आमतौर पर लोगों को सरकार से शिकायतें रहती हैं कि सरकार ये नहीं कर रही, वो नहीं कर रही... मगर जब सरकार कुछ करती है तो क्या हम उसका इस्तेमाल सही ढंग से करते हैं? यह बात सोचने वाली है। सरकार जनता के लिए आए दिन कई सुविधाएं मