नई दिल्ली। दिग्गज कारोबारी अनिल अंबानी (Anil Ambani) को बड़ी राहत मिली है। बॉम्बे हाईकोर्ट ने सोमवार को रिलायंस ग्रुप के चेयरपर्सन के खिलाफ काला धन अधिनियम (Black Money Act) के तहत पैसों का खुलासा नहीं करने के लिए इनकम टैक्स डिपार्टमेंट के प्रॉसिक्युशन नोटिस पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही 17 नवंबर तक अनिल अंबानी के खिलाफ कोई भी दंडात्मक कार्रवाई नहीं करने का निर्देश दिया गया है। आयकर विभाग ने 63 वर्षीय अनिल अंबानी को काला धन कानून के तहत नोटिस भेजकर पूछा था कि उन पर मुकदमा क्यों न चलाया जाए।
करोड़ों की टैक्स चोरी का आरोप
रिपोर्ट के अनुसार, पहले 8 अगस्त 2022 को इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अंबानी को दो स्विस बैंक अकाउंट में रखे 814 करोड़ रुपये से ज्यादा के अघोषित धन पर नोटिस जारी किया था। उनपर कथित रूप से 420 करोड़ रुपये की टैक्स चोरी का आरोप है। डिपार्टमेंट ने 63 वर्षीय अनिल अंबानी पर टैक्स चोरी का आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्होंने जानबूझकर भारत के टैक्स अधिकारियों को अपने विदेशी बैंक अकाउंट की जानकारी और वित्तीय हितों के बारे में नहीं बताया।
अंबानी ने खटखटाया था खटखटाया था
इस महीने की शुरुआत में अंबानी ने नोटिस को चुनौती देते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इसमें दावा किया गया था कि काला धन कानून साल 2015 में लागू किया गया था, जबकि कथित लेनदेन 2006-2007 और 2010-2011 के हैं। अंबानी की ओर से पेश वरिष्ठ वकील रफीक दादा ने कहा कि अधिनियम के प्रावधान पिछली तारीख से प्रभावी नहीं हो सकते। आयकर विभाग की ओर से पेश अधिवक्ता अखिलेश्वर शर्मा ने याचिका पर जवाब देने के लिए समय मांगा।
न्यायमूर्ति एस वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति आर एन लड्ढा की खंडपीठ ने इसकी अनुमति दी और याचिका पर सुनवाई के लिए 17 नवंबर की तारीख तय की।
अदालत ने कहा, 'आयकर विभाग अगली तारीख तक याचिकाकर्ता (अंबानी) के खिलाफ कारण बताओ नोटिस के तहत कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं करेगा।'
पीठ ने आयकर विभाग को अंबानी की इस दलील का जवाब देने को भी कहा कि काला धन कानून के प्रावधान पिछली तरीख से लागू नहीं हो सकते।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
