क्रिकेट

AUS vs BAN: ऑस्ट्रेलियाई कोच मैकडोनाल्ड ने अपने इस बल्लेबाज को दी चेतावनी, अब रन बनाने ही होंगे

AUS vs BAN Test Series 2026: बांग्लादेश के खिलाफ पहले टेस्ट मैच में शर्मनाक हार के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम के कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड भी हताश व गुस्से में नजर आ रहे हैं। अब उन्होंने टीम के अनुभवी बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन को बातों-बातों में चेतावनी दे डाली है कि अब उन्हें रन बनाने ही होंगे वर्ना उनकी जगह टीम में शायद आगे ना बने।

Image

मार्नस लाबुशेन

Photo : AP

AUS vs BAN: पहले टेस्ट में बांग्लादेश के हाथों ऑस्ट्रेलिया की हार के बाद, ऑस्ट्रेलियाई हेड कोच एंड्रयू मैकडोनाल्ड ने माना कि उनके नंबर तीन बल्लेबाज मार्नस लाबुशेन रन नहीं बना पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि बल्लेबाज "रन बनाने में संघर्ष कर रहे हैं" और उन्हें कुछ बड़े स्कोर बनाने की जरूरत है। मार्नस की एशेज 2023 के बाद से पहले टेस्ट शतक की तलाश जारी रही, क्योंकि वह डार्विन में बांग्लादेश के खिलाफ सिर्फ 1 और 31 रन ही बना पाए। दूसरी पारी में अच्छी शुरुआत के बावजूद बड़ी पारी न खेल पाने के कारण ऑस्ट्रेलिया के पास बचाव के लिए पर्याप्त रन नहीं थे, कैमरन ग्रीन की शानदार पारी की बदौलत वे दूसरी पारी में सिर्फ 56 रनों की बढ़त बना पाए। बांग्लादेश ने आसानी से लक्ष्य हासिल कर लिया और ऑस्ट्रेलियाई जमीन पर अपनी पहले टेस्ट जीत दर्ज की। गौरतलब है कि बांग्लादेश की टीम 23 साल बाद ऑस्ट्रेलिया में कोई टेस्ट सीरीज खेल रही है।

साल 2023 में यूके के एशेज दौरे के दौरान इंग्लैंड के खिलाफ अपने आखिरी टेस्ट शतक के बाद से, मार्नस का टेस्ट में औसत 25.23 रहा है। उन्होंने 42 पारियों में सिर्फ 959 रन बनाए हैं, जिसमें उनके नाम सिर्फ 9 अर्धशतक हैं और उनका सर्वश्रेष्ठ स्कोर 90 रन रहा है। बीच-बीच में उन्होंने शानदार खेल दिखाया है, लेकिन बांग्लादेश के खिलाफ सीरीज दांव पर होने के कारण, ऑस्ट्रेलिया के मुख्य नंबर 3 बल्लेबाज के लिए समय कम होता दिख रहा है।

मैकडोनाल्ड ने माना कि दूसरी पारी में सुधार के बावजूद लाबुशेन को रन बनाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भले ही वह अच्छे दिख रहे थे, लेकिन "आखिरकार यह सिर्फ 31 रन ही थे"।क्रिकइन्फो के अनुसार मैकडोनाल्ड ने कहा, "असल बात यह है कि हमें रन चाहिए। मुझे लगता है कि उन्होंने दूसरी पारी में 31 रन बनाए, और जब तक वह आउट नहीं हुए, तब तक कोई भी कह सकता था कि वह अच्छी लय में दिख रहे थे।"

