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Maruti Suzuki ने शुरू की WagonR Flex Fuel की डिलीवरी, ISMA के पास पहुंची भारत की पहली फ्लेक्स-फ्यूल कार

मारुति की ओर से देश की पहली फ्लेक्स फ्यूल की डिलीवरी इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) को की गई है।

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मारुति सुजुकी फ्लेक्स-फ्यूल कार

देश में वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने अपनी WagonR Flex Fuel की डिलीवरी शुरू कर दी है। कंपनी ने नई दिल्ली में इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) को इस कार का पहला बैच सौंपकर इसकी आधिकारिक डिलीवरी की शुरुआत की। यह डिलीवरी राष्ट्रीय राजधानी स्थित एक कॉर्पोरेट डीलरशिप के माध्यम से शुरू की गई।

क्या है WagonR Flex Fuel की खासियत?

नई WagonR Flex Fuel को मौजूदा WagonR के प्लेटफॉर्म पर ही तैयार किया गया है, लेकिन इसे अलग-अलग तरह के इथेनॉल-पेट्रोल मिश्रण पर चलने के लिए विशेष रूप से विकसित किया गया है। यह कार E20 से लेकर E100 तक के ईंधन मिश्रण पर चल सकती है। कंपनी का मानना है कि मल्टी-ब्लेंड इंजन तकनीक भविष्य में वाणिज्यिक और व्यक्तिगत दोनों तरह के इस्तेमाल के लिए एक प्रैक्टिकल विकल्प साबित हो सकती है।

Flex Fuel कार की कीमत और इंजन

मारुति सुजुकी (Maruti Suzuki) ने WagonR Flex Fuel को टॉप-स्पेक ZXi+ वेरिएंट के आधार पर तैयार किया है। इसकी एक्स-शोरूम कीमत 7.24 लाख रुपये रखी गई है। कार में 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन दिया गया है, जो 90 bhp की पावर और 113.7 Nm का टॉर्क पैदा करता है। इंजन को 5-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स से जोड़ा गया है। फिलहाल इस मॉडल में ऑटोमैटिक ट्रांसमिशन का विकल्प उपलब्ध नहीं है।

नितिन गडकरी के विजन को मिलेगा समर्थन

WagonR Flex Fuel की लॉन्चिंग और डिलीवरी ऐसे समय पर हुई है जब केंद्र सरकार और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी लगातार इथेनॉल आधारित ईंधन और स्वच्छ ऊर्जा विकल्पों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहे हैं। हाल ही में भारत सरकार ने इंडियन ऑयल के सहयोग से E85 ईंधन डिस्पेंसिंग स्टेशनों की शुरुआत भी की है। इससे फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

E85 ईंधन होगा सस्ता

दिल्ली में E85 ईंधन की कीमत 82.12 रुपये प्रति लीटर है, जो वर्तमान में उपलब्ध E20 पेट्रोल की तुलना में लगभग 20 रुपये प्रति लीटर सस्ता है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए E85 फ्यूल पंपों पर स्पष्ट ब्रांडिंग और अलग पहचान वाले लेबल लगाए जाएंगे ताकि ग्राहक आसानी से सही ईंधन चुन सकें। सरकार का मानना है कि इथेनॉल के इस्तेमाल को बढ़ाने से कच्चे तेल के आयात पर निर्भरता कम होगी और देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी। E85 ईंधन स्टेशनों की शुरुआत और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों की उपलब्धता इस लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। WagonR Flex Fuel की बाजार में एंट्री इसी बड़ी रणनीति का हिस्सा है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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