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सितंबर के लिए ही बने हैं भारत के ये 7 टूरिस्ट प्लेस, इस बार कर लें एक्सप्लोर

September Travel Destinations In India: अगर आप सितंबर के महीने में उमस भरी गर्मी से बाय बोलकर कहीं ट्रिप पर जाना चाहते हैं तो भारत की ये 7 जगह आपके लिए परफेक्ट रहने वाली हैं।

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सितंबर में कहां घूमने जाएं

September Travel Destinations In India: सितंबर आते ही घूमने का मौसम एक बार फिर करवट लेने लगता है। देश के कई हिस्सों में अगस्त की लगातार बारिश का असर कम होने लगता है और पहाड़ी इलाकों में आसमान साफ होने के साथ नजारे और ज्यादा खूबसूरत दिखाई देने लगते हैं। कुछ जगहों पर मानसून की हरियाली बनी रहती है तो कुछ जगहों पर मौसम ठंडा और आरामदायक होने लगता है।

यही वजह है कि सितंबर को भारत घूमने के लिए एक शानदार ट्रांजिशन मंथ माना जा सकता है। इस महीने आपको एक ही देश में बर्फीले पहाड़, फूलों से भरी घाटियां, झीलों का शहर, रेगिस्तानी राज्य की हरियाली और दक्षिण भारत की मानसूनी खूबसूरती देखने का मौका मिल सकता है। अगर इस सितंबर ट्रिप प्लान कर रहे हैं तो इन जगहों को अपनी लिस्ट में जरूर शामिल करें।

1. लद्दाख

लद्दाख सितंबर में एडवेंचर और पहाड़ों के शौकीनों के लिए बेहतरीन विकल्प बन जाता है। लेह, पैंगोंग, नुब्रा और मैग्नेटिक हिल जैसे इलाके इस महीने अलग ही रंग में नजर आते हैं। लद्दाख में सितंबर के दौरान ऊंचाई वाले रास्तों पर मौसम आमतौर पर यात्रा के अनुकूल रहता है और इस महीने यहां का प्रमुख पर्यटन सीजन अपने अंतिम दौर में होता है।

सितंबर की एक खास वजह यह भी है कि लद्दाख फेस्टिवल 21 से 23 सितंबर 2026 तक लेह में आयोजित होगा। इस दौरान पारंपरिक परिधान, लोकनृत्य, संगीत और स्थानीय संस्कृति की झलक मिलती है।जो लोग बाइक ट्रिप पसंद करते हैं, उनके लिए सितंबर की शुरुआत भी खास है। लद्दाख प्रशासन के अनुसार 1 से 7 सितंबर तक अगले तीन वर्षों के लिए लद्दाख बाइक वीक आयोजित किया जाना है।

2. स्पीति वैली

अगर आपको सामान्य हिल स्टेशन से कुछ अलग देखना है तो सितंबर में स्पीति वैली बेहतरीन विकल्प है। हिमाचल की यह ऊंचाई वाली घाटी अपने बंजर पहाड़ों, मठों, गांवों और ठंडे रेगिस्तानी परिदृश्य के लिए जानी जाती है।

स्पीति समुद्र तल से करीब 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित है और अप्रैल से अक्टूबर तक यहां घूमने का अच्छा समय माना जाता है। सितंबर आते-आते शाम और रात में ठंड बढ़ने लगती है, इसलिए गर्म कपड़े जरूरी रहेंगे। काजा, की मठ, धनकर, ताबो और किब्बर जैसी जगहों को इस ट्रिप में शामिल किया जा सकता है। सितंबर में यहां का आसमान, पहाड़ों की साफ रेखाएं और सुनहरी पड़ती वनस्पतियां तस्वीरों को खास बना देती हैं।

3. कश्मीर

कश्मीर को लोग सिर्फ गर्मियों या सर्दियों के लिए याद करते हैं, मगर सितंबर में भी इसकी खूबसूरती अलग स्तर पर दिखाई देती है। श्रीनगर की डल झील, मुगल गार्डन और शहर के आसपास के पहाड़ी इलाकों में घूमना इस मौसम में काफी सुखद अनुभव दे सकता है।

श्रीनगर की पहचान डल झील और शिकारा की सवारी से जुड़ी है। सितंबर में कश्मीर की ट्रिप में श्रीनगर के साथ पहलगाम और गुलमर्ग को जोड़ा जा सकता है। सुबह और शाम हल्की ठंड महसूस हो सकती है, जबकि दिन के समय मौसम घूमने के लिहाज से आरामदायक रह सकता है।

4. वैली ऑफ फ्लावर्स

उत्तराखंड की वैली ऑफ फ्लावर्स सितंबर में उन यात्रियों के लिए शानदार जगह है जिन्हें ट्रेकिंग और पहाड़ों के बीच फूलों की घाटी देखना पसंद है। उत्तराखंड पर्यटन के अनुसार यहां जुलाई से सितंबर के बीच फूलों की सबसे अधिक बहार रहती है और अगस्त-सितंबर में हजारों फूल खिलते हैं।

