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बाबा रामदेव की Patanjali का प्रॉफिट 63 फीसदी घटा, खाद्य तेल ने दिया झटका

Patanjali Foods FY24 Q1 results: बाबा रामदेव की पतंजलि फूड्स लिमिटेड ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। कंपनी के शुद्ध लाभ में 64 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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Patanjali का प्रॉफिट 63 फीसदी घटा

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • पतंजलि फूड्स का प्रॉफिट घटा
  • इनकम में हुआ इजाफा
  • खाद्य तेल की कीमतों से पड़ा असर

Patanjali Foods FY24 Q1 results: बाबा रामदेव (Baba Ramdev) की पतंजलि फूड्स लिमिटेड (Patanjali Foods) ने चालू वित्त वर्ष 2023-24 की पहली तिमाही के फाइनेंशियल रिजल्ट घोषित कर दिए हैं। कंपनी के शुद्ध लाभ में 64 प्रतिशत की गिरावट आई है। कंपनी का प्रॉफिट पिछले साल की समान तिमाही के मुकाबले घट कर 87.75 करोड़ रुपये रह गया है। आगे जानिए क्यों घटा कंपनी का प्रॉफिट।

खाद्य तेल ने बिगाड़ा खेल

खाद्य तेल की कीमतों में गिरावट के कारण कंपनी के प्रॉफिट में इतनी भारी गिरावट आई है। वहीं खाद्य तेल कंपनी ने बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही यानी अप्रैल-जून में 241.25 करोड़ रुपये का लाभ कमाया था।

कंपनी के अनुसार जून तिमाही में इसकी कुल इनकम बढ़कर 7,810.50 करोड़ रुपये हो गई, जो बीते वित्त वर्ष की समान तिमाही में 7,370.07 करोड़ रुपये थी।

2022-23 की अप्रैल-जून तिमाही के मुकाबले कंपनी की इनकम में इस साल समान तिमाही में करीब 6 फीसदी की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

खाद्य तेल से कितना कमाया

खाद्य तेल सेगमेंट में पतंजलि फूड्स की बिक्री 5,890.73 करोड़ रुपये रही है। खाद्य तेल इनकम में गिरावट के बावजूद वॉल्यूम में कंपनी की बिक्री सालाना आधार पर 35.80 प्रतिशत वृद्धि के साथ 1.4 लाख टन रही है।

फूड और एफएमसीजी सेगमेंट में 1952.46 करोड़ रुपये की बिक्री दर्ज की गई, जो कंपनी की इनकम में 24.84 प्रतिशत का योगदान देती है।

कंपनी के खर्चे बढ़े

पतंजलि फूड्स के अनुसार इसका प्रॉफिट घटने का एक कारण कंपनी के खर्चे बढ़ना भी है। कंपनी के मुताबिक कीमतों में अचानक गिरावट के कारण खाद्य तेल इंडस्ट्री पिछली तिमाही की तुलना में कम कीमतों से प्रभावित हुई और इससे इंडस्ट्री के पास हाई प्राइस इंवेंट्री के साथ-साथ ट्रांजिट में भी स्टॉक बचा रह गया।

कंपनी ने आगे कहा कि हाई प्राइस इन्वेंट्री रखने के बावजूद कीमतें कम करने के लिए सरकार के हस्तक्षेप ने तिमाही के दौरान प्रॉफिटेबिलिटी पर निगेटिव प्रभाव डाला।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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