Dark Comet: खगोलविदों ने सात और डार्क कॉमेट की खोज की है और इनका विश्लेषण भी किया है जिससे पता चला है कि ये रहस्यमय डार्क कॉमेट दो अलग-अलग परिवारों से ताल्लकु रखते हैं जिसकी वजह से यह रहस्य और भी ज्यादा गहरा गया कि ये पिंड क्षुद्रग्रहों जैसे क्यों दिखते हैं, जबकि उनका व्यवहार एकदम धूमकेतुओं जैसा है।
स्पेसडॉटकॉम की रिपोर्ट के मुताबिक, क्षुद्रग्रहों और धूमकेतुओं के बीच की विभाजन रेखा धुंधली हो गई है। 'मुख्य-बेल्ट धूमकेतु', जिन्हें सक्रिय क्षुद्रग्रह भी कहा जाता है, क्षुद्रग्रह बेल्ट में पाए जाने वाले बर्फीले पिंड हैं। इन पिंडों में क्षुद्रग्रहों के गुण होते हैं, लेकिन डार्क कॉमेट इसके विपरीत होते हैं जिनमें धूमकेतु की कुछ विशेषताएं होती है।
डार्क कॉमेट और कॉमेट में अंतर
कॉमेट यानी धूमकेतु, जो अक्सर आसमान को रोशन करते हैं, लेकिन आप सोच रहे होंगे कि डार्क कॉमेट आखिर कैसी बला है। बता दें कि डार्क कॉमेट ऐसे धूमकेतु हैं, जो पृथ्वी के करीब मौजूद होते हैं और दिखाई नहीं देते हैं और इन्हें संभवत: पृथ्वी के लिए खतरनाक माना जाता है।
डार्क कॉमेट (अंधकारमय धूमकेतु) के पास धूमकेतु की तरह कोई पूंछ नहीं होती है, लेकिन धूमकेतु की तरह वह अंतरिक्ष में भ्रमण जरूर करते हैं।
दक्षिणी कैलिफोर्निया में नासा की जेट प्रोपल्शन प्रयोगशाला के डेविड फरनोचिया ने बताया कि धूमकेतु की सतह से अस्थिर पदार्थ निकलता है, लेकिन हमने जितनी बार भी कोशिश की, हमें धूमकेतु की पूंछ का कोई संकेत नहीं मिला। हमने इस रहस्यमयी गति को पहले भी देखा है। 2017 में अंतरतारकीय वस्तु 1I/'ओउमुआमुआ अंतरतारकीय अंतरिक्ष की ओर वापस जाने से पहले आंतरिक सौरमंडल से गुजरी थी। उस वक्त ओउमुआमुआ से कोई पूंछ या निकलती हुई गैस नहीं दिखाई दी थी।
डार्क कॉमेट के प्रकार
इस बीच, मिशिगन स्टेट यूनिवर्सिटी के डेरिल सेलिगमैन ने कहा कि हमारे पास इतनी बड़ी संख्या में काले धूमकेतु थे कि हम पूछ सकते थे कि क्या ऐसा कुछ है जो उन्हें अलग कर सकता है। हालांकि, हमने पाया कि हमारे सौरमंडल में दो अलग-अलग प्रकार के डार्क कॉमेट हैं।
एक बाहरी सौरमंडल में गैस और बर्फ के दिग्गजों के दायरे में छिपे हैं। दूसरा समूह आतंरिक सौरमंडल में स्थित हैं, जो बुध, शुक्र, पृथ्वी और मंगल के साथ कक्षाओं को साझा करते हैं।
डार्क कॉमेट की कक्षाएं
बकौल रिपोर्ट, बाहरी डार्क कॉमेट बड़े होते हैं, जिनका व्यास सैकड़ों मीटर या उससे ज्यादा हो सकता है, जबकि आंतरिक डार्क कॉमेट बेहद छोटे होते हैं जिनका व्यास दसियों मीटर या उससे कम हो सकता है। बाहरी डार्क कॉमेट की कक्षाएं अधिक अंडाकार होती है, जो सामान्य धूमकेतुओं की तरह होती हैं, जबकि आंतरिक डार्क कॉमेट की कक्षाएं ग्रहों की तरह अधिक गोलाकार होती हैं।