यहां 600 से अधिक फूलों की प्रजातियां दर्ज हैं और घाटी करीब 3,600 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। रास्ते में झरने, जलधाराएं, हरे ढलान और ऊंचे हिमालयी पहाड़ ट्रेक को और खास बनाते हैं। सितंबर में खासकर महीने के शुरुआती और मध्य हिस्से में जाना ज्यादा आकर्षक हो सकता है। इस ट्रिप के लिए ट्रेकिंग की तैयारी और मौसम की ताजा स्थिति जरूर देखनी चाहिए।

5. उदयपुर

राजस्थान सुनते ही लोग रेगिस्तान और तेज गर्मी की तस्वीर सोचते हैं, मगर सितंबर में उदयपुर इस धारणा को बदल देता है। बारिश के बाद अरावली की पहाड़ियां हरी हो जाती हैं और झीलों के आसपास का नजारा बेहद खूबसूरत नजर आता है। मानिए बारिश के बाद उदयपुर और निखर जाता है।

राजस्थान पर्यटन के अनुसार जुलाई से सितंबर तक मॉनसून के दौरान उदयपुर का साज-सौंदर्य खास हो जाता है। सज्जनगढ़ बायोलॉजिकल पार्क के लिए भी जुलाई से सितंबर को अच्छा समय है। पिछोला झील, सिटी पैलेस, सज्जनगढ़ और जगदीश मंदिर को यात्रा में शामिल किया जा सकता है। बारिश के बाद झीलों में पानी और आसपास की हरियाली इस शहर को एक अलग ही रूप देती है।

6. मुन्नार

केरल का मुन्नार सितंबर में प्रकृति प्रेमियों के लिए आकर्षक विकल्प है। यहां पहाड़ों पर फैले चाय के बागान, धुंध और हरियाली मिलकर एक अलग माहौल तैयार करते हैं।

केरल में जून से सितंबर तक दक्षिण-पश्चिम मानसून रहता है। इस दौरान केरल का मौसम बारिश से भरा रहता है और पहाड़ी क्षेत्रों में ठंडा व आकर्षक वातावरण मिलता है। मुन्नार में चाय बागानों के साथ एराविकुलम, मट्टुपेट्टी और आसपास के व्यूपॉइंट्स देखे जा सकते हैं। सितंबर में यहां मानसून का असर बना रह सकता है, इसलिए रेन गियर के साथ जाना बेहतर रहेगा।

7. कुर्ग

कर्नाटक का कुर्ग यानी कोडागु सितंबर में उन यात्रियों के लिए अच्छा विकल्प है जो लंबी पहाड़ी ट्रिप के बजाय शांत और हरियाली से भरी छुट्टी चाहते हैं। मानसून के बाद कॉफी एस्टेट, जंगल और झरनों का रंग और गहरा हो जाता है। अब्बे फॉल्स, मंडलपट्टी, राजा सीट और कॉफी बागानों में घूमना इस यात्रा की खासियत बन सकता है।

कुर्ग की असली खूबसूरती उसकी रफ्तार में नहीं बल्कि उसके सुकून में है। यहां सुबह किसी कॉफी एस्टेट के बीच शुरू करना और शाम को धुंध से ढकी पहाड़ियों के बीच घूमना पूरे ट्रिप को खास बना सकता है।

कैसे तय करें प्लान

अगर आपका फोकस पहाड़ और एडवेंचर है तो लद्दाख और स्पीति सबसे मजबूत विकल्प हैं। अगर हरियाली और ट्रेकिंग पसंद है तो वैली ऑफ फ्लावर्स और मेघालय बेहतर रहेंगे। रोमांटिक और आरामदायक ट्रिप के लिए कश्मीर और उदयपुर बढ़िया हैं। वहीं प्रकृति और सुकून चाहिए तो मुन्नार और कुर्ग की यात्रा की जा सकती है।

इन बातों का रखें ध्यान

हिमालयी इलाकों में मौसम तेजी से बदल सकता है। लद्दाख, स्पीति, वैली ऑफ फ्लावर्स जैसी जगहों पर निकलने से पहले सड़क की स्थिति, परमिट और स्थानीय मौसम की जानकारी जरूर जांच लें।

सितंबर में हर जगह बारिश खत्म नहीं होती है। इस दौरान केरल जैसे राज्यों में बारिश जारी रह सकती है, जबकि उत्तर भारत के ऊंचे इलाकों में मौसम काफी बदल चुका होता है। मानसून यात्रा के लिए रेनकोट, छाते और वाटरप्रूफ जूते साथ रखें।

Mohit Tiwari
मोहित तिवारीauthor

मोहित तिवारी को पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 साल का अनुभव है। इन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रतिष्ठित न्यूजपेपर में फील्ड रिपोर्टिंग से की थी। मोहित ने प्रिंट, टीवी और डिजिटल तीनों प्लेटफॉर्म पर काम किया है। देश-विदेश, लाइफस्टाइल, धर्म और आध्यात्मिक विषयों में गहरी रुचि रखने वाले मोहित ने ज्योतिष का भी व्यापक अध्ययन किया है। मोहित के आलेख लाइफस्टाइल, हेल्थ, न्यूज, धर्म, ज्योतिष आदि विषयों पर गहरी शोध और प्रामाणिकता पर आधारित होते हैं और इन विषयों पर वह 12,000 से अधिक आर्टिकल लिख चुके हैं।

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