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G20 Summit: भारत नहीं आएंगे लेकिन चीन जाएंगे पुतिन, ICC के वारंट के बाद पहली बार करेंगे विदेश यात्रा

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 30, 2023, 06:41 PM IST

G20 Summit in Delhi: उम्मीद थी कि वे इस जी-20 समिट के लिए भारत की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम से दूरी बना ली। अब खबर है कि व्लादिमीर पुतिन भारत के बजाए चीन की यात्रा करेंगे। वह अक्टूबर में बीजिंग जा सकते हैं।

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रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन

Photo : BCCL

G20 Summit: देश की राजधानी दिल्ली में होने जा रहे जी-20 शिखर सम्मेलन की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। 9 व 10 सितंबर को इस महासम्मेलन का आयोजन होना है। इस सम्मेलन में जी-20 देशों के राष्ट्राध्यक्ष जुटेंगे, लेकिन सभी की निगाहें रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की तरफ थीं। उम्मीद थी कि वे इस जी-20 समिट के लिए भारत की यात्रा कर सकते हैं, लेकिन उन्होंने इस कार्यक्रम से दूरी बना ली।

अब खबर है कि व्लादिमीर पुतिन भारत के बजाए चीन की यात्रा करेंगे। ब्लूमबर्ग की एक रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन अक्टूबर में बीजिंग में होने वाले बेल्ट एंड रोड फोरम के लिए चीन का दौरा करेंगे। खास बात यह है कि अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की ओर से पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किए जाने के बाद यह उनका पहला विदेशी दौरा होगा।

जिनपिंग के बुलावे पर करेंगे चीन का दौरा

क्रेमलिन के विदेश नीति के सलाहकार यूपी उशकोव ने पहले कहा था कि व्लादिमरी पुतिन BRI फोरम के लिए चीन की यात्रा करने की योजना बना रहे हैं। अब ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से कहा गया है कि राष्ट्रपति पुतिन चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के निमंत्रण पर चीन की यात्रा करेंगे। क्रेमलिन अक्टूबर में उनकी यात्रा की तैयारी कर रहा है। बता दें, यह खबर पुतिन के जी-20 समिट में प्रतिभाग न करने की पुष्टि के बाद सामने आई है।

पीएम मोदी को किया था फोन

बीते 28 अगस्त को पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच टेलीफोनिक बातचीत हुई थी। इस दौरान उन्होंने अपने व्यस्त कार्यक्रम का हवाला दिया था। उन्होंने कहा था कि इस समय उनका सारा ध्यान यूक्रेन में जारी सैन्य अभियान पर है। ऐसे में वह सितंबर में भारत में होने वाले जी-20 शिखर सम्मेलन में शामिल नहीं हो सकेंगे।

मार्च, 2023 में पुतिन के खिलाफ जारी हुआ था वारंट

बता दें, अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय ने यूक्रेन में युद्ध अपराधों के आरोप में पुतिन के खिलाफ वारंट जारी किया था। इसका रूस ने पुरजोर विरोध किया था। बता दें 123 देशों ने रोम चार्टर ऑफ इंटरनेशनल क्रिमिनल कोर्ट पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके तहत ये देश अदालत द्वारा पारित आदेश का पालन करने के लिए बाध्य हैं। इस चार्टर में भारत और चीन शामिल नहीं हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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