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मानसून का रौद्र रूप बरकरार! उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट तो झारखंड-ओडिशा में बाढ़ का खतरा; अरुणाचल में भी बिगड़ेगा मौसम

देश के कई राज्यों में लगातार हो रही भारी बारिश से बाढ़, भूस्खलन और जलभराव की स्थिति पैदा हो गई है। उत्तराखंड, झारखंड और ओडिशा में प्रशासन ने अलर्ट जारी कर राहत-बचाव कार्य तेज कर दिए हैं, जबकि कई इलाकों में सड़कें और संपर्क मार्ग प्रभावित हुए हैं। अरुणाचल प्रदेश में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की है।

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मानसून की रफ्तार ने बढ़ाई टेंशन! (AI फोटो)

Monsoon 2026: देश के कई हिस्सों में लगातार हो रही मानसूनी बारिश ने जनजीवन को प्रभावित किया है और प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया है। उत्तराखंड में देहरादून समेत चार जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। बारिश के चलते भूस्खलन से कई सड़कें बाधित हुई हैं, जबकि नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ में नदियों के उफान तथा बांध का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की चेतावनी दी गई है। ओडिशा में भी लगातार बारिश के कारण उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है और लाखों लोग प्रभावित हुए हैं। राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत एवं बचाव दलों की तैनाती बढ़ा दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। अरुणाचल प्रदेश में भी कई जिलों में भारी बारिश, गरज-चमक और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग ने लोगों से नदी-नालों के किनारे जाने से बचने, अनावश्यक यात्रा न करने और स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

उत्तराखंड में देहरादून समेत चार जिलों में बारिश का ऑरेंज अलर्ट

उत्तराखंड की कई जगहों पर लगातार भारी बारिश के कारण भूस्खलन से अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं और नदी-नाले उफान पर आ गए जबकि मौसम विभाग द्वारा मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी व उधमसिंह नगर जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट तथा शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी किए जाने के मद्देनज़र प्रशासन पूरी तरह चौकस है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटों में प्रदेश में अनेक स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गई। मुख्य रूप से नरेंद्रनगर में 265 मिमी, काशीपुर में 170, यमकेश्वर में 174, कोटद्वार में 141, रामनगर में 131, सहस्रधारा में 120.5 मिमी, हाथीबड़कला में 119.5, मालदेवता में 114, काशीपुर में 111.5, जसपुर में 100 मिमी, कालाढूंगी में 83.5, बाजपुर में 71, देहरादून में 70.6, मसूरी में 65.5 और रामनगर में 53 मिमी बारिश दर्ज की गई। बारिश से भूस्खलन के कारण प्रदेश में अनेक सड़कें अवरुद्ध हो गईं जिन्हें खोलने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार, उत्तरकाशी जिले में दुर्बिल एवं जंगलचट्टी के पास मलबा आने से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग अवरुद्ध हो गया। इसके अलावा, भारी बारिश के दौरान चमोली जिले में स्थित कल्पेश्वर मंदिर परिसर में मलबा घुस गया। हालांकि, घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए बना खतरा

उधर, लगातार बारिश से प्रदेश में नदी-नालों का बढ़ता जलस्तर लोगों के लिए खतरा बन रहा है जहां देहरादून और ऋषिकेश क्षेत्र में दो घटनाओं में छह छात्रों समेत आठ लोग फंस गए। हालांकि, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) ने उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ से मिली सूचना के अनुसार, ऋषिकेश में सोमवार रात करीब साढ़े नौ बजे बारिश से उफनाई बीन नदी में एक मैक्स वाहन के पलटने की सूचना मिली जिसके बाद तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया गया। इसने बताया कि कड़ी मशक्कत के बाद वाहन में फंसे एक व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया लेकिन दूसरा व्यक्ति वाहन के भीतर फंसा रहा और नदी के तेज बहाव के साथ कुछ दूरी तक बह गया जिससे बचाव अभियान बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया। इसके बाद एसडीआरएफ की एक और टीम मौके पर बुलाई गई जिसके समन्वित प्रयास से उस व्यक्ति को भी बाहर निकाला गया। दोनों व्यक्तियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। एसडीआरएफ के मुताबिक, दूसरी घटना देहरादून के थान गांव में हुई जहां जंगल में ’ट्रेकिंग’ के लिए गए एक निजी विश्वविद्यालय के आधा दर्जन छात्र वापसी में तेज बारिश से स्वारना नदी के बढ़े जलस्तर के कारण वहीं फंस गए। सूचना मिलते ही डाकपत्थर से एसडीआरएफ की एक टीम ने करीब छह किलोमीटर पैदल चलकर छात्रों तक पहुंच बनाई और सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। एसडीआरएफ के सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील करते हुए कहा कि नदी-नालों का जलस्तर अचानक बढ़ सकता है, इसलिए पर्यटक और छात्र बारिश के दौरान नदी किनारे जाने से बचें तथा मौसम का पूर्वानुमान देखने के बाद ही ’ट्रेकिंग’ या अन्य गतिविधियों की योजना बनाएं। उधर, मौसम विभाग ने मंगलवार को देहरादून, टिहरी, पौड़ी और उधमसिंह नगर में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी के साथ ऑरेंज अलर्ट तथा शेष जिलों में येलो अलर्ट जारी किया है। इसे देखते हुए संबंधित जिलों के अधिकारियों को सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। तेज बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए देहरादून में कक्षा एक से 12 तक के स्कूलों की छुट्टी कर दी गई।

