SpaceX IPO: एलन मस्क की स्पेस कंपनी SpaceX दुनिया का सबसे बड़ा IPO लाने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी 70-75 अरब डॉलर तक जुटा सकती है, जो अब तक का सबसे बड़ा इश्यू होगा। यह रकम इतनी बड़ी है कि इससे SpaceX का वैल्यूएशन करीब $1.75 ट्रिलियन यानी करीब ₹165 लाख करोड़ होगा। यह इतनी बड़ी रकम है कि भारत की टॉप 25 कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी इतना नहीं होता है। यह दुनिया की पहली कंपनी होगी, जिसकी लिस्टिंग ही ट्रिलियन डॉलर मार्केट कैप के साथ होगी।
भारत की टॉप 25 कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹135 से ₹145 लाख करोड़ के दायरे में बैठता है, जो मौजूदा विनिमय दर (लगभग ₹9 प्रति डॉलर) के हिसाब से करीब $1.45 ट्रिलियन से $1.55 ट्रिलियन के बराबर है।
दुनिया का सबसे बड़ा IPO
SpaceX अपने IPO के जरिए करीब 75 अरब डॉलर तक जुटाने पर विचार कर रही है। यह आंकड़ा पहले सामने आए 50 अरब डॉलर के अनुमान से कहीं ज्यादा है। अगर यह डील पूरी होती है, तो यह इतिहास का सबसे बड़ा IPO बन सकता है। अब तक के सबसे बड़ी IPO से इसकी तुलना करें तो Saudi Aramco ने 2019 में 29 अरब डॉलर जुटाए थे, जो अब तक का सबसे बड़ा IPO है। SpaceX का संभावित इश्यू इससे दोगुने से भी ज्यादा हो सकता है।
$1.75 ट्रिलियन वैल्यूएशन
SpaceX IPO के दौरान $1.75 ट्रिलियन से ज्यादा की वैल्यूएशन टारगेट कर सकती है। अगर ऐसा होता है, तो कंपनी सीधे दुनिया की सबसे बड़ी कंपनियों की लिस्ट में शामिल हो जाएगी। यह वैल्यूएशन S&P 500 की कई बड़ी कंपनियों से भी ज्यादा होगी। अनुमान के मुताबिक यह Meta Platforms और Tesla से भी बड़ी बन सकती है।
स्पेसटेक का कॉम्बिनेशन
SpaceX ने हाल ही में xAI का अधिग्रहण किया है, जिससे कंपनी का टेक्नोलॉजी पोर्टफोलियो और मजबूत हुआ है। इस डील ने कंपनी के वैल्यूएशन को और बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। स्पेस लॉन्च, सैटेलाइट इंटरनेट (Starlink) और AI के कॉम्बिनेशन के साथ SpaceX खुद को एक फ्यूचर-रेडी टेक जायंट के रूप में पेश कर रही है।
कब आ सकता है IPO
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट्स के मुताबिक SpaceX जून में IPO लॉन्च करने की तैयारी कर रही है, हालांकि टाइमलाइन में बदलाव संभव है। कंपनी जल्द ही कॉन्फिडेंशियल फाइलिंग कर सकती है, जिससे प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो जाएगी।
मार्केट पर क्या होगा असर
इतने बड़े IPO का असर ग्लोबल मार्केट पर भी दिख सकता है। यह लिक्विडिटी को आकर्षित करेगा और टेक सेक्टर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ा सकता है। हालांकि इतनी बड़ी वैल्यूएशन पर लिस्टिंग बाजार में वोलैटिलिटी भी बढ़ा सकती है, खासकर तब जब ग्लोबल मार्केट पहले से दबाव में हों।
