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Kal Ka Mausam : अगले तीन दिन मौसम रहेगा खतरनाक, आंधी-तूफान संग बारिश होगी मूसलाधार; पहाड़ों पर बड़ा अलर्ट

कल का मौसम कैसा रहेगा (22 अगस्त 2026) : उत्तर भारत में अगले कई दिनों तक मौसमी गतिविधियां जारी रहने से तराई के क्षेत्रों में बाढ़ का खतरा बना रहेगा। कमोबेश यही हालात पहाड़ों पर बने रहेंगे, जिससे लैंडस्लाइड की चेतावनी जारी की गई है। उधर, दक्षिण भारत और पूर्वोत्तर भारत में भारी वर्षा का अलर्ट है।

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मौसम आज-कल

कल का मौसम कैसा रहेगा : मौसम विभाग के मुताबिक, वीकेंड तक कई राज्यों में भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। खासकर, उत्तर भारतीय राज्यों में मौसम में उतार चढ़ाव देखा जाएगा। इस दौरान हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश के अधिकांश जिलों काले बादल मंडराते नजर आएंगे और कहीं-कहीं मध्यम से तेज पानी बरसेगा। इस दौरान तेज हवाओं के झोंकों के साथ आकाशीय बिजली गिरने और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बना रहेगा। इधर, पर सक्रिय मानसून के कारण उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर में भारी वर्षा का अलर्ट जारी है। खराब मौसम के दौरान लोगों को पहाड़ियों के आसपास न रहने की सलाह दी गई है। स्काईमेट ने महाराष्ट्र और गुजरात के कई जिलों में मौसमी गतिविधियां होने का अनुमान है। उधर, पूर्वोत्तर और दक्षिण भारतीय राज्यों में मूसलाधार बारिश का पूर्वानुमान जारी रखा है।

दिल्ली-एनसीआर का मौसम

दिल्ली-एनसीआर में मानसून का असर लगातार बना हुआ है। शुक्रवार से आसमान में बादलों की आवाजाही के साथ मौसम का मिजाज बदलता दिखाई दे रहा है। कई इलाकों में बादल छाए हुए हैं, जबकि मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कई दिनों तक बारिश का पूर्वानुमान है। फिलहाल किसी भी दिन के लिए कोई मौसम संबंधी चेतावनी जारी नहीं की गई है। इसके बावजूद 21 से 24 अगस्त तक हल्की से मध्यम बारिश और बूंदाबांदी की संभावना है। इसके बाद 25 और 26 अगस्त को बारिश से कुछ राहत मिलने के साथ आसमान आंशिक रूप से बादलों से घिरा रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के स्थानीय पूर्वानुमान के अनुसार 21 अगस्त को अधिकतम तापमान 35 डिग्री और न्यूनतम 25 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। इस दिन बादल छाए रहने के साथ हल्की बारिश हो सकती है। लगातार बदलते मौसम और बारिश के असर से दिल्ली-एनसीआर की वायु गुणवत्ता फिलहाल बहुत खराब स्थिति में नहीं पहुंची है।

आगे कैसा रहेगा मौसम

24 और 25 अगस्त को मौसम की हलचल मध्य प्रदेश और पूर्वी राजस्थान के बाहरी इलाकों तक फैल जाएगी। राजस्थान के ऊपर अरब सागर से आने वाली हवाओं का असर भी दिखेगा, और हवाओं के इन दो अलग-अलग सिस्टम के मिलने से कुछ ज़िलों में भारी बारिश हो सकती है। बूंदी, कोटा, बारां, झालावाड़, भीलवाड़ा, टोंक और सवाई माधोपुर ज़िलों में खतरा बढ़ सकता है। 26 अगस्त 2026 से इन इलाकों और पश्चिमी मध्य प्रदेश में मौसम की हलचल कम होने लगेगी। 26 अगस्त और उसके बाद मौसम की तेज़ हलचल पूर्व की ओर बढ़ती जाएगी। अगस्त के आखिर तक, यह पूर्वी बिहार, पूर्वी झारखंड, उत्तरी ओडिशा, गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल, हिमालय के पास वाले पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों तक ही सीमित रह जाएगी।

24 अगस्त के बाद, तटीय कर्नाटक और केरल को छोड़कर, उत्तर भारत के मैदानी इलाकों, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और पूरे दक्षिणी प्रायद्वीप से मौसम की हलचल काफी हद तक खत्म हो जाएगी। देश के कई हिस्सों के लिए अगस्त का महीना निराशाजनक रूप से खत्म हो सकता है।

हिमाचल प्रदेश में कैसा है मौसम

हिमाचल प्रदेश के चार जिलों में शनिवार को मध्यम बारिश का ’येलो अलर्ट’ जारी किया गया। विभाग ने राज्य में 27 अगस्त तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। ’येलो अलर्ट’ बिलासपुर, चंबा, कांगड़ा और मंडी जिलों के लिए जारी किया गया। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (एसईओसी) के अनुसार, शुक्रवार सुबह तक राज्य में 128 सड़कों पर यातायात बंद रहा।

इसके अलावा 18 ट्रांसफॉर्मर और पेयजल आपूर्ति की 52 योजनाएं भी प्रभावित हुईं। मंडी में सबसे अधिक 52 सड़कें यातायात के लिए बंद रहीं जबकि कुल्लू में 43, चंबा में नौ, कांगड़ा व सिरमौर में छह-छह, शिमला और ऊना में पांच-पांच तथा लाहौल-स्पीति में दो सड़कें बंद रहीं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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