दुनिया

'देश से दूर हूं, जनता से नहीं, मैं बांग्लादेश लौटूंगी, मुझे कोई रोक नहीं सकता', दिल्ली में रो पड़ीं पूर्व पीएम शेख हसीना

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया (FCC) द्वारा आयोजित एक वर्चुअल मीडिया कार्यक्रम को संबोधित किया। अगस्त 2024 में बांग्लादेश में हुए राजनीतिक घटनाक्रम के बाद भारत आने के बाद से यह उनका पहला बड़ा मीडिया संबोधन माना जा रहा है।

Image

दिल्ली से वर्चुअल संबोधन में रो पड़ीं पूर्व पीएम शेख हसीना (फाइल फोटो)

Photo : PTI

नई दिल्ली स्थित फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब (FCC) के एक विशेष मीडिया कार्यक्रम के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने वर्चुअल माध्यम से अंतरराष्ट्रीय पत्रकारों को संबोधित किया। संबोधन की शुरुआत में ही पूर्व प्रधानमंत्री अपने आंसुओं को रोक नहीं पाईं और बेहद भावुक हो गईं। खुद को संभालते हुए उन्होंने कहा कि वे आज सिर्फ एक पूर्व प्रधानमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि बांग्लादेश के राष्ट्रपिता बंगबंधु शेख मुजीबुर रहमान की बेटी के नाते बात कर रही हैं।

1975 में ढाका में अपने पिता और परिवार के अधिकांश सदस्यों की नृशंस हत्या के दर्दनाक दिन को याद करते हुए वे रो पड़ीं। हसीना ने कहा कि उन्होंने और उनके परिवार ने बांग्लादेश की स्वतंत्रता और उसके लोगों के लिए अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया था। लेकिन आज जिस तरह के हालात बांग्लादेश में बनाए गए हैं, यह वह देश बिल्कुल नहीं है जिसके निर्माण के लिए 1971 में 30 लाख से अधिक लोगों ने अपनी शहादत दी थी।

2024 की हिंसक घटना एक बेहद सोची-समझी और योजनाबद्ध साजिश-शेख हसीना

जुलाई और अगस्त 2024 की हिंसक घटनाओं पर बात करते हुए शेख हसीना ने कहा कि इसे एक शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन के रूप में प्रचारित किया गया, जो कि एक सफेद झूठ और प्रोपेगैंडा था। उन्होंने कहा कि मुहम्मद यूनुस के खुद के बयानों ने इस सच को पूरी तरह उजागर कर दिया है कि यह आंदोलन अचानक हुआ प्रदर्शन नहीं था, बल्कि अदृश्य ताकतों द्वारा लोकतांत्रिक तरीके से बैलेट बॉक्स से चुनी गई सरकार को हटाने के लिए रची गई एक बेहद सोची-समझी और योजनाबद्ध साजिश थी।

'मैं बांग्लादेश लौटूंगी, मुझे कोई रोक नहीं सकता'

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री और अवामी लीग प्रमुख शेख हसीना ने कहा है कि वह जल्द ही अपनी देश वापसी की तारीख की घोषणा करेंगी। उन्होंने कहा कि उनकी वापसी का मकसद सत्ता हासिल करना नहीं, बल्कि बांग्लादेश में लोकतांत्रिक मूल्यों, संवैधानिक व्यवस्था और लोगों के अधिकारों की बहाली है।

'पुलिस थानों, अस्पतालों और विश्वविद्यालयों को बनाया गया निशाना'

पूर्व प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान सरकारी और सार्वजनिक संपत्तियों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचाया गया। उनके मुताबिक, विश्वविद्यालयों, शोध संस्थानों, जेलों और अस्पतालों को निशाना बनाया गया। उन्होंने दावा किया कि 450 पुलिस थानों में आग लगा दी गई और कई पुलिसकर्मियों को जिंदा जला दिया गया।

हसीना ने कहा कि हिंसा के दौरान हजारों पुलिसकर्मी मारे गए, घायल हुए या उन्हें प्रताड़ित किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधियों और आतंकवादियों को जेल से रिहा कराया गया और करीब 50 मीडिया संस्थानों पर हमले किए गए।

मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर पूर्व पीएम का हमला

शेख हसीना ने मुहम्मद यूनुस की अंतरिम सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि इस गैर-कानूनी व्यवस्था ने पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले अपराधियों को संरक्षण देने का काम किया है। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इन हिंसक घटनाओं की निष्पक्ष जांच शुरू कराई थी, लेकिन यूनुस सरकार ने आते ही उस जांच को रोक दिया। हसीना ने सवाल उठाया कि अगर उनके मन में चोर या डर नहीं था, तो उन्होंने सच को दुनिया के सामने क्यों नहीं आने दिया? उन्होंने स्पष्ट किया कि वे अपने देश से दूर जरूर हैं, लेकिन अपने देशवासियों के दिल से कभी अलग नहीं हो सकतीं।

वहीं पर दिल्ली में मीडिया के साथ वर्चुअल बातचीत के दौरान बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद ने कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ी चिंता यह होनी चाहिए कि बांग्लादेश अब भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान बन चुका है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज भारत की पूर्वी सीमा पर एक और पाकिस्तान जैसी स्थिति पैदा हो गई है। सजीब वाजेद ने कहा कि विदेशी खुफिया एजेंसियां, विशेष रूप से पाकिस्तान की आईएसआई (ISI), को बांग्लादेश में खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने आगे कहा कि यदि इस स्थिति को अभी नहीं रोका गया, तो भविष्य में वैश्विक आतंकवाद की अगली लहर बांग्लादेश से निकल सकती है। उनके मुताबिक, यह न केवल बांग्लादेश बल्कि भारत और पूरे क्षेत्र की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

और पढ़ें
End of Article