नौकरीपेशा लोगों के लिए कर्मचारी भविष्य निधि (EPFO) में जमा राशि वित्तीय सुरक्षा का एक बेहद मजबूत जरिया होती है। मेडिकल इमरजेंसी, बच्चों की पढ़ाई, शादी या मकान बनाने जैसी जरूरतों के वक्त लोग अपने पीएफ (PF) खाते से एडवांस या फाइनल विड्रॉल (PF Withdrawal) का क्लेम दाखिल करते हैं। हालांकि, कई बार सही जानकारी न होने की वजह से ईपीएफओ द्वारा पीएफ क्लेम रिजेक्ट कर दिया जाता है। क्लेम दाखिल करने से पहले यह जानना बेहद जरूरी है कि पीएफ से पैसे निकालने की सीमाएं क्या हैं और किन परिस्थितियों में आपका आवेदन खारिज हो सकता है।
एक महीने में कितनी बार निकाल सकते हैं PF का पैसा?
कर्मचारियों के मन में अक्सर यह सवाल उठता है कि वे एक महीने में कितनी बार या पूरे कार्यकाल में कितनी बार पीएफ से पैसा निकाल सकते हैं। ईपीएफओ के नियमों के मुताबिक, आप अलग-अलग कारणों के लिए जीवन में तय बार ही एडवांस विड्रॉल कर सकते हैं। उदाहरण के लिए, बीमारी या मेडिकल इमरजेंसी के नाम पर आप जरूरत के हिसाब से क्लेम कर सकते हैं, जबकि मकान खरीदने या निर्माण के लिए पूरे कार्यकाल में सिर्फ एक बार ही पीएफ एडवांस मिलता है। बच्चों की शादी या उच्च शिक्षा के लिए नौकरी के 7 साल पूरे होने के बाद अधिकतम 3 बार तक क्लेम लिया जा सकता है। लेकिन एक ही उद्देश्य के लिए बार-बार एक ही महीने में क्लेम डालने पर ईपीएफओ आवेदन रिजेक्ट कर देता है।
पीएफ क्लेम खारिज होने की एक बड़ी वजह तारीखों का सही तालमेल न होना (Date Mismatch) है। नौकरी बदलने या छोड़ने की स्थिति में यदि एम्प्लॉयर द्वारा ईपीएफओ पोर्टल पर 'डेट ऑफ एग्जिट' (Date of Exit) गलत दर्ज की गई है या उसमें देरी हुई है, तो पीएफ क्लेम अटक जाता है। उदाहरण के लिए, यदि आपकी नौकरी छूटने की तारीख पोर्टल पर सही समय पर अपडेट नहीं हुई है और आप 2 महीने बाद होने वाला पूरा पीएफ विड्रॉल क्लेम समय से पहले जमा कर देते हैं, तो ईपीएफओ आपके फॉर्म को तुरंत खारिज कर देगा।
क्यों रिजेक्ट होता है क्लेम?
इसके अतिरिक्त, क्लेम रिजेक्ट होने के कुछ अन्य तकनीकी और प्रशासनिक कारण भी हैं। यदि आपके यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) से आधार, पैन और बैंक खाते की केवाईसी (KYC) पूरी तरह से लिंक और वैलिडेट नहीं है, तो क्लेम प्रोसेस नहीं होता। अगर बैंक पासबुक या चेक की कॉपी साफ अपलोड नहीं की गई है, जिस पर आपका नाम, खाता संख्या और आईएफएससी कोड स्पष्ट न हो, तो भी आवेदन निरस्त कर दिया जाता है। साथ ही, नाम, जन्मतिथि या पिता के नाम में ईपीएफओ और आधार के बीच जरा सा भी अंतर होने पर क्लेम रिजेक्ट हो जाता है।
पीएफ क्लेम रिजेक्शन से बचने के लिए हमेशा अपनी केवाईसी डिटेल्स पहले ही जांच लें। क्लेम सबमिट करने से पहले सुनिश्चित करें कि आपकी 'डेट ऑफ जॉइनिंग' और 'डेट ऑफ एग्जिट' ईपीएफओ पोर्टल पर सही दर्ज है। अगर आप नौकरी में रहते हुए एडवांस निकाल रहे हैं, तो क्लेम का सही कारण (Reason for Advance) चुनें और चेकbook या पासबुक की एकदम साफ प्रति ही अपलोड करें।
