दुनिया

सूडान में कोहराम: दारफुर की अदालत पर सेना का भीषण हमला, 35 लोगों की मौत

मानवाधिकार समूह ने इस हमले की निष्पक्ष और त्वरित अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, इस हमले और आरोपों पर सूडानी सेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या टिप्पणी सामने नहीं आई है।

Image

सूडान में सेना के हमले में 35 की मौत

Photo : AP

Sudanese Army Drone Strike: सूडान के हिंसा प्रभावित दारफुर क्षेत्र में एक बार फिर बड़ा नागरिक संहार देखने को मिला है। एक स्वतंत्र मानवाधिकार संस्था के अनुसार, सूडानी सेना द्वारा किए गए एक ड्रोन हमले में उत्तर डारफूर राज्य की एक सिविल कोर्ट को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 35 लोगों की जान चली गई। यह हमला सूडान में जारी गृहयुद्ध के दौरान नागरिकों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचों पर बढ़ते खतरों को उजागर करता है।

अदालत परिसर पर सीधा हमला

सूडान में हो रहे अत्याचारों का दस्तावेजीकरण करने वाले स्वतंत्र मानवाधिकार समूह 'इमर्जेंसी लॉयर्स' (Emergency Lawyers) के अनुसार, यह हमला रविवार दोपहर को उत्तर डारफूर राज्य के 'अल-जाविया गारा' (Al-Zawiya Gara) गांव में स्थित सिविल कोर्ट के मुख्यालय पर किया गया। संस्था ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, अल-जाविया गारा में स्थित यह नागरिक अदालत क्षेत्र में न्यायिक और सामाजिक भूमिका निभा रही थी। नागरिकों और नागरिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर किए जाने वाले हमले अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन हैं।

मानवाधिकार समूह ने इस हमले की निष्पक्ष और त्वरित अंतरराष्ट्रीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है। हालांकि, इस हमले और आरोपों पर सूडानी सेना की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया या टिप्पणी सामने नहीं आई है।

2023 से जल रहा है सूडान

सूडान में अप्रैल 2023 से ही सेना और अर्धसैनिक बल 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' (RSF) के बीच सत्ता पर कब्जे को लेकर भीषण गृहयुद्ध छिड़ा हुआ है। संघर्ष-निगरानी समूह 'आर्म्ड कॉन्फ्लिक्ट लोकेशन एंड इवेंट डेटा' (ACLED) के अनुसार, इस युद्ध में अब तक कम से कम 59,000 लोग मारे जा चुके हैं। अंतरराष्ट्रीय राहत एजेंसियों और मानवाधिकार संगठनों का मानना है कि मौतों का यह आंकड़ा बेहद कम दर्ज किया गया है और वास्तविक संख्या इससे कई गुना अधिक हो सकती है।

सूडान में मौत की मुख्य वजह बना 'ड्रोन युद्ध'

सूडान के इस गृहयुद्ध में ड्रोन का इस्तेमाल दोनों ही पक्षों (सेना और RSF) की एक प्रमुख रणनीति बन चुका है, लेकिन इसका सबसे खौफनाक खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है। संयुक्त राष्ट्र (UN) की रिपोर्ट के अनुसार, सूडान में ड्रोन हमले अब नागरिकों की मौत का सबसे बड़ा कारण बन गए हैं। वर्ष 2026 के शुरुआती चार महीनों में हुई कुल नागरिक मौतों में से 80 प्रतिशत से अधिक मौतें अकेले ड्रोन हमलों के कारण हुई हैं। दारफुर क्षेत्र में नागरिक सुविधाओं को निशाना बनाए जाने से स्थानीय आबादी में भारी दहशत का माहौल है और क्षेत्र में मानवीय संकट और गहराता जा रहा है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

और पढ़ें
End of Article
Subscribe to our daily Newsletter!

संबंधित खबरें