झारखंड के दो जिलों में भारी बारिश के बाद बाढ़ का अलर्ट जारी

झारखंड के पूर्वी सिंहभूम और रामगढ़ जिलों में लगातार बारिश के कारण खरकई और स्वर्णरेखा नदियों के खतरे के निशान से ऊपर बहने और पतरातू बांध का जलस्तर बढ़ने के मद्देनजर मंगलवार को अलर्ट जारी किया गया। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। पूर्वी सिंहभूम में जिला प्रशासन ने स्थानीय निकायों को सतर्क किया और अधिकारियों को जमशेदपुर में दोनों नदियों के बढ़ते जलस्तर पर लगातार नजर रखने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर 122.96 मीटर से ऊपर पहुंच गया है, जो 121.50 मीटर के खतरे के निशान से 1.46 मीटर अधिक है। वहीं, खरकई नदी का जलस्तर 134.37 मीटर है, जो 129 मीटर के खतरे के स्तर से 5.37 मीटर ऊपर है। प्रशासन ने खासकर नदी के जलग्रहण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों से सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर आश्रय स्थलों में जाने की अपील की। लोगों को उफनती नदियों के पास जाने से बचने की सलाह भी दी गई। रामगढ़ में पतरातू बांध का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया, जिसके बाद पतरातू थर्मल पावर स्टेशन (पीटीपीएस) और जिला प्रशासन ने दामोदर नदी के निचले इलाकों में स्थित गांवों के लिए बाढ़ की चेतावनी जारी की। राज्य के जल संसाधन विभाग के तहत आने वाले पीटीपीएस के संपदा अधिकारी विवेक सिंह ने बताया कि बांध का जलस्तर 1,326.5 आरआरएल तक पहुंच गया है, जो निर्धारित 1,327.5 आरआरएल स्तर से केवल एक फुट नीचे है। उन्होंने कहा, "पिछले 48 घंटों में बांध के जलग्रहण क्षेत्र और ऊपरी इलाकों में लगातार बारिश के कारण जलाशय का जलस्तर तेजी से बढ़ा है।" उपायुक्त ऋतुराज ने बताया कि चेतावनी जारी होने के बाद बचाव दल, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) के कर्मियों और स्वयंसेवकों को तैयार रखा गया है। अधिकारियों ने बताया कि बांध अधिकारियों ने प्रशासन को सूचित किया है कि अगर जलस्तर और बढ़ता है तो बांध के गेट खोलने पड़ सकते हैं। एक अधिकारी ने कहा, "गेट केवल जरूरत के अनुसार ही खोले जाएंगे। हम जिला प्रशासन के लगातार संपर्क में हैं और बांध से पानी छोड़े जाने से पहले इसकी जानकारी दे दी गई है।"

ओडिशा में बाढ़ की स्थिति गंभीर

बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बने अवदाब के कारण पिछले 24 घंटे में हुई भारी बारिश से मंगलवार को ओडिशा के उत्तरी जिलों में बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। भारी बारिश से कई नदिया उफना गई है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने जाजपुर और भद्रक जिलों के बाढ़ प्रभावित गांवों का दौरा करने के बाद मौजूदा स्थिति की समीक्षा के लिए उच्चस्तरीय बैठक की और तत्काल उठाए जाने वाले कदमों पर चर्चा की। बाढ़ से करीब 9.40 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने अब तक 3.30 लाख प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में बना अवदाब अब झारखंड और उससे सटे पश्चिम बंगाल के उत्तरी हिस्सों की ओर बढ़ गया है। हालांकि, भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मंगलवार को ओडिशा के कुछ हिस्सों में भारी बारिश जारी रहने का पूर्वानुमान जताया है। IMD ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा और बरगढ़ जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। वहीं, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों के लिए भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया गया है। मौसम विभाग ने सुंदरगढ़, झारसुगुड़ा, बरगढ़, संबलपुर, देवगढ़, क्योंझर, सोनपुर और बलांगीर जिलों में बिजली कड़कने तथा 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने का भी अनुमान जताया है।

अब तक 273 मिलीमीटर बारिश दर्ज

ओडिशा तट के पास समुद्र की स्थिति खराब रहने की संभावना को देखते हुए आईएमडी ने मछुआरों को 18 अगस्त को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) कार्यालय के अनुसार, पिछले 24 घंटे में मयूरभंज जिले के बहलदा में 273 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जबकि रायरंगपुर में 207 मिलीमीटर और बालासोर में 93.1 मिलीमीटर बारिश हुई। जल संसाधन विभाग के मुख्य अभियंता दिलीप कुमार राउत ने कहा कि जाजपुर, भद्रक और केंद्रापड़ा जिलों में बाढ़ का कारण बनी बैतरणी और ब्राह्मणी नदियों का जलस्तर फिलहाल स्थिर है, लेकिन सुंदरगढ़ और झारसुगुड़ा में भारी बारिश के कारण इनके जलस्तर में बढ़ोतरी की संभावना है। राउत ने बताया कि झारखंड के ऊपरी जलग्रहण क्षेत्रों में भारी बारिश के कारण स्वर्णरेखा नदी का जलस्तर भी बढ़ सकता है। इससे बालासोर जिले के बस्ता, बालीपाल और जलेश्वर समेत कई प्रखंडों में बाढ़ का पानी घुस सकता है। उन्होंने कहा, "झारखंड से छोड़ा गया अतिरिक्त बाढ़ का पानी बुधवार को बालासोर पहुंचने की आशंका है।" राउत ने महानदी नदी तंत्र में बाढ़ की संभावना से इनकार करते हुए कहा कि विशेषज्ञों के अनुमान के मुताबिक हीराकुंड बांध के 10 गेटों से पानी छोड़े जाने के बाद कटक के पास मुंडली में करीब चार लाख क्यूसेक पानी बहने की संभावना है। उन्होंने बताया कि हीराकुंड जलाशय में वर्तमान जलस्तर 619.97 फुट है, जबकि इसका पूर्ण जलाशय स्तर 630 फुट है। इस बीच, राज्य सरकार ने प्रभावित जिलों में राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। प्रभावित इलाकों में ओडिशा त्वरित कार्य बल (ओडीआरएएफ) की 45 टीमें, एनडीआरएफ की आठ टीमें और अग्निशमन सेवा की 53 इकाइयां तैनात की गई हैं।

अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश का पूर्वानुमान

वहीं मौसम विभाग ने बुधवार से अरुणाचल प्रदेश के कई हिस्सों में भारी बारिश और बिजली चमकने का पूर्वानुमान जताया है। IMD के अनुसार, तवांग, पश्चिम कामेंग, पूर्वी कामेंग, पापुम पारे, लोअर सुबनसिरी, अपर सुबनसिरी, पूर्वी सियांग, लोअर दिबांग, लोहित, अंजॉ, नामसाई, चांगलांग, तिरप और लोंगडिंग समेत कई जिलों में भारी बारिश होने का अनुमान है। आईएमडी ने बताया कि गुरुवार और शुक्रवार को भी कई जिलों में बारिश और गरज-चमक जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार, सप्ताहांत तक मौसम में धीरे-धीरे सुधार होने की संभावना है। प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को मौसम खराब रहने के दौरान सतर्क रहने और आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। लोगों से पेड़ों या कमजोर ढांचों के नीचे शरण लेने से बचने, यात्रा से पहले सड़क एवं यातायात की स्थिति की जानकारी लेने, अनावश्यक यात्रा से बचने और अधिकारियों द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा गया है। अधिकारियों ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि स्थानीय मौसम की स्थिति तेजी से बदल सकती है। बारिश के कारण पूर्वोत्तर राज्य में बाढ़ और भूस्खलन के कारण अब तक 12 लोगों की मौत होने की आशंका है। इस आपदा से 28 जिलों में 1,55,858 लोग प्रभावित हुए हैं।

Nilesh DwivedI
निलेश द्विवेदीauthor

निलेश द्विवेदी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में काम कर रहे हैं। वे शहरों से जुड़ी लोकल घटनाएं, क्राइम, राजनीति, इंफ्रास्ट्रक्चर और राज्यवार अपडेट्स पर लगातार काम करते हैं। निलेश महत्वपूर्ण विवरणों को चुनने और पाठकों की रुचि के हिसाब से कंटेंट को प्रभावी तरीके से पेश करने के लिए जाने जाते हैं। डिजिटल न्यूजरूम के रफ्तार भरे माहौल में वे हर खबर को सटीक एंगल, आसान भाषा और उपयोगी जानकारी के साथ पेश करने पर फोकस करते हैं और अबतक 2,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं।

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