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भारत-चीन सीमा वार्ता में 8 सूत्रीय सहमति; LAC पर तनाव रोकने के लिए नई हॉटलाइन, 2027 में भारत में होगी अगली बैठक

India-China Border Talks: भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं दौर की वार्ता में 8 अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है।

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NSA अजीत डोभाल और चीन के विशेष प्रतिनिधि व विदेश मंत्री वांग यी (फाइल फोटो)

भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर विशेष प्रतिनिधियों की 25वीं दौर की वार्ता में 8 अहम बिंदुओं पर सहमति बनी है। दोनों देश सीमा पर शांति बनाए रखने, विवाद के समाधान के लिए बातचीत तेज करने और LAC पर गलतफहमी से बचने के लिए नए सैन्य और कूटनीतिक तंत्र मजबूत करने पर सहमत हुए हैं।

भारत और चीन के बीच लंबे समय से चले आ रहे सीमा विवाद को लेकर एक बार फिर बातचीत आगे बढ़ी है। बीजिंग में 25 अगस्त को भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल और चीन के विशेष प्रतिनिधि व विदेश मंत्री वांग यी के बीच विशेष प्रतिनिधि स्तर की 25वीं बैठक हुई।

बैठक के बाद भारत और चीन ने अलग-अलग बयान जारी किए। दोनों पक्षों ने 8 सूत्रीय सहमति का ऐलान किया, जिसमें सीमा पर शांति और स्थिरता, विवाद के स्वीकार्य समाधान के लिए बातचीत, LAC पर बेहतर प्रबंधन, नई सैन्य हॉटलाइन और सीमा पार सहयोग बढ़ाने जैसे मुद्दे शामिल हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों पक्षों ने सीमा विवाद के निष्पक्ष, तर्कसंगत और पारस्परिक रूप से स्वीकार्य समाधान की दिशा में बातचीत जारी रखने पर जोर दिया है।

1. सीमा पर शांति को बताया रिश्तों के लिए जरूरी

दोनों देशों ने अपने-अपने शीर्ष नेतृत्व के मार्गदर्शन को लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। सहमति बनी कि सीमा क्षेत्रों में शांति और स्थिरता बनाए रखना भारत-चीन संबंधों के स्वस्थ और स्थिर विकास के लिए अहम है।

2. 2005 के समझौते के आधार पर समाधान तलाशेंगे

भारत और चीन ने सीमा विवाद के समाधान के लिए 2005 में तय राजनीतिक मानदंडों और मार्गदर्शक सिद्धांतों तथा बाद की विशेष प्रतिनिधि वार्ताओं में बनी सहमति के आधार पर बातचीत आगे बढ़ाने पर जोर दिया। दोनों देशों का लक्ष्य ऐसा समाधान निकालना है, जो निष्पक्ष, तर्कसंगत और दोनों पक्षों को स्वीकार्य हो।

3. WMCC के तहत बनेंगे दो नए समूह

दोनों पक्षों ने सीमा मामलों पर परामर्श और समन्वय के लिए बने WMCC (Working Mechanism for Consultation and Coordination) के तहत दो अलग समूह बनाने पर सहमति जताई है।

एक सीमा निर्धारण पर विशेषज्ञ समूह होगा, जबकि दूसरा बॉर्डर मैनेजमेंट पर कार्य समूह होगा। दोनों समूह पहले अपने-अपने कार्यक्षेत्र और जिम्मेदारियां तय करेंगे और उसके बाद सीमा विवाद के समाधान तथा सीमा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों पर काम आगे बढ़ाएंगे।

4. LAC पर गलतफहमी और गलत आकलन से बचने की कोशिश

दोनों देशों ने सहमति जताई कि सीमा पर किसी भी स्थिति या लंबित मुद्दे को मौजूदा कूटनीतिक और सैन्य माध्यमों के जरिए तुरंत सुलझाने की कोशिश की जाएगी। इन माध्यमों में WMCC, स्थानीय कमांडर स्तर की बैठकें और अन्य सहमत तंत्र शामिल हैं। दोनों पक्षों ने LAC के संवेदनशील इलाकों में एक-दूसरे की समझ को बेहतर बनाने के तरीकों पर भी चर्चा की, ताकि गलतफहमी या गलत आकलन की स्थिति पैदा न हो।

5. दो नए मीटिंग पॉइंट और दो नई सैन्य हॉटलाइन

सीमा प्रबंधन को और मजबूत करने के लिए दोनों देशों ने सैन्य अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठकों के लिए दो अतिरिक्त मीटिंग पॉइंट बनाने पर सहमति जताई है। इसके साथ ही पूर्वी और मध्य सेक्टर में दो अतिरिक्त बॉर्डर मिलिट्री हॉटलाइन स्थापित करने का भी फैसला किया गया है। इसे सीमा पर त्वरित संवाद और किसी भी स्थिति से निपटने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।

6. कैलाश मानसरोवर यात्रा और बॉर्डर ट्रेड पर भी सहमति

दोनों देशों ने सीमा पार सहयोग में हुई प्रगति की समीक्षा की। भारतीय पक्ष ने चीन के तिब्बत स्वायत्त क्षेत्र में कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए भारतीय श्रद्धालुओं के जत्थों की संख्या बढ़ाने के चीन के प्रयासों की सराहना की। दोनों पक्षों ने तीन तय सीमा व्यापार केंद्रों को फिर से खोलने का भी स्वागत किया। इसके अलावा सीमा व्यापार, तीर्थयात्रा और अन्य क्षेत्रों में आदान-प्रदान तथा सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई गई।

7. सितंबर में नदियों से जुड़े मुद्दों पर होगी बैठक

भारत और चीन ने सितंबर में सीमा पार नदियों से जुड़े विशेषज्ञ स्तर के तंत्र की अगली बैठक बुलाने पर सहमति जताई है। बैठक में जल विज्ञान से जुड़े आंकड़ों के आदान-प्रदान और संबंधित समझौता ज्ञापनों (MoUs) के नवीनीकरण समेत दूसरे मुद्दों पर बातचीत जारी रहेगी।

8. 2027 में भारत में होगी अगली विशेष प्रतिनिधि वार्ता

दोनों देशों ने तय किया है भारत और चीन के विशेष प्रतिनिधियों के बीच 26वें दौर की वार्ता वर्ष 2027 में भारत में आयोजित की जाएगी। बीजिंग में हुई 25वीं दौर की बातचीत में दोनों देशों ने साफ किया है कि सीमा विवाद का अंतिम समाधान बातचीत के जरिए तलाशने के साथ-साथ जमीन पर शांति बनाए रखना भी प्राथमिकता है। 8 सूत्रीय सहमति में सीमा विवाद के दीर्घकालिक समाधान के साथ तत्काल सीमा प्रबंधन पर एक साथ काम करने का रोडमैप दिखता है।

Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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