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क्या डेबिट कार्ड पर ईएमआई बनवाने से सुधरता है सिबिल स्कोर?

बिना क्रेडिट कार्ड के डेबिट कार्ड ईएमआई (Debit Card EMI) पर खरीदारी करना अब आम हो चुका है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि समय पर इसकी ईएमआई चुकाने से आपका सिबिल स्कोर (CIBIL Score) तेजी से सुधर सकता है?

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क्या डेबिट कार्ड पर ईएमआई बनवाने से सुधरता है सिबिल स्कोर?

ऑनलाइन या ऑफलाइन शॉपिंग करते समय महंगी चीजों को आसान किस्तों में बदलने के लिए लोग अक्सर क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल करते हैं। हालांकि, जिन लोगों के पास क्रेडिट कार्ड नहीं है, बैंक उन्हें अब डेबिट कार्ड ईएमआई (Debit Card EMI) की सुविधा भी प्रदान करते हैं। यह सुविधा बैंक खाते में जमा राशि के बजाय बैंक द्वारा दी जाने वाली प्री-अप्रूव्ड कंज्यूमर लोन (Pre-approved Consumer Loan) लिमिट पर काम करती है। लेकिन कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या केवल अपने ही बैंक अकाउंट से जुड़े डेबिट कार्ड की ईएमआई चुकाने से सिबिल स्कोर पर कोई सकारात्मक असर पड़ता है।

क्या डेबिट कार्ड EMI से सुधरता है सिबिल?

जवाब है हां, बिल्कुल पड़ता है। जब भी आप डेबिट कार्ड के जरिए किसी सामान को ईएमआई पर खरीदते हैं, तो बैंक उसे आपकी ओर से लिया गया एक अनसिक्योर्ड कंज्यूमर लेंडिंग (Consumer Durable Loan) मानता है। भले ही खरीदारी डेबिट कार्ड से हुई हो, लेकिन बैंक इस लोन अकाउंट की पूरी जानकारी सिबिल (CIBIL), एक्सपिरियन (Experian) और इक्विफैक्स (Equifax) जैसे क्रेडिट ब्यूरोज को रिपोर्ट करता है। इस लोन का आपकी क्रेडिट हिस्ट्री में एक नया खाता दर्ज हो जाता है।

जब आप हर महीने तय तारीख पर अपने बैंक खाते से ऑटो-डेबिट (Auto-debit) के जरिए ईएमआई की किस्त बिना किसी देरी के समय पर चुकाते हैं, तो क्रेडिट ब्यूरो में आपका रीपेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड (Repayment History) मजबूत होता जाता है। चूंकि सिबिल स्कोर की गणना में 35% से ज्यादा योगदान रीपेमेंट हिस्ट्री का ही होता है, इसलिए लगातार 6 से 12 महीने तक बिना कोई चूक किए समय पर किस्तें भरने से आपका सिबिल स्कोर तेजी से बढ़ने लगता है। यह उन लोगों के लिए बेहतरीन जरिया है जिनका क्रेडिट इतिहास शून्य (Zero Credit History) है या जो पहली बार क्रेडिट स्कोर बनाना चाहते हैं।

कब दिक्कत बन जाता है डेबिट कार्ड EMI?

हालांकि, डेबिट कार्ड ईएमआई का फायदा उठाने के साथ-साथ कुछ बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है, वरना यह आपके स्कोर को बिगाड़ भी सकता है। यदि ईएमआई की तारीख पर आपके बैंक खाते में पर्याप्त बैलेंस (Insufficient Balance) नहीं रहता है और किस्त बाउंस (Bounce) हो जाती है, तो न केवल बैंक आप पर बाउंस चार्ज लगाएगा, बल्कि क्रेडिट ब्यूरो में यह डिफ़ॉल्ट या लेट पेमेंट के रूप में रिपोर्ट हो जाएगा। इससे आपका सिबिल स्कोर तेजी से नीचे गिर सकता है।

डेबिट कार्ड ईएमआई उन लोगों के लिए सिबिल स्कोर सुधारने या नया क्रेडिट स्कोर बनाने का बेहद सुरक्षित और आसान विकल्प है, जिनके पास क्रेडिट कार्ड नहीं है। बस यह ध्यान रखें कि केवल उतनी ही राशि की ईएमआई बनवाएं जितना आप हर महीने आसानी से चुका सकें और ईएमआई कटने की तारीख से एक दिन पहले ही अपने खाते में पर्याप्त पैसा जरूर बनाकर रखें।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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