बिजनेस

ग्लोबल बाजारों में तनाव बढ़ा, एशियाई बाजार लाल, KOSPI 3% लुढ़का, गिफ्ट निफ्टी में भी नरमी

अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत को लेकर पिछले दो-तीन दिन में ग्लोबल शेयर बाजारों में राहत देखने केा मिली है। लेकिन, इस बातचीत को किसी नतीजे पर नहीं पहुंचते देख फिर से तनाव बढ़ने लगा है। फिलहाल, गुरुवार को भारतीय बाजार में तो अवकाश है। लेकिन, एशियाई बाजारों में गिरावट है। गिफ्ट निफ्टी में भी नरमी देखने को मिल रही है।

Image

एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी

Global Market Today 26 March: अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत किसी नतीजे पर नहीं पहुंचती देखकर ग्लोबल बाजारों में दबाव बढ़ता दिख रहा है। गुरुवार सुबह ज्यादातर एशियाई इंडेक्स लाल निशान में रहे, जहां KOSPI में 3% की बड़ी गिरावट दर्ज हुई। गिफ्ट निफ्टी भी नरम रहा, जिससे भारतीय बाजार में भी कमजोरी आने के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि, भारतीय बाजार आज रामनवमी के अवकाश के चलते बंद हैं। लेकिन, ये सेंटिमेंट अगले सत्र में रिफ्लेक्ट हो सकता है।

एशियाई बाजारों में बिकवाली हावी

गुरुवार की सुबह एशियाई बाजारों में व्यापक कमजोरी देखने को मिली। KOSPI करीब 3% टूटकर सबसे ज्यादा दबाव में रहा, जो निवेशकों की घटती जोखिम लेने की क्षमता को दर्शाता है। Hang Seng Index में 1% से ज्यादा की गिरावट दर्ज हुई, जबकि Nikkei 225 भी लाल निशान में कारोबार करता दिखा। इस गिरावट के पीछे ग्लोबल संकेतों की कमजोरी और मुनाफावसूली दोनों प्रमुख वजहें मानी जा रही हैं। निवेशक फिलहाल सुरक्षित रणनीति अपनाते दिख रहे हैं, जिससे इक्विटी बाजारों पर दबाव बना हुआ है।

इंडेक्सलेटेस्ट लेवलबदलाव (%)ट्रेंड
KOSPI5,470.96-3.04%तेज गिरावट
Hang Seng Index24,975.00-1.42%दबाव
Jakarta Composite7,240.46-0.84%कमजोरी
Nikkei 22553,495.00-0.47%हल्की गिरावट
Shanghai Composite3,913.20-0.47%दबाव
GIFT Nifty23,186.50-0.39%कमजोर संकेत

गिफ्ट निफ्टी दे रहा कमजोर संकेत

GIFT Nifty में करीब 0.4% की गिरावट दर्ज हुई है, जो भारतीय बाजार के लिए कमजोर शुरुआत के संकेत देता है। आमतौर पर गिफ्ट निफ्टी ग्लोबल संकेतों का शुरुआती प्रतिबिंब होता है और इसमें नरमी यह दिखाती है कि घरेलू बाजार पर बाहरी दबाव बना रह सकता है। विदेशी निवेशकों की सतर्कता और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारतीय बाजार की धारणा पर पड़ना तय माना जा रहा है।

US और यूरोप से मिले मिक्स्ड संकेत

अमेरिकी बाजारों में S&P 500 और Nasdaq Composite में हल्की तेजी देखने को मिली, लेकिन टेक्निकल संकेत अब भी कमजोर बने हुए हैं। Dow Jones Futures में गिरावट यह बताती है कि बाजार में स्थिरता अभी दूर है। यूरोप में DAX और FTSE 100 में मजबूती रही, लेकिन ओवरऑल ट्रेंड अभी भी दबाव में बना हुआ है, जिससे यह तेजी सीमित मानी जा रही है।

सेगमेंटइंस्ट्रूमेंटलेटेस्ट लेवलबदलाव (%)ट्रेंड
कमोडिटीBrent Crude103.73+1.47%मजबूती
कमोडिटीWTI Crude Oil91.89+1.74%मजबूती
कमोडिटीGold4,515.36-0.30%कमजोरी
करेंसीDollar Index99.66+0.01%स्थिर
करेंसीUSD/INR93.97+0.10%रुपया कमजोर

कच्चे तेल की तेजी ने बढ़ाई चिंता

कमोडिटी बाजार में Brent Crude 100 डॉलर के ऊपर बना हुआ है। कच्चे तेल की कीमतों में यह तेजी महंगाई को लेकर चिंता बढ़ा रही है, जो आगे चलकर ब्याज दरों को प्रभावित कर सकती है। ऊंचे तेल के दाम इक्विटी बाजार के लिए निगेटिव संकेत माने जाते हैं, क्योंकि इससे कॉरपोरेट लागत बढ़ती है और उपभोक्ता मांग पर असर पड़ता है।

बाजार में बढ़ी सतर्कता

ग्लोबल बाजारों की मौजूदा स्थिति यह साफ संकेत देती है कि निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं। एशिया में गिरावट, गिफ्ट निफ्टी की कमजोरी और तेल की तेजी मिलकर बाजार में अनिश्चितता बढ़ा रहे हैं। ऐसे में भारतीय बाजार में भी उतार-चढ़ाव बने रहने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

डिस्क्लेमर: TimesNow Hindi किसी स्टॉक, म्यूचुअल फंड, आईपीओ में निवेश की सलाह नहीं देता है। यहां पर केवल जानकारी दी गई है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की राय जरूर लें।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article