उन्होंने आगे कहा, "वो अच्छी तरह से मूव कर रहे थे, पैड पर आई गेंदों को अच्छे से खेल रहे थे और ग्राउंड के सामने की तरफ शॉट खेल रहे थे। इसलिए मेरे लिए यहां बैठकर उनका बचाव करना आसान है, लेकिन आखिरकार ये 31 रन ही हैं। यह कोई बड़ा स्कोर नहीं है। वह रन नहीं बना पाए हैं। उन्हें भी यह महसूस होता है। हमें भी यह महसूस होता है। कोचिंग ग्रुप के तौर पर हम बहुत कड़ी मेहनत कर रहे हैं। सिर्फ खिलाड़ी के बारे में बात करना काफी नहीं है, कोचिंग पर भी बात करनी होगी। हमें मार्नस से भी बेस्ट परफ़ॉर्मेंस निकलवानी है और हम इस पर काम कर रहे हैं।"

मैकडोनाल्ड ने मार्नस की बैटिंग में दिखे बदलावों की तारीफ की और कहा कि यह अच्छी बात है, हालांकि उन्होंने माना कि कुछ मौकों पर ऐसा लगा कि वह दबाव में फंस गए थे। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि हमने उनके खेलने के तरीके में कुछ बदलाव देखे, जो अच्छी बात है। कुछ बदलावों पर काम करने के बाद भी कभी-कभी दबाव में खिलाड़ी फंस जाता है, और यह हमेशा मुश्किल होता है। आप बदलाव करने की कोशिश करते हैं, लेकिन जब आप बीच में बहुत ज्यादा दबाव में होते हैं, तो कभी-कभी वे बदलाव टिक नहीं पाते। इसलिए उन्हें टिके हुए देखना अच्छा लगा।"

उन्होंने अंत में कहा, "लेकिन वह 31 रन पर आउट हुए। वह इस गंवाए हुए मौके से निराश हैं। उन्हें बड़े स्कोर की जरूरत है।" सीरीज जीतने के इरादे से बांग्लादेश 22 अगस्त से मैके में दूसरा टेस्ट खेलेगा। ऑस्ट्रेलिया अभी भी वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप (WTC) में टॉप पर है, लेकिन अगर चौथे नंबर पर मौजूद बांग्लादेश सीरीज जीत जाता है और अगर क्लीन स्वीप करता है, तो बड़ा उलटफेर और अंक तालिका में फेरबदल भी हो सकता है।

Shivam Awasthi
शिवम अवस्थीauthor

शिवम् अवस्थी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स डेस्क के इंचार्ज हैं। इनको खेल पत्रकारिता में तकरीबन 17 सालों का अनुभव है। इनको क्रिकेट, फुटबॉल और टेनिस में खास रुचि है। उन्हें खेलना भी पसंद है और वो देहरादून में फुटबॉल व क्रिकेट इंटर डिस्ट्रिक्ट चैंपियनशिप में विजेता टीम के कप्तान भी रहे। पत्रकारिता में कदम रखने के कुछ समय बाद कॉमनवेल्थ गेम्स 2010 का संपूर्ण फील्ड कवरेज किया और कई ब्रेकिंग न्यूज दी। कई चर्चित भारतीय एथलीटों के इंटरव्यू लिए हैं। 2011 वनडे क्रिकेट वर्ल्ड कप का ऑनफील्ड रहकर शहर-शहर घूमते हुए पूरा टीवी कवरेज किया। विश्व कप से पहले युवा विराट कोहली का इंटरव्यू किया। डिजिटल जैसे-जैसे आगे बढ़ा उन्हें ब्रेट ली, सुनील गावस्कर, राहुल द्रविड़, जैसे तमाम धुरंधरों के साक्षात्कार किए और 16 वर्षीय ऋषभ पंत का पहला डिजिटल इंटरव्यू किया जिसे इंग्लिश और हिंदी वेबसाइट पर काफी रीडरशिप मिली। उन्होंने स्पोर्ट्स मल्टी पॉडकास्ट भी किया। आईपीएल के 18 सीजन से ऑनफील्ड जुड़े रहे। अब तक तकरीबन 6000 से ज्यादा एक्सक्लूसिव स्टोरीज लिख चुके हैं। साल 2025 में खेल जगत के तमाम बड़े रिकॉर्ड्स व आंकड़ों को ट्रैक किया है और उन पर आर्टिकल तैयार किए हैं।

और पढ़ें
End of Article