेणियों पर प्रभाव और रियायतें

झारखंड में व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए भी दरों में वृद्धि की गई है। ग्रामीण व्यावसायिक उपभोक्ताओं के लिए 50 पैसे और शहरी उपभोक्ताओं के लिए 60 पैसे प्रति यूनिट की बढ़ोतरी लागू की गई है। हालांकि कृषि उपभोक्ताओं को राहत देते हुए इस श्रेणी में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इसके अलावा, सार्वजनिक इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग स्टेशनों के लिए अलग दरें तय की गई हैं। सोलर घंटों (सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक) के लिए 7 रुपये प्रति यूनिट और नॉन-सोलर घंटों के लिए 8.70 रुपये प्रति यूनिट का शुल्क लागू होगा। उपभोक्ताओं को समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहित करने हेतु बिल जारी होने के पांच दिन के भीतर भुगतान करने पर 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी, जबकि प्रीपेड स्मार्ट मीटर अपनाने वालों को ऊर्जा शुल्क पर 3 प्रतिशत की अतिरिक्त छूट मिलेगी।

अलग-अलग रणनीतियां, अलग असर

दोनों राज्यों के फैसले यह दर्शाते हैं कि बिजली दर निर्धारण पूरी तरह स्थानीय आर्थिक परिस्थितियों, वितरण लागत और नीति प्राथमिकताओं पर निर्भर करता है। हिमाचल प्रदेश ने जहां लागत संतुलन के बावजूद उपभोक्ताओं को प्रतीकात्मक राहत दी है, वहीं झारखंड ने वित्तीय दबावों को देखते हुए दरों में बढ़ोतरी का रास्ता अपनाया है। इन निर्णयों का सीधा असर आम उपभोक्ताओं के मासिक खर्च पर पड़ेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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