एशिया के सबसे अमीर व्यक्ति और जाने-माने उद्योगपति गौतम अडानी का अडानी ग्रुप बड़े स्तर पर फंड रेजिंग (पैसा जुटाने की प्रक्रिया) करने वाला है। उनका ग्रुप इस बार आईपीओ के बजाय एफपीओ (फॉलो ऑन पब्लिक ऑफर) के जरिए 20,000 करोड़ रुपए जुटाएगा।
समूह की ओर से शुक्रवार (25 नवंबर, 2022) को कहा गया कि वह कारोबारी विस्तार के लिए इक्विटी शेयर के जरिए 20,000 करोड़ रुपए जुटाएगा। शेयर बाजार को दी जानकारी के मुताबिक, अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड ताजा इक्विटी शेयर के निर्गम के जरिए रकम जुटाएगी।
यह सार्वजनिक पेशकश अडानी एंटरप्राइजेज लिमिटेड (एईएल) की मदद करेगी, जो समूह की प्रमुख कंपनी है। मौजूदा समय में यह नागरिक उड्डयन से लेकर डेटा केंद्रों तक का कारोबार करती है।
दरअसल, प्रवर्तकों के पास फिलहाल एईएल के 72.63 प्रतिशत शेयर हैं। शेष 27.37 फीसदी में करीब 20 प्रतिशत बीमा कंपनियों और विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों के पास हैं। एईएल के शेयर पिछले एक साल में बढ़कर दोगुने से अधिक हो गए हैं, जिससे इसका बाजार पूंजीकरण 4.46 लाख करोड़ रुपए हो गया है। अडानी ग्रुप का कारोबार बंदरगाह, ऊर्जा से लेकर सीमेंट उ्दयोग तक फैला है।
अडानी की कंपनी अडानी विल्मर का इससे पहले इसी साल फरवरी में आईपीओ (इनिशियल पब्लिक ऑफर) आया था, जबकि इस बार आने वाले एफपीओ से कहा जा रहा है कि कंपनी की एईएल को सहायता मिलेगी। वैसे, एफपीओ और आईपीओ अलग होते हैं। एफपीओ के अंतर्गत मार्केट में पहले से लिस्ट कंपनी नए शेयर्स जारी कर फंड रेज (रकम जुटाना) करती हैं।
इस बीच, न्यू डेल्ही टेलीविजन (एनडीटीवी) वाली डील पर उन्होंने डॉ.प्रणय रॉय को चेयरमैन बने रहने का ऑफर दिया। उन्होंने दो टूक कहा है कि एनडीटीवी खरीदना बिजनेस नहीं बल्कि दायित्व है। (पीटीआई इनपुट्स के साथ)
