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रोते-रोते अचानक मजेदार हो गया माहौल, शादी में विदाई का यह Video देख हंस पड़ेंगे आप

शादी से जुड़ा एक वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। जिसमें देखा जा सकता है कि दुल्हन की विदाई के दौरान कुछ ऐसा होता है कि दुख भरा माहौल मजेदार हो जाता है।

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विदाई के दौरान रस्म निभाती दुल्हन का वीडियो हुआ वायरल (X/@tru_indiann)

सोशल मीडिया पर एक दिन में ढेर सारे वीडियो (Video) देखने को मिलते हैं। जहां कुछ वीडियो लोगों को हंसाने का काम करते हैं तो कुछ बहुत ही इमोशनल कर जाते हैं लेकिन हाल में जो वीडियो इस वक्त सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वह इमोशनल होने के साथ-साथ काफी मजेदार भी है। कुल मिलाकर इस वीडियो को देखने के बाद आपकी दोनों भावनाएं उमड़ पड़ेंगी।

विदाई के दौरान रस्म निभाती नजर आई दुल्हन

वायरल हो रहा यह वीडियो (Viral Video) एक शादी के दौरान की है। जिसमें देखा जा सकता है कि शादी के बाद एक दुल्हन की विदाई हो रही है। विदाई के समय धान या चावल फेंकने की रस्म निभाई जा रही है। पीछे खड़ी उसकी मां अपने आंचल को फैलाकर उसे रोकने का काम कर रही है। बेटी की विदाई पर रो रही मां इस रस्म को बहुत ही दुखी होकर निभा रही है। अब तक माहौल पूरा दुख भरा लगता है लेकिन अगले ही पल जो कुछ भी होता उसे देख किसी के लिए भी अपनी हंसी रोकनी मुश्किल हो जाएगी।

अचानक हंसी और ठहाके में बदल गया दुख भरा पल

दरअसल, इस रस्म के दौरान जब दुल्हन अपने हाथ से पीछे की तरफ बिना मुड़े धान या चावल को फेंकती है तो उनमें से कुछ दाने उछलकर उसकी मां के मुंह में चले जाते हैं। जिसके बाद मां का रोना-धोना तुरंत बंद हो जाता है और वह अपने मुंह से धान के दानों को निकालने की पूरी कोशिश करने लगती है। इस वक्त कैमरे का फोकस दुल्हन की मां के मुंह पर होता है। जहां दुल्हन की मां का यह रिएक्शन देख लोगों की हंसी छूट जाती है। इस वायरल वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @tru_indiann नाम के अकाउंट से शेयर किया गया है। जिसे अब तक हजारों लोगों ने देखा और सैकड़ों लोगों ने लाइक किया है।

जानिए क्या है यह रस्म, क्यों और कैसे निभाया जाता है इसे

वीडियो में जो रस्म दिख रही है, उसे 'धन-धान्य की रस्म' कहते हैं। इस रस्म में दुल्हन अपने सिर के ऊपर से पीछे की ओर मुट्ठी भर चावल या धान फेंकती है, जो माता-पिता के घर की सुख-समृद्धि के लिए की जाने वाली एक परंपरा है। इस रस्म को इसलिए निभाया जाता है ताकि बेटी के जाने के बाद भी मायके में लक्ष्मी और बरकत बनी रहे। रस्म के दौरान दुल्हन घर की दहलीज पार करते समय पीछे मुड़े बिना, तीन या पांच बार अपने हाथों से चावल पीछे की ओर फेंकती है। मान्यता है कि इसे माता-पिता के प्रति धन्यवाद और उनके घर में अन्न की कमी न होने की प्रार्थना माना जाता है। कुछ क्षेत्रों में इसे 'खोइछा' भी कहा जाता है, जिसमें बेटी को विदाई में धान, सिक्का और अन्य वस्तुएं दी जाती हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।

Pankaj Yadav
पंकज यादवauthor

पंकज यादव टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में वायरल और ट्रेंडिंग कंटेंट तैयार करते हैं। कंटेंट राइटिंग में 6 वर्षों का अनुभव रखने वाले पंकज सोशल मीडिया ट्रेंड्स, ह्यूमन इंटरेस्ट और ऑफबीट न्यूज दिलचस्प और यूजर-फ्रेंडली अंदाज में लिखने में माहिर हैं और अबतक आठ हजार से अधिक कंटेंट प्रकाशित कर चुके हैं।

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