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किम जोंग उन ने बढ़ाई अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की टेंशन; समुद्र की ओर दागीं 2 बैलिस्टिक मिसाइलें

उत्तर कोरिया ने यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय किया है, जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की बात कही थी। उन्होंने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास को छोटा किए जाने के बावजूद उसकी प्रकृति को 'उकसावे वाला' और 'आक्रामक' बताया था।

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किम जोंग उन ने बढ़ाई अमेरिका की टेंशन।

उत्तर कोरिया ने एक बार फिर अमेरिका, जापान और दक्षिण कोरिया की टेंशन बढ़ा दी है। दरअसल, उत्तर कोरिया ने रविवार को समुद्र की ओर दो कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं हैं। दक्षिण कोरियाई सेना ने इसके बारे में जानकारी दी है। उन्होंने बताया कि दोनों मिसाइलें पूर्वी तटीय क्षेत्र वॉनसान से करीब तीन घंटे के अंतराल पर लॉन्च की गईं।

पहली मिसाइल ने करीब 450 किलोमीटर की दूरी तय की, जबकि दूसरी 600 किलोमीटर से ज्यादा उड़ान भरने के बाद समुद्र में गिरी। जापान के रक्षा मंत्रालय ने भी उत्तर कोरिया की एक संदिग्ध मिसाइल लॉन्च का पता लगाया, लेकिन उसके जापानी क्षेत्रीय जल में गिरने की पुष्टि नहीं हुई।

परमाणु ताकत बढ़ाने की धमकी के बाद लॉन्च

यह मिसाइल परीक्षण ऐसे समय हुआ है जब उत्तर कोरिया ने हाल ही में अपनी परमाणु प्रतिरोधक क्षमता मजबूत करने की बात कही थी। उन्होंने अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास को छोटा किए जाने के बावजूद उसकी प्रकृति को 'उकसावे वाला' और 'आक्रामक' बताया था। उत्तर कोरिया इससे पहले भी समुद्र की ओर करीब 10 कम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइलें दाग चुका है।

अमेरिका-दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास पर नाराजगी

उत्तर कोरिया ने हाल में अमेरिका के नेतृत्व में हुए Pacific Vanguard बहुराष्ट्रीय समुद्री सैन्य अभ्यास की भी आलोचना की थी। इस अभ्यास में अमेरिका, दक्षिण कोरिया, जापान, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड और कनाडा शामिल थे। किम यो जोंग ने आरोप लगाया कि अमेरिका के नेतृत्व में होने वाले नियमित सैन्य अभ्यासों के कारण ही कोरियाई प्रायद्वीप में तनाव बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि उत्तर कोरिया अपनी संप्रभुता की रक्षा के लिए कार्रवाई जारी रखेगा और अपनी परमाणु युद्ध-निरोधक क्षमता को मजबूत करने की दिशा नहीं बदलेगा।

ट्रंप के कदम के बावजूद नहीं थमा मिसाइल परीक्षण

वहीं, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले महीने दक्षिण कोरिया के साथ होने वाले वार्षिक Ulchi Freedom Shield सैन्य अभ्यास को काफी कम करने का आदेश दिया था। ट्रंप ने इसके पीछे उत्तर कोरियाई नेता किम जोंग उन के साथ अपने अच्छे संबंधों का हवाला दिया था। इसके बावजूद उत्तर कोरिया ने हथियारों का प्रदर्शन जारी रखा है। विशेषज्ञों के अनुसार, रूस और चीन के साथ उसके बढ़ते संबंधों तथा परमाणु हथियारों के विस्तार से किम जोंग उन को अमेरिका के साथ संभावित बातचीत में अधिक प्रभाव मिल सकता है।

क्या फिर शुरू होगी अमेरिका-उत्तर कोरिया बातचीत?

अमेरिका और उत्तर कोरिया के बीच बातचीत की तत्काल बहाली को लेकर अभी स्थिति स्पष्ट नहीं है। 2019 में ट्रंप और किम की हाई-प्रोफाइल कूटनीति के विफल होने के बाद उत्तर कोरिया अपने परमाणु हथियार कार्यक्रम के विस्तार पर लगातार जोर देता रहा है।
Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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