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भारतवंशी अनिल मेनन ने रचा इतिहास, 421 KM की ऊंचाई पर की चहलकदमी, ISS से सामने आया VIDEO

भारतीय मूल के नासा (NASA) अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) के बाहर अपनी पहली ऐतिहासिक स्पेस वॉक (Spacewalk) पूरी की है। 6 अगस्त से शुरू हुए इस मिशन के तहत दोनों अंतरिक्ष यात्री आईएसएस में नए रोल-आउट सोलर एरे (IROSA) को लगाने के लिए प्रारंभिक तैयारी कर रहे हैं।

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अंतरिक्ष से आई बड़ी खबर

Photo : PTI

अंतरिक्ष विज्ञान और अन्वेषण के क्षेत्र में भारत और भारतीय मूल के लोगों के लिए एक और बेहद गर्व का क्षण सामने आया है। अमेरिकी अंतरिक्ष एजेंसी 'नासा' (NASA) के अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने गुरुवार को इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) से बाहर निकलकर अपना पहला ऐतिहासिक 'स्पेस वॉक' सफलता पूर्वक पूरा कर लिया है। भारतवंशी नासा अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन ने इतिहास रचते हुए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन से बाहर 421 किलोमीटर ऊंचाई पर पहली स्पेसवॉक कर चहलकदमी की। ISS पृथ्वी की 340-421 किमी कक्षा में घूमता है।

मूल रूप से केरल के पालक्काड जिले से संबंध रखने वाले अनिल मेनन का यह पहला अंतरिक्ष वॉक अभियान है। नासा द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के अनुसार, अनिल मेनन अपनी साथी अंतरिक्ष यात्री जेसिका मीर के साथ मिलकर कुल तीन स्पेस वॉक को अंजाम देने वाले हैं, जिसकी शुरुआत 6 अगस्त से हो चुकी है।

बहुमुखी प्रतिभा के धनी अंतरिक्ष यात्री अनिल मेनन

अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में भारत का नाम रोशन करने वाले अनिल मेनन की जीवन यात्रा बेहद प्रेरणादायक है। 15 अक्टूबर 1976 को अमेरिका के मिनियापोलिस में जन्मे अनिल मेनन का नाता एक भारतीय-यूक्रेनी परिवार से है। वे न केवल अंतरिक्ष यात्री हैं, बल्कि एक कुशल इमरजेंसी मेडिसिन डॉक्टर, मैकेनिकल इंजीनियर और यूनाइटेड स्टेट्स स्पेस फोर्स में कर्नल के पद पर भी सेवाएं दे चुके हैं।

शिक्षा और पेशेवर सफर

अनिल मेनन की शैक्षणिक पृष्ठभूमि बेहद मजबूत रही है। उन्होंने कैम्ब्रिज (मैसाचुसेट्स) स्थित प्रतिष्ठित हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से न्यूरोबायोलॉजी में स्नातक की डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री पूरी की और फिर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से मेडिसिन की डिग्री प्राप्त की। अपनी डॉक्टरी की पढ़ाई के बाद उन्होंने स्टैनफोर्ड और यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्सास मेडिकल ब्रांच (गैल्वेस्टन) से 'इमरजेंसी मेडिसिन' और 'एयरोस्पेस मेडिसिन' में अपनी रेजीडेंसी पूरी की।

नासा का सफर और अंतरिक्ष मिशन

वर्ष 2021 में अनिल मेनन को नासा (NASA) के अंतरिक्ष यात्री के रूप में चुना गया था। उन्होंने अपनी शुरुआती और कठिन ट्रेनिंग को सफलतापूर्वक पूरा किया और वर्ष 2024 में नासा के 23वें अंतरिक्ष यात्री वर्ग (23rd Astronaut Class) के साथ आधिकारिक तौर पर स्नातक की उपाधि प्राप्त की। बुनियादी प्रशिक्षण पूरा करने के तुरंत बाद ही उन्होंने अपने पहले अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) मिशन की तैयारियां शुरू कर दी थीं।

पारिवारिक पृष्ठभूमि

दिलचस्प बात यह है कि अंतरिक्ष से मेनन परिवार का रिश्ता बेहद खास है। अनिल मेनन की पत्नी अन्ना मेनन भी एक अंतरिक्ष यात्री हैं और एलन मस्क की प्रसिद्ध एयरोस्पेस कंपनी 'स्पेसएक्स' (SpaceX) में कार्यरत हैं। अन्ना मेनन ने 2024 में आयोजित हुए ऐतिहासिक 'पोलारिस डॉन' (Polaris Dawn) मिशन के तहत अंतरिक्ष की यात्रा की थी। अनिल और अन्ना मेनन के दो बच्चे हैं।

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मोनू झाauthor

मोनू कुमार टाइम्स नाउ नवभारत की डिजिटल टीम में वायरल और ट्रेंडिंग डेस्क पर काम कर रहे हैं। न्यूजरूम में 4 साल से अधिक का अनुभव रखने वाले मोनू वायरल कंटेंट, ऑफबीट खबरों और सोशल मीडिया ट्रेंड्स को पहचानने में बेहद दक्ष हैं। यूनीक एंगल तलाशने और कहानियों को आकर्षक अंदाज में प्रस्तुत करने की उनकी क्षमता उन्हें डिजिटल कंटेंट स्पेस में अलग पहचान देती है। मोनू कुमार 4,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं, जिनमें कई वायरल रिपोर्ट्स, ट्रेंड-बेस्ड अपडेट्स और सोशल मीडिया-फोकस्ड कंटेंट शामिल हैं।

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