UP Elections 2027: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के अध्यक्ष असदुद्दीन ओवैसी ने कानपुर में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की तीखी आलोचना की और केंद्रीय मंत्री जयंत चौधरी को अपना मित्र बताया।
क्या है पूरा मामला?
दरअसल, अखिलेश यादव ने कुछ दिनों पहले जयंत चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा था कि हम लोगों ने चवन्नी का रुपया बना दिया, फिर भी हमें छोड़कर चले गए। अखिलेश यादव के इस बयान पर जयंत चौधरी की भी टिप्पणी सामने आई थी और अब ओवैसी ने जयंत चौधरी को अपना मित्र बता दिया।
ओवैसी ने कानपुर में पत्रकारों के साथ बातचीत में जयंत चौधरी को मित्र और उनकी पत्नी चारू को अपनी बहन बताया। उन्होंने कहा, ''जयंत चौधरी और उनकी पत्नी, जो मेरी बहन जैसी हैं, वो भाजपा में हैं और मैं उनके खिलाफ हूं, लेकिन किसी को यह हक नहीं है कि इस तरह से उनसे बातें करें। वो आपके साथ थे। हम भी उनसे संसद में मिलते हैं।''
अखिलेश पर जमकर बरसे ओवैसी
उन्होंने आगे कहा कि हम भी संसद में जयंत चौधरी से मिलते हैं और उनको कहते हैं कि चौधरी साहब आपने गलत किया। इस पर वो हमारा हाथ पकड़ते हैं, बैठते हैं, बात करते हैं। वो बोलते हैं कि यह हमारी पार्टी का फैसला है। मगर जो कुछ भी उनके बारे में कहा गया, उससे न सिर्फ जयंत चौधरी, चौधरी चरण सिंह और उनकी बिरादरी को तकलीफ हुई होगी, बल्कि वो उस शख्स के इस वाहियात बयान को भी एक्सपोज़ करता है कि कितना उनमें 'सेल्फ एंटाइटलमेंट' का गुरूर है कि 'मैं जिसको चाहूंगा बना दूंगा, जिसको चाहूंगा खत्म कर दूंगा'
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ओवैसी ने आगे कहा, ''डेमोक्रेसी में जनता हमको कामयाब करती है ऊपर वाले के करम से, और ऊपर वाला इज्ज़त देता है। अगर कोई इंसान यह समझेगा कि मैं किसी को यह करूंगा-वो करूंगा, तो वो उसका अहंकार है, वो बहुत गलत बात है...।''
योगी आदित्यनाथ पर बरसे ओवैसी
इससे पहले, ओवैसी ने कैंट विधानसभा में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधते हुए तमाम पार्टियों से एकसाथ आने की अपील की। उन्होंने कहा कि अगर वह भी भाजपा की सरकार को रोकना चाहते हैं तो एआईएमआईएम के साथ हाथ मिलाएं। उन्होंने कहा, ''आप और हम मिलकर दोबारा बाबा को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनने से रोकेंगे।''
बिहार विधानसभा चुनाव का जिक्र करते हुए ओवैसी ने कहा कि उनकी पार्टी ने 6 सीटें देने की मांग की थी, ताकि मिलकर चुनाव लड़ा जा सके। ओवैसी ने आरोप लगाया कि उस समय उनकी पार्टी का मजाक बनाया गया और उन पर झूठे इल्जाम लगाए गए। उन्होंने कहा कि सीमांचल में उनकी पार्टी के पांच विधायक दोबारा चुने गए।
