बिजनेस

Share Market के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा हफ्ता, कहां दिखी मजबूती कहां हुई गिरावट

भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रहा, क्योंकि निवेशकों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच मल्टी-एसेट रणनीति की ओर रुख किया। अस्थिरता सूचकांक, इंडिया वीआईएक्स, 1.43 प्रतिशत घटकर 13.54 पर आ गया, जो बाजार में कम अस्थिरता को दर्शाता है। विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी के बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने अपना आशावादी रुख बनाए रखा।

Image

Share Market के लिए उतार-चढ़ाव भरा रहा हफ्ता

Photo : iStock

Share Market This Week: भारतीय शेयर बाजार के लिए यह सप्ताह उतार-चढ़ाव भरा रहा, क्योंकि निवेशकों ने भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के बीच मल्टी-एसेट रणनीति की ओर रुख किया। डोनाल्ड ट्रंप भी 47वें अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वापसी करने जा रहे हैं। बाजार के जानकारों के अनुसार, मजबूत अमेरिकी डॉलर और हाई वैल्यूएशन के कारण बाजार में सेल-ऑन सेंटीमेंट बना हुआ है, जिससे घरेलू बेंचमार्क सूचकांकों ने सप्ताह का समापन निराशा के साथ किया। मजबूत गिरावट के बाद, बेंचमार्क सूचकांकों ने शुक्रवार को कुछ राहत की सांस ली। हालांकि, निफ्टी सूचकांक 24,005 पर नकारात्मक नोट पर बंद हुआ।

ऐसा रहा हफ्ते का आखिरी दिन

अस्थिरता सूचकांक, इंडिया वीआईएक्स, 1.43 प्रतिशत घटकर 13.54 पर आ गया, जो बाजार में कम अस्थिरता को दर्शाता है। असित सी मेहता इन्वेस्टमेंट इंटरमीडिएट्स लिमिटेड के ऋषिकेश येदवे ने कहा, "जब तक सूचकांक 23,900 से ऊपर बना रहता है, तब तक निफ्टी के लिए 'बाय-ऑन डिप्स' रणनीति की सिफारिश की जाती है।" शुक्रवार को सेंसेक्स 720.60 अंक या 0.90 प्रतिशत की गिरावट के साथ 79,223.11 पर और निफ्टी 183.90 अंक या 0.76 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,004.75 पर बंद हुआ।

ऑटो सेक्टर का जबरदस्त प्रदर्शन

निफ्टी बैंक 616.75 अंक या 1.20 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50,988.8 पर बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 177.15 अंक या 0.30 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,931.05 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 46.65 अंक या 0.24 प्रतिशत की गिरावट के साथ 19,033.70 पर बंद हुआ। दिसंबर में मजबूत बिक्री के कारण ऑटो सेक्टर ने दूसरे सूचकांकों से बेहतर प्रदर्शन किया। मिड और स्मॉल कैप में धीमी रिकवरी देखने को मिली, जबकि लार्ज कैप में गिरावट रही।

एक्सपर्ट्स की राय

विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की लगातार निकासी के बीच, घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने अपना आशावादी रुख बनाए रखा। आगामी तिमाही के लिए निवेशक नए साल में सतर्क बने हुए हैं। जानकारों के अनुसार, ट्रंप की आर्थिक नीतियों और हाई-वैल्यूएशन को लेकर अनिश्चितता अल्पावधि में शेयर बाजार को प्रभावित कर सकती है। खासकर उभरते बाजारों में यह प्रभाव दिखाई दे सकता है। निवेशकों द्वारा बजट से पहले अपेक्षाओं के आधार पर अपने पोर्टफोलियो को अलाइन करने की संभावना है। जियोजित फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि एफओएमसी मिनट, यूएस नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी दर जैसे प्रमुख डेटा बिंदु बाजार की धारणा को प्रभावित करेंगे।

pawan mishra
Pawan Mishra author

पवन कुमार मिश्रा Timesnowhindi.com के साथ फरवरी 2024 से बतौर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में जुड़े हैं। जन्म दिल्ली में हुआ और शिक्षा भी यहीं से पूरी की है। कारों से खास प्रेम है और ऑटोमोबाइल जगत से संबंधित हर छोटी-बड़ी अपडेट पर अपनी नजर रखते हैं और लोगों को गाड़ियों से संबंधित आवश्यक जानकारी प्रदान करते हैं। इसके साथ ही लोगों की आम समस्याओं और समस्याओं के समाधान के बारे में यूटिलिटी सेक्शन में भी लिखते हैं। संगीत में काफी रूचि है और व्यस्त न होने पर गाने गुनगुनाते या सुनते हुए नजर आते हैं। घूमने का भी काफी शौक है और प्रकृति से काफी लगाव भी। रामजस कॉलेज से हिंदी साहित्य में स्नातक की डिग्री प्राप्त की है और इससे पहले बिजनेसवर्ल्ड हिंदी में बतौर सब-एडिटर भी काम कर चुके हैं। पिछले 3.5 सालों से मीडिया इंडस्ट्री में मौजूद हैं।

और पढ़ें
End of Article