Laptop Imports: सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंम्यूटर को बिना लाइसेंस के भारत में आयात करने की समय सीमा 3 महीने तक बढ़ा दी है। हाल ही में सरकार ने लैपटॉप, टैबलेट और पर्सनल कंम्यूटर के भारत में आयात करने के लिए लाइसेंस का होना अनिवार्य कर दिया था। अचानक आए इस फैसले से लैपटॉप बनाने वाली कंपनियों को लाइसेंस के लिए बहुत कम समय मिल पाया था। इस कदम से उन कंपनियों को राहत मिलने की उम्मीद है, जो सरकार के आदेश के बाद तनाव में हैं।
विदेश व्यापार महानिदेशालय (डीजीएफटी) ने शुक्रवार देर रात जारी एक आदेश में कहा कि 3 अगस्त (गुरुवार) की अधिसूचना 1 नवंबर से प्रभावी होगी। इसमें कहा गया है, "प्रतिबंधित आयात के लिए लाइसेंस के बिना आयात खेप को 31 अक्टूबर, 2023 तक मंजूरी दी जा सकती है। 1 नवंबर, 2023 से प्रभावी आयात खेप की मंजूरी के लिए, प्रतिबंधित आयात के लिए वैध लाइसेंस की आवश्यकता है।"
यूजर्स की सुरक्षा को देखते हुए लिया गया निर्णय
यह कदम यूजर्स की सुरक्षा के लिहाज से इन डिवाइसों के हार्डवेयर में मौजूद खामियों को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। लाइसेंस के आधार पर आयात की मंजूरी देने से केंद्र सरकार इसपर नजर रख पाएगी कि भारत में किस देश में निर्मित लैपटॉप एवं टैबलेट आ रहे हैं। इससे सुरक्षा संबंधी चिंताओं का समाधान करने में मदद मिलेगी। वहीं इस कदम से चीन और कोरिया जैसे देशों से इनकी आवक शिपमेंट में भी कमी आएगी।
चीन के अलावा भी मिलेंगे दूसरे विकल्प
यह निर्णय देश में बने उत्पादों को भी बढ़ावा देगा, ऐसे समय में जब भारत ने अपनी भविष्य की विकास महत्वाकांक्षाओं के लिए इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण को एक प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्र के रूप में पहचाना है और चीन के बाहर अपने ऑपरेशन में बदलाव लाने के इच्छुक वैश्विक दिग्गजों से निवेश आकर्षित करने की उम्मीद कर रहा है।
कितने साल का मिलेगा लाइसेंस?
इसके अलावा, सूत्रों ने कहा कि लाइसेंस एक साल के लिए लिया जा सकता है और कहा कि कंपनियां कई बार आवेदन कर सकती हैं और कई यूनिट्स भी लाइसेंस के लिए आवेदन कर सकती हैं। डीजीएफटी ने कंपनियों/व्यापारियों के लिए लाइसेंस के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए एक पोर्टल तैयार किया है।
44 कंपनियां पहले ही पंजीकृत
पीएलआई 2.0 आईटी हार्डवेयर योजना के तहत, 44 कंपनियां पहले ही पंजीकृत हो चुकी हैं और दो कंपनियों ने 31 जुलाई, 2023 तक योजना पोर्टल पर अपना आवेदन दाखिल किया है। कंपनियां 30 अगस्त, 2023 तक आवेदन जमा कर सकती हैं। सूत्रों ने कहा कि एचपी सहित दो कंपनियों ने पीएलआई योजना के तहत पहले ही आवेदन कर दिया गया है।
