त्योहारों से पहले सिक्किम सरकार ने राज्य के सरकारी कर्मचारियों और पेंशनधारकों को राहत दी है। सरकार ने कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) और पेंशनधारकों की महंगाई राहत (DR) में बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। बढ़ी हुई दरें 1 जनवरी से प्रभावी मानी जाएंगी। इस फैसले से राज्य सरकार के करीब 50,000 कर्मचारी और पेंशनधारक प्रभावित होंगे।
बढ़कर अब कितना हुआ DA/DR
पुराने मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारी
न्यूज एजेंसी पीटीआई (भाषा) के मुताबिक, सिक्किम सरकार के वित्त विभाग की ओर से जारी परिपत्र के अनुसार, पुराने मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए महंगाई भत्ते और महंगाई राहत की दर 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत कर दी गई है। यानी इस कैटेगरी में आने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों को पहले के मुकाबले 5 प्रतिशत अधिक DA/DR मिलेगा।
संशोधित मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारी
वहीं, संशोधित मूल वेतन ढांचे के तहत वेतन पाने वाले कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए DA/DR को 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत किया गया है। इस तरह इस कैटेगरी के कर्मचारियों और पेंशनधारकों को अब 2 प्रतिशत की बढ़ोतरी का लाभ मिलेगा। यह बदलाव महंगाई के असर को कम करने और कर्मचारियों व पेंशनधारकों को अतिरिक्त आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
सरकार के परिपत्र में यह भी साफ किया गया है कि संशोधित DA की दरें नियमित वेतनमान में संशोधित वेतन पाने वाले संविदा कर्मचारियों (contract employee) पर भी लागू होंगी। इसके अलावा कार्यभारित प्रतिष्ठानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भी इसका लाभ मिलेगा। कार्यभारित प्रतिष्ठान में काम करने वाले कर्मचारी यानि जिनका वेतन किसी विशेष परियोजना या काम के बजट से दिया जाता है।
ऐसे होगी DA या DR की कैलकुलेशन
अखिल भारतीय सेवा यानी AIS अधिकारियों के लिए भी DA में बढ़ोतरी की गई है। छठे केंद्रीय वेतन आयोग के तहत पुराने वेतनमान और ग्रेड पे व्यवस्था में वेतन पाने वाले AIS अधिकारियों का DA 257 प्रतिशत से बढ़ाकर 262 प्रतिशत किया गया है। वहीं, सातवें केंद्रीय वेतन आयोग के आधार पर संशोधित मूल वेतन ढांचे में वेतन पाने वाले AIS अधिकारियों का DA 58 प्रतिशत से बढ़ाकर 60 प्रतिशत कर दिया गया है।
परिपत्र में वेतन की गणना से जुड़ा एक नियम भी बताया गया है। इसके अनुसार, DA या DR की गणना के बाद अगर राशि में 50 पैसे या उससे अधिक का अंश आता है, तो उसे अगले पूरे रुपये में बदल दिया जाएगा। वहीं, 50 पैसे से कम के अंश को छोड़ दिया जाएगा।
