जीवन हर किसी के लिए एक जैसी नहीं होता। किसी के जीवन में सुख ही सुख तो किसी के जीवन में दुख ही दुख होता है। कई बार तो कुछ लोगों के साथ उनकी किस्मत भी बहुत अन्याय करती है। ऐसे तमाम लोग हैं जिनके जीवन में अगर आप झांककर देखें तो आपको यकीन हो जाएगा कि सचमुच यह इंसान कितना अभागा है। हाल में एक ऐसी ही स्कूली छात्रा का एक वीडियो (Video) इन दिनों खूब वायरल हो रहा है। जिसे देखने के बाद लोगों की आंखों में अपने-आप ही आंसू आ गए।
क्लास में छोटे भाई को गोद में लिए हुए दिखी छात्रा
वायरल वीडियो (Viral Video) में देखा जा सकता है कि एक छात्रा अपने क्लास में हेड डाउन करके बैठी हुई है। छात्रा की गोद में एक छोटा सा बच्चा भी है जो उसका छोटा भाई है। क्लास के बच्चे और एक अधिकारी उस छात्रा की तरफ देख रहे हैं। वीडियो देख ऐसा लग रहा है जैसे संभवत: छात्रा थक गई है और उसे क्लास में बैठे-बैठे ही झपकी आ गई होगी। फिलहाल इस छात्रा का वीडियो सोशल मीडिया के लगभग सभी प्लेटफॉर्म पर शेयर किया जा रहा है। हमने इस वीडियो को सोशल साइट एक्स पर पोस्ट अंशु यादव के अकाउंट @AnshuYadav34752 से लिया है।
मां के जाने के बाद छोटे भाई को लेकर स्कूल जाती है यह छात्रा
वायरल वीडियो (Viral Video) को लेकर बताया जा रहा है कि इस छात्रा का नाम अस्मिता तमांग है, जो अपने छोटे भाई को हर रोज अपने साथ स्कूल लेकर जाती हैं। ताकि वे उसका ख्याल रख सकें। अस्मिता इस वक्त 9वीं कक्षा में हैं। उनकी मां का देहांत हो चुका है। उनके पिता हर सुबह कमाने के लिए काम पर निकल जाते हैं। घर में अस्मिता और उनका छोटा भाई ही रह जाते हैं। ऐसे में अस्मिता स्कूल छोड़ने के बजाय अपने भाई को भी अपने साथ स्कूल ले आती हैं।
कम उम्र में ही संभाल ली घर की जिम्मेदारी
वैसे तो अस्मिता हर सुबह अपने साथ अपनी कठिन जिम्मेदारी को लेकर पढ़ने निकलती है। एक बच्चे को संभालना कितना मुश्किल काम होता है, वह आप जानते ही होंगे। मगर अस्मिता अपनी इस जिम्मेदारी से कभी मुंह नहीं मोड़ती और वे इसे हर हाल में निभाती हैं। अस्मिता ने ना हालातों से हार मानी और ना ही उन्होंने कभी किसी बहाने से स्कूल और अपनी पढ़ाई को छोड़ा।
जिम्मेदारियों के लेकर पढ़ाई से मुंह नहीं मोड़ा
कम उम्र में ही अस्मिता ने वो संघर्ष देख लिया, जो कई लोग पूरी जिंदगी में नहीं देख पाते। अगर देखते भी हैं तो वे टूटकर बिखर जाते हैं। लेकिन अस्मिता की इन थकी हुई आंखों में एक सपना है और वह सपना है पढ़-लिखकर अपनी जिंदगी को बदलने का और अपने भाई के भविष्य को बेहतर बनाने का। यहां अस्मिता सिर्फ एक छात्रा नहीं, बल्कि हिम्मत, जिम्मेदारी और संघर्ष की जीती-जागती मिसाल हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
