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अंतरिक्ष से UAE के एस्ट्रोनॉट ने शेयर किया VIDEO, हवा में उड़ता दिखा सैंडविच, बोतल से निकलकर गोल हो गया शहद

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Aug 22, 2023, 04:32 PM IST

UAE Astronaut Sultan AlNeyadi Viral Video: सुल्तान अल-नियादी ब्रेड पर शहद लगाते दिख रहे हैं। इसके बाद वह शहद की बोतल और सैंडविच को हवा में ही छोड़ देते हैं। ग्रैविटी न होने के कारण बोतल और सैंडविच उसी क्षेत्र में तैरते रहते हैं।

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यूएई के एस्ट्रोनॉट का वीडियो वायरल

Photo : Twitter

UAE Astronaut Sultan AlNeyadi Viral Video: अंतरिक्ष की दुनिया रहस्यों से भरी हुई है। पृथ्वी की तरह वहां का जीवन सामान्य नहीं है। ऐसे में हम सभी के मन में अक्सर यह सवाल आता है कि एस्ट्रोनॉट अंतरिक्ष में कैसे जिंदगी जीते होंगे, वे क्या खाते-पीते होंगे। अब UAE के एक एस्ट्रोनॉट सुल्तान अल-नियादी ने एक वीडियो शेयर किया है। इसमें उन्होंने दिखाया है कि अंतरिक्ष यात्री क्या खाते हैं और कैसे रहते हैं।

सुल्तान अल-नियादी की ओर से साझा किए वीडियो में वे ब्रेड पर शहद लगाकर खाते हुए दिख रहे हैं। उन्होंने ट्विटर पर पोस्ट किए गए वीडियो के कैप्शन में लिखा, क्या आपने कभी सोचा है कि अंतरिक्ष में शहद कैसे बनता है? मेरे पास अमीराती शहद बचा हुआ है, जिसका मैं समय-समय पर आनंद लेता हूं। शहद खाने के कई फायदे हैं, खासकर अंतरिक्ष यात्रियों के स्वास्थ्य के लिए। बता दें, अल-नियादी ने इसके अलावा भी अंतरिक्ष के कई वीडियो शेयर किए हैं।

क्या है वीडियो में

साझा किए गए वीडियो में अल-नियादी ब्रेड पर शहद लगाते दिख रहे हैं। वे ब्रेड पर शहद लगाने के लिए बोलत को उल्टा करने की बजाय सीधा ही रखते हैं, क्योंकि अंतरिक्ष में ग्रैविटी नहीं होती है। यही कारण है कि शहद जमीन पर नहीं गिरता है और ऊपर की ओर निकलता है। ब्रेड पर लगने के बाद शहद गोलाकार आकार ले लेता है।

हवा में तैरती दिखी सैंडविच

वीडियो में अल-नियादी कई बाद शहद की बोतल और सैंडविच को हवा में छोड़ते हैं, लेकिन ग्रैविटी न होने के कारण वह हवा में ही तैरने लग जाती है। थोड़ी देर में वह सैंडविच की एक बाइट लेते हैं और उसे दोबारा हवा में छोड़ देते हैं, लेकिन वह उसी क्षेत्र में तैरता रहता है। अल-नियादी का वीडियो खूब शेयर किया जा रहा है और सोशल मीडिया यूजर्स भी इस वीडियो पर मेजदार कमेंट कर रहे हैं।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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