मोहन बागान ने शनिवार को बारासात स्टेडियम में हुए रोमांचक मुकाबले में मोहम्मडन स्पोर्टिंग को 3-2 से हराकर कलकत्ता फुटबॉल लीग (सीएफएल) प्रीमियर डिविजन का खिताब अपने नाम किया जो उसकी 31वां लीग ट्रॉफी है। मोहन बागान ने 2018 के बाद पहली बार यह ट्रॉफी जीती है। 1-2 से पीछे चल रहे और 59वें मिनट में गोलकीपर दीपप्रभात घोष को लाल कार्ड मिलने के बाद 10 खिलाड़ियों के साथ खेल रहे मोहन बागान ने दूसरे हाफ में शानदार वापसी की।
मोहन बगान के लिए वापसी की नींव भारत के मिडफील्डर सहल अब्दुल समद ने रखी और 26वें तथा 70वें मिनट में हेडर से दो गोल दागे। मोहम्मडन स्पोर्टिंग की ओर से लालरेमसांगा फनाई ने 42वें मिनट में और महितोष रॉय ने 63वें मिनट में पेनल्टी पर गोल कर टीम को बढ़त दिलाई थी। पिछले दो सत्र ईस्ट बंगाल के लिए खेलने वाले युवा फॉरवर्ड सायन बनर्जी ने 74वें मिनट में विजयी गोल दागकर मोहन बागान की ऐतिहासिक जीत पक्की कर दी। इस जीत के बाद मोहन बागान के समर्थकों ने जमकर जश्न मनाया जिससे प्रतिष्ठित स्थानीय लीग में टीम का आठ साल से चला आ रहा खिताबी सूखा खत्म हो गया।
मैच के बाद 23 वर्षीय घोष ने कहा 'गोल करना मेरा काम है। मैंने बहुत समय से गोल नहीं किया था। आज मुश्किल समय में गोल करने में मैं कामयाब रहा। हम पीछे थे। लेकिन मैंने परिणाम पर ध्यान नहीं दिया, मेरा पूरा ध्यान गोल करने पर था।' टीम के सामूहिक प्रयास की सराहना करते हुए सहल ने कहा, "जीतना हमेशा अच्छा लगता है। लेकिन ट्रॉफी जीतना एक अलग ही एहसास है। यह पूरी टीमव के मेहनत का नतीजा है। यह ट्रॉफी युवा खिलाड़ियों में जोश भरेगा और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा।
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