Israel Attack On Gaza: उत्तरी गाजा पट्टी में इजराइल द्वारा रात भर किए गए हमले में कम से कम 29 लोग मारे गए हैं। इजराइल ने इस दौरान एक मकान को भी निशाना बनाया जहां विस्थापितों ने शरण ले रखी थी। फलस्तीनी चिकित्सा अधिकारियों ने यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि मकान को निशाना बनाकर किए गए इजराइल के हमले में 19 लोग मारे गए। इजराइल-हमास युद्ध अब भी जारी है और इसका कोई अंत नहीं दिख रहा है। हालांकि, इजराइल ने लेबनान के हिज्बुल्ला के साथ संघर्ष विराम समझौता किया है और सभी का ध्यान सत्ता से हटाए गए सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद पर केंद्रित हो गया है।
गाजा में नुसेरात शरणार्थी शिविर को इजराइल ने बनाया निशाना
कमाल अदवान अस्पताल ने बताया कि इजराइल की सीमा के पास उत्तरी शहर बेत लहिया में रात भर जारी हमले के बाद बुधवार को हताहतों को अस्पताल लाया गया था। हमले में 19 लोगों की मौत हो गई। अस्पताल के रिकॉर्ड से पता चलता है कि मारे गए लोगों में आठ लोगों का एक परिवार शामिल था, जिसमें चार बच्चे, उनके माता-पिता और दादा-दादी शामिल थे। अस्पताल ने बताया कि बुधवार को प्रवेश द्वार के पास हुए एक अन्य हमले में एक महिला और उसके दो बच्चों की मौत हो गई।
अस्पताल ने बताया कि मध्य गाजा में नुसेरात शरणार्थी शिविर को निशाना बनाकर किए गए एक और हमले में कम से कम सात लोग मारे गए। मृतकों में दो बच्चे, उनके माता-पिता और तीन रिश्तेदार शामिल हैं। इस मामले में इजराइल की सेना ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की है। सेना का कहना है कि उसकी कोशिश यही रहती है कि नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचे और आरोप लगाती है कि आतंकवादी नागरिकों के बीच छुपकर उनकी जान को खतरे में डालते हैं।
इजराइल के लगभग 100 बंधक अब भी गाजा के अंदर
सेना ने मध्य गाजा में बने माघाजी शरणार्थी शिविर के ‘पांच ब्लॉक’ क्षेत्र को खाली करने का आदेश दिया था। आदेशों से संकेत मिलता है कि इजराइल जल्द इस क्षेत्र में हमले करेगा। इजराइल अक्टूबर की शुरुआत से ही उत्तरी गाजा में हमास आतंकवादियों के विरुद्ध नए सिरे से हमले कर रहा है। युद्ध की शुरुआत तब हुई जब सात अक्टूबर, 2023 को हमास के नेतृत्व वाले आतंकवादियों ने इजराइल पर धावा बोल दिया। हमास के इस हमले में लगभग 1200 लोग मारे जा चुके हैं। इनमें ज्यादातर आम नागरिक थे और लगभग 250 लोगों का अपहरण कर लिया गया। लगभग 100 बंधक अब भी गाजा के अंदर हैं, जिनमें से कम से कम एक तिहाई के मारे जाने की आशंका है।
