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'औरतों के शरीर जितने ढंके रहेंगे उतने अच्छे लगेंगे', बोले सलमान खान- ये लड़कों का चक्कर, जिस हिसाब से वे...

  • Compiled by: अभिषेक गुप्ता
  • Updated Apr 30, 2023, 11:37 PM IST

Salman Khan on women's clothes: रिएलिटी शो 'बिग बॉस' में लोगों (जुबैर खान और पारस छाबड़ा) को बुरी तरह हड़काने के मसले पर सल्लू ने सफाई दी कि कंटेस्ट्स ने बदतमीजी की थी, तब उन्होंने वैसा किया था। पारा चढ़ जाता है और गुस्सा आ जाता है। हालांकि, बाद में अहसास होता है कि यह गैर-जरूरी था।

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बॉलीवुड एक्टर सलमान खान। (फाइल)

Photo : IANS

Salman Khan on women's clothes: बॉलीवुड एक्टर सलमान खान ने कहा है कि औरतों का शरीर बहुत कीमती होता है। ऐसे में उसे जितना ढंक कर रखा जाए, वह उतना अच्छी लगेगा। चूंकि, आजकल का माहौल दूसरे किस्म का है। यह लड़कियों का मसला नहीं बल्कि लड़कों का चक्कर है। जिस हिसाब से वे औरतों को देखते हैं वह चीज उन्हें अच्छी नहीं लगती है।

फिल्म स्टार की ये टिप्पणियां शनिवार (29 अप्रैल, 2023) को प्रसारित हुए एक टीवी इंटरव्यू के दौरान आईं। इंडिया टीवी के आप की अदालत कार्यक्रम में उन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप (किसी का भाई, किसी की जान के सेट पर फीमेल एक्ट्रेसेज़ को 'ठीक कपड़े' पहनकर आने से जुड़े निर्देश पर) लगाया गया था।

खान ने इस सवाल पर जवाब दिया- जब आप एक Decent (अच्छी) फिल्म बनाते हैं तब जाकर उसे देखते हैं। वे पूरे परिवार के साथ थियेटर जाते हैं। इसमें कोई डबल स्टैंडर्ड नहीं है। औरतों के शरीर जो हैं, वे बहुत कीमती हैं। वे जितने ढंके रहेंगे, उतना अच्छे लगेंगे। आजकल का माहौल...ये लड़कों का चक्कर है, वे जिस हिसाब से आपकी बहनों, बीवियों और माओं को देखते हैं...वह मुझे अच्छा नहीं लगता है। मैं नहीं चाहता कि वे इस चीज से गुजरें।

खान ने आगे यह भी बताया कि उने ओटीटी (ओवर दि टॉपः मांग के मुताबिक इंटरनेट पर टीवी और फिल्म कंटेंट) के कंटेट से बहुत दिक्कत होती है। वह बोले, "मुझे लगता है कि उस पर सेंसर होना चाहिए। हमारी फिल्म में दो मुक्के एक्शन में अतिरिक्त हो जाते हैं तो ए सर्टिफिकेट हो जाता है, पर यहां (ओटीटी पर) तो अलग ही किस्म का एक्शन चल रहा है और उस पर न तो ए, न बी और न ही सी सर्टिफिकेट!" इंटरव्यू में उन्होंने कहा- मेरा मानना है कि अपने माता-पिता और भारत माता को कभी परेशानी में मत डालो। भारत माता की जय!

अभिषेक गुप्ता
अभिषेक गुप्ताauthor

छोटे शहर से, पर सपने बड़े-बड़े. किस्सागो ऐसे जो कहने-बताने और सुनाने को बेताब. कंटेंट क्रिएशन के साथ नजर से खबर पकड़ने में पारंगत और "मीडिया की मंडी" में लगभग आठ साल का अनुभव. न्यूज, सिनेमा, बाइक्स और घूमने में दिलचस्पी.

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