बिजनेस

8th Pay Commission: रेलवे कर्मचारी संघ ने महंगाई भत्ता, HRA और पेंशन में की बड़े बदलाव की मांग, जानिए डिटेल

8th Pay Commission: IRTSA ने रेलवे कर्मचारियों के लिए नया DA फॉर्मूला, चार-स्तरीय HRA, OPS बहाली, बच्चों की शिक्षा भत्ता बढ़ाने, पांच MACPS अपग्रेडेशन, ज्यादा लीव एनकैशमेंट और यात्रा भत्तों में तीन गुना वृद्धि की मांग की है।

Image

रेलवे कर्मचारियों के संगठन ने की बड़ी मांग (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

8th Pay Commission : भारतीय रेलवे तकनीकी पर्यवेक्षक संघ यानी Indian Railways Technical Supervisors’ Association (IRTSA) ने केंद्र सरकार और रेलवे कर्मचारियों के लिए वेतन, भत्तों और पेंशन व्यवस्था में बड़े बदलाव की मांग की है। संगठन ने कहा है कि कर्मचारियों की मौजूदा जरूरतें पहले से काफी बदल चुकी हैं, इसलिए वेतन और भत्तों की गणना भी नए खर्चों को ध्यान में रखकर की जानी चाहिए। IRTSA ने अपनी सिफारिशों में महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), बच्चों की शिक्षा भत्ता, नाइट ड्यूटी अलाउंस और पेंशन से जुड़े कई अहम बदलाव सुझाए हैं।

DA के लिए नया CPI बनाने की मांग

IRTSA का कहना है कि केंद्रीय कर्मचारियों के लिए महंगाई भत्ता तय करने में इस्तेमाल होने वाला उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) अब पुराना हो चुका है। संगठन ने मांग की है कि कर्मचारियों के खर्चों के अनुसार नया CPI तैयार किया जाए। इसमें इंटरनेट बिल, पैक्ड या बोतलबंद पीने का पानी, स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम और अन्य आधुनिक जरूरतों को भी शामिल किया जाए। संगठन का मानना है कि आज के समय में ये खर्च आम जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन मौजूदा व्यवस्था में इन्हें पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता। इसके अलावा IRTSA ने यह भी मांग की है कि जब DA 50 प्रतिशत तक पहुंच जाए तो उसे मूल वेतन यानी बेसिक पे में जोड़ दिया जाए। यह व्यवस्था पहले 5वें वेतन आयोग के दौरान अपनाई गई थी।

HRA के लिए चार श्रेणियों का प्रस्ताव

रेलवे कर्मचारियों के संगठन ने मौजूदा तीन श्रेणी वाले HRA सिस्टम को बदलकर चार श्रेणियों की नई व्यवस्था लागू करने की मांग की है। IRTSA का कहना है कि शहरों की आबादी और बढ़ते किराए को देखते हुए यह बदलाव जरूरी है। प्रस्ताव के अनुसार 50 लाख से अधिक आबादी वाले A श्रेणी के शहरों में कर्मचारियों को 40 प्रतिशत + DA के बराबर HRA मिलना चाहिए। 20 लाख से 50 लाख आबादी वाले B श्रेणी के शहरों में 30 प्रतिशत + DA, 5 लाख से 20 lakh आबादी वाले C श्रेणी के शहरों में 20 प्रतिशत + DA और 5 लाख से कम आबादी वाले D श्रेणी के शहरों में 10 प्रतिशत + DA HRA देने की मांग की गई है।

नाइट ड्यूटी अलाउंस जारी रखने की सिफारिश

IRTSA ने नाइट ड्यूटी अलाउंस (NDA) को लेकर भी सुझाव दिया है। संगठन चाहता है कि 7वें वेतन आयोग के तहत लागू मौजूदा फॉर्मूला आगे भी जारी रहे। इस फॉर्मूले के अनुसार नाइट ड्यूटी अलाउंस की गणना “बेसिक पे + DA ÷ 200” के आधार पर की जाती है। संगठन का कहना है कि रेलवे में बड़ी संख्या में कर्मचारी रात की ड्यूटी करते हैं, इसलिए यह भत्ता उनके लिए बहुत महत्वपूर्ण है।

बच्चों की शिक्षा भत्ता बढ़ाने की मांग

IRTSA ने बच्चों की शिक्षा भत्ता यानी Children Education Allowance (CEA) में भी बड़ा बदलाव सुझाया है। संगठन चाहता है कि यह सुविधा बच्चों की पोस्ट ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई पूरी होने तक जारी रहे। इसके साथ ही संगठन ने CEA की राशि बढ़ाकर 10 हजार रुपये प्रति माह या वास्तविक खर्च के बराबर करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शिक्षा का खर्च लगातार बढ़ रहा है और मौजूदा भत्ता पर्याप्त नहीं है।

कर्मचारियों को पांच बार प्रमोशन लाभ देने का सुझाव

रेलवे कर्मचारियों के करियर ग्रोथ को बेहतर बनाने के लिए IRTSA ने Modified Assured Career Progression Scheme (MACPS) में बदलाव का सुझाव दिया है। संगठन चाहता है कि कर्मचारियों को 30 साल की सेवा में पांच वित्तीय अपग्रेडेशन मिलें। प्रस्ताव के अनुसार कर्मचारियों को 6, 12, 18, 24 और 30 साल की सेवा पूरी होने पर वित्तीय लाभ दिया जाना चाहिए। इससे कर्मचारियों को समय-समय पर वेतन वृद्धि और प्रमोशन का फायदा मिलेगा।

लीव एनकैशमेंट और यात्रा भत्ता बढ़ाने की मांग

IRTSA ने यह भी मांग की है कि कर्मचारियों को उनके खाते में जमा छुट्टियों में से कम से कम 50 प्रतिशत छुट्टियां नकद कराने की अनुमति मिले। साथ ही रिटायरमेंट के समय लीव एनकैशमेंट की सीमा 300 दिनों से बढ़ाकर 600 दिन की जाए। इसके अलावा संगठन ने सरकारी काम से मुख्यालय से बाहर यात्रा करने वाले कर्मचारियों के लिए रहने, यात्रा और अन्य खर्चों के भत्ते को 7वें वेतन आयोग की सिफारिशों से तीन गुना बढ़ाने की मांग की है।

पुरानी पेंशन योजना बहाल करने की मांग

IRTSA ने रिटायरमेंट लाभों में भी बड़े बदलाव की मांग की है। संगठन चाहता है कि 1 जनवरी 2004 के बाद नौकरी में आए कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना यानी OPS को फिर से लागू किया जाए। इसके साथ ही ग्रेच्युटी की गणना में भी बदलाव का प्रस्ताव दिया गया है। संगठन ने मांग की है कि रिटायरमेंट पर हर छह महीने की पूरी सेवा के लिए कर्मचारियों को बेसिक पे और DA का एक-तिहाई हिस्सा ग्रेच्युटी के रूप में दिया जाए।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article