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पाकिस्तान में नहीं, इस देश में होगा ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौता; चार दिन बाद की तारीख हुई मुकर्रर

ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने इस बाबत बड़ी जानकारी साझा किया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा।

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अमेरिका-ईरान शांति समझौता। (फोटो- AI)

अमेरिका और ईरान ने107 दिनों से चल रहे युद्ध को समाप्त करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के लिए एक समझौते को अंतिम रूप दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार शाम को ट्रुथ सोशल पर इसे लेकर घोषणा की थी। वहीं, अब ईरान-अमेरिका के बीच शांति समझौते में मध्यस्थ की भूमिका निभाने वाले आंतकपरस्त पाकिस्तान के पीएम ने बड़ी जानकारी दी है। उन्होंने सोमवार को घोषणा की कि दोनों देशों के बीच हुए शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड के जिनेवा में हस्ताक्षर किए जाएंगे।

शहबाज ने समझौते को बताया ऐतिहासिक मील का पत्थर

राष्ट्रीय सभा को संबोधित करते हुए शहबाज शरीफ ने कहा कि यह केवल दो देशों के बीच का समझौता नहीं, बल्कि शांति, संवाद और कूटनीति की जीत है। उन्होंने बताया कि करीब तीन महीने और 16 दिनों तक चले प्रयासों के बाद अमेरिका और ईरान सैन्य कार्रवाई को तत्काल और स्थायी रूप से समाप्त करने पर सहमत हुए हैं।पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने इस समझौते को “ऐतिहासिक मील का पत्थर” करार दिया। उन्होंने कहा कि वार्ता के दौरान दोनों देशों के नेतृत्व ने धैर्य और समझदारी का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया इस महत्वपूर्ण क्षण की साक्षी बन रही है।

19 जून को जेनेवा में आयोजित होगा हस्ताक्षर समारोह

शहबाज शरीफ ने बताया कि पाकिस्तान इस ऐतिहासिक समझौते के हस्ताक्षर समारोह की मेजबानी करेगा, जो 19 जून को जेनेवा में आयोजित होगा। उन्होंने इसे पाकिस्तान के लिए गर्व का क्षण बताते हुए कहा कि इस समझौते से पैदा होने वाली वैश्विक आर्थिक स्थिरता का लाभ पाकिस्तान के लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। इस दौरान उन्होंने आसिम मुनीर की भी सराहना की। शहबाज ने कहा कि आसिम मुनीर ने तनाव कम करने और संवाद को आगे बढ़ाने में सक्रिय भूमिका निभाई, जिसके परिणामस्वरूप युद्धविराम और अब शांति समझौते का रास्ता साफ हुआ।

    ट्रंप ने की खुद की जमकर तारीफ

    इससे पहले ट्रंप ने इस समझौते का एलान किया था। तब उन्होंने कहा, यह महान समझौता पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा लाएगा। कई राष्ट्रपतियों ने ईरान के साथ शांति स्थापित करने की कोशिश की है, और मुझसे पहले सभी असफल रहे हैं। उन्होंने कहा, क्षेत्र के नेताओं को पहली बार एक ऐसा राष्ट्रपति मिला है जो उन्हें वास्तविक शांति प्राप्त करने में मदद कर सकता है। शुक्रवार को समझौते पर हस्ताक्षर के साथ, बारूदी सुरंगों को हटाने के उद्देश्य से जलडमरूमध्य के खुलने से क्षेत्र और दुनिया के लिए दोनों ओर से तेल का प्रवाह फिर से शुरू हो जाएगा।

    समझौते को अंतिम रूप दिए जाने से कुछ घंटे पहले बेरूत में हिज्बुल्लाह के ठिकानों पर इज़राइल के हवाई हमले से तनाव बढ़ गया और ट्रंप की इज़राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ तीखी बहस हुई। उन्होंने अमेरिकी मीडिया को बताया कि उन्होंने नेतन्याहू और ईरानी वार्ताकारों को हमलों के एक और दौर से सावधान रहने के लिए कहा है।

    Shiv Shukla
    शिव शुक्लाauthor

    शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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