DUSU Election Result 2026 : दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के परिणाम शनिवार को घोषित कर दिए गए। इस चुनाव में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद और कांग्रेस समर्थित नेशनल स्टूडेंट यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के बीच कांटे की टक्कर थी, लेकिन रिजल्ट आने पर एबीवीपी भारी साबित हुई। ABVP ने चार पदों में से तीन पदों पर जीत का परचम लहराया, जबकि उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय दीपांशु शौकीन ने बड़े अंतर से विजय हासिल की। दीपांशु शौकीन वही कैंडिडेट थे, जिन्हें एनएसयूआई ने टिकट तो दिया, लेकिन बाद में नामांकन वापस लेने का दबाव बनाया। उसके बाद उन्होंने बागी के तौर चुनाव लड़ने की ठानी और स्टूडेंट से समर्थन मांगा। अब पार्टी विंग की हार पर सवालिया निशान खड़े हो रहे हैं। चारों पदों पर जीत नहीं मिलने पर कन्हैया कुमार की रणनीति के तहत टिकट वितरण की चर्चाएं तेज हैं।
दरअसल, उपाध्यक्ष का पद जीतने वाले निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने एनएसयूआई के टिकट की मांग की थी और संगठन ने शुरू में उन्हें उम्मीदवार भी बनाया था, लेकिन बाद में उनसे नामांकन वापस लेने को कहा गया। उन्हें 30,615 मत प्राप्त हुए, जो एबीवीपी के इशु मौर्य को मिले 16,910 वोटों से लगभग दोगुने हैं। जबकि एनएसयूआई के आधिकारिक उम्मीदवार वीर चतरथ - जो कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष चतरथ के बेटे हैं - 4,313 वोटों के साथ काफी पीछे तीसरे स्थान पर रहे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - DUSU चुनाव में ABVP का डंका, 4 में से 3 पदों पर कब्जा, NSUI का सूफड़ा साफ, निर्दलीय शौकीन बने उपाध्यक्ष
विशेष यादव का कटा टिकट
एनएसयूआई टिकट के एक और दावेदार विशेष यादव को पहले संयुक्त सचिव का टिकट देने की बात कही गई थी, लेकिन बाद में उसे वापस ले लिया गया। इसके बाद उन्होंने समाजवादी छात्र सभा के समर्थन से चुनाव लड़ा और 15,778 वोट पाकर दूसरे स्थान पर रहे। एबीवीपी के लक्ष्य राज सिंह ने 16,615 वोट हासिल किए और उनसे आगे रहे। इस पद के लिए एनएसयूआई के गोपाल चौधरी को 15,206 वोट मिले। कांग्रेस नेता कन्हैया कुमार के करीबी सूत्रों ने हालांकि इन बातों को खारिज कर दिया कि शौकीन के साथ अहंकार की लड़ाई की वजह से उन्हें टिकट नहीं मिला। उन्होंने दावा किया कि एनएसयूआई ने शौकीन को अध्यक्ष पद के लिए प्रस्ताव दिया था, लेकिन वे उपाध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने पर अड़े रहे।
टाइम्स नाउ नवभारत पर यह भी पढ़ें - DUSU Election: पिता बस कंडक्टर, मां आंगनवाड़ी शिक्षिका...कौन हैं ABVP-NSUI को पटखनी देने वाले VP दीपांशु शौकीन
सूत्रों का आरोप है कि जाट समुदाय से आने वाले शौकीन, एबीवीपी के अध्यक्ष पद के उम्मीदवार यश डबास (जो उसी समुदाय से हैं) के खिलाफ चुनाव लड़ने से हिचकिचा रहे थे और दावा किया गया कि दोनों के बीच कोई समझौता था। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई अध्यक्ष पद का मुकाबला छोड़ने को तैयार नहीं थी और इसके बजाय उसने आदिवासी उम्मीदवार विजय शंकर मीणा को मैदान में उतारा। कुमार को जुलाई 2023 में एनएसयूआई के लिए ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी का प्रभारी नियुक्त किया गया था। उनके कार्यकाल में यह पहली बार नहीं है जब किसी नाराज उम्मीदवार ने एनएसयूआई के आधिकारिक उम्मीदवार को हराया हो या उनसे कहीं बेहतर प्रदर्शन किया हो।
पंजाब विश्वविद्यालय में 2024 में टिकट बंटवारे को लेकर हुए विवाद के बाद एनएसयूआई के बागी अनुराग दलाल ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। एनएसयूआई के आधिकारिक उम्मीदवार राहुल नैन को सिर्फ 501 वोट मिले और वह छठे स्थान पर रहे।
