देश

'कुर्सी नहीं तो स्टूल वाले उगल रहे जहर', केशव प्रसाद मौर्य के मदरसा बयान पर ओवैसी का जोरदार पलटवार

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य द्वारा मदरसों को लेकर दिए गए विवादित बयान पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने तीखा पलटवार किया है। ओवैसी ने कहा कि कुर्सी की कमी से परेशान लोग ही ऐसी जहरीली भाषा का इस्तेमाल करते हैं।

Image

मदरसों पर बयान को लेकर केशव मौर्य पर बरसे असदुद्दीन ओवैसी (Photo: X/@asadowaisi)

उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य के मदरसों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद देश में नया राजनीतिक घमासान छिड़ गया है। इस बयान पर ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कड़ा एतराज जताते हुए सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर तीखा हमला बोला है। ओवैसी ने कहा कि जिन नेताओं के पास राजनीतिक आधार और मजबूत कुर्सी नहीं होती, वे अपनी अहमियत बनाए रखने के लिए इस तरह की जहरीली भाषा का सहारा लेते हैं।

ओवैसी ने मदरसों के ऐतिहासिक और संवैधानिक महत्व का बचाव करते हुए कहा कि जिन्हें अंग्रेजों से प्यार था, उन्हें मदरसों की अहमियत कभी समझ नहीं आ सकती। ब्रिटिश हुकूमत के दौर में मदरसे आजादी की लड़ाई और क्रांति के प्रमुख केंद्र हुआ करते थे, जिनसे अनगिनत स्वतंत्रता सेनानी निकले। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जिस वक्त मदरसों में आजादी की रणनीतियां बन रही थीं, उस समय सावरकर अंग्रेजों को दया याचिकाएं लिख रहे थे।

AIMIM प्रमुख ने देश के महापुरुषों का दिया उदाहरण

मदरसों में मिलने वाली शिक्षा का महत्व बताते हुए AIMIM प्रमुख ने देश के महापुरुषों का उदाहरण दिया। ओवैसी ने कहा कि भारत के पहले राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद, महान साहित्यकार मुंशी प्रेमचंद और समाज सुधारक राजा राममोहन राय जैसे दिग्गजों ने भी अपनी शुरुआती पढ़ाई मदरसों और मकतबों में पूरी की थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय संविधान का अनुच्छेद 30 हर अल्पसंख्यक समुदाय को अपनी पसंद के शैक्षणिक संस्थान खोलने और चलाने का पूरा अधिकार देता है।

केशव प्रसाद मौर्य के बयान पर औवेसी ने दी प्रतिक्रिया

आतंकवाद के आरोपों का करारा जवाब देते हुए ओवैसी ने कहा कि आजाद भारत का पहला आतंकवादी नाथूराम गोडसे किसी मदरसें का छात्र नहीं था। उन्होंने अफसोस जताया कि संवैधानिक पदों पर बैठे जिम्मेदार लोग ऐसी नफरती भाषा का इस्तेमाल कर रहे हैं। दरअसल, यह पूरा विवाद केशव प्रसाद मौर्य के उस बयान के बाद शुरू हुआ, जिसमें उन्होंने मदरसों की शिक्षा को वैश्विक आतंकवाद से जोड़ते हुए विवादित टिप्पणी की थी।

monu jha
मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article