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एशियन गेम्स 2026: भारत की ध्वजवाहक बनने पर क्या बोलीं मनु भाकर, तीन इवेंट में लेंगी हिस्सा

Asian Games 2026 Manu Bhaker: मनु ने बताया कि 2018 में जब वह पहली बार एशियाई खेलों में गई थीं, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं। उन्होंने पहली बार 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की सेरेमनी अटेंड की थी।

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मनु भाकर (फोटो साभार- bhakermanu)

Asian Games 2026 Manu Bhaker: डबल ओलंपिक मेडलिस्ट और एशियाई खेलों की गोल्ड मेडलिस्ट शूटर मनु भाकर को एशियन गेम्स 2026 की ओपनिंग सेरेमनी के लिए भारतीय दल का ध्वजवाहक चुना गया है। मनु भाकर के साथ कबड्डी स्टार पवन सहरावत भारतीय भी भारत का ध्वज लेकर चलेंगे। इस सम्मान पर मनु ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि यह उनके लिए "दिल को छू लेने वाला" पल है। PTI को दिए एक वीडियो संदेश के जरिए मनु ने कहा, "जब मुझे पता चला कि मैं भारत की ध्वज वाहक बनी हूं, तो मुझे अपने शुरुआती दिनों की सारी यादें ताजा हो गईं। जब मैंने शुरुआत की थी, तो कभी नहीं सोचा था कि मैं एक दिन यहां तक पहुंचूंगी। यह बहुत ही दिल को छू लेने वाला एहसास है। मैं बहुत गर्व, सम्मान और खुशी महसूस कर रही हूं।"

2018 एशियन गेम्स में थीं 18 साल की

मनु ने बताया कि 2018 में जब वह पहली बार एशियाई खेलों में गई थीं, तब वह सिर्फ 16 साल की थीं और ओपनिंग सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाई थीं। उन्होंने पहली बार 2018 कॉमनवेल्थ गेम्स की सेरेमनी अटेंड की थी। उसके बाद उनके कोच और दिवंगत शूटिंग लीजेंड जसपाल राणा ने उनसे कहा था कि अगर वह ध्वजवाहक बनेंगी तभी उन्हें सेरेमनी में जाने देंगे, क्योंकि शूटिंग के मुकाबले पहले या दूसरे दिन से ही शुरू हो जाते हैं और सेरेमनी में काफी थकान होती है।

जीवन में एक बार मिलने वाला मौका

भारतीय दल को संदेश देते हुए मनु ने कहा कि कुछ एथलीट्स को आइची और नागोया में रहने की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिसकी खबरें सोशल मीडिया पर हैं, लेकिन शिकायत करने के बजाय इस पल का लुत्फ उठाना चाहिए। "यह जीवन में एक बार मिलने वाला मौका है। हमें इसका आनंद लेना चाहिए, शिकायत में ऊर्जा बर्बाद नहीं करनी चाहिए। मेडल जीतना अलग बात है, लेकिन हमारे हाथ में अपना बेस्ट देना है।"

तीन इवेंट में हिस्सा लेंगी मनु भाकर

मनु भाकर इस बार 10 मीटर एयर पिस्टल, 25 मीटर पिस्टल और 10 मीटर एयर पिस्टल मिक्स्ड टीम इवेंट में हिस्सा लेंगी। मनु भाकर ने पेरिस ओलंपिक 2024 में दो कांस्य पदक जीतकर इतिहास रचा था। वहीं पवन सहरावत, जिन्होंने शॉटपुट स्टार तजिंदरपाल सिंह तूर की जगह ली है, कबड्डी में भारत को एक और गोल्ड दिलाने की कोशिश करेंगे। भारत ने 1990 से अब तक 9 में से 8 बार पुरुष कबड्डी में गोल्ड जीता है।

Aditya Sahu
आदित्य साहूauthor

आदित्य साहू टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में स्पोर्ट्स और ट्रेडिंग कंटेंट लिखतें हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स की डिग्री हासिल करने के बाद वह पिछले 10 सालों से मीडिया में सक्रिय हैं। स्पोर्ट्स इवेंट की रियल टाइम कवरेज, डाटा टॉपिक्स और अनोखे कंटेंट आइडियाज को आकर्षक और एंगेजिंग तरीके से प्रस्तुत करना आदित्य की खासियत है। उनकी कॉपी राइटिंग और इंटरेस्टिंग हेडलाइन बनाने की क्षमता उन्हें डिजिटल दुनिया में अलग पहचान देती है। 15,000 से अधिक बायलाइन स्टोरी पब्लिश कर चुके आदित्य का लक्ष्य हर खबर को यूनिक एंगल और स्टोरीटेलिंग के रोचक अंदाज में पेश करना है।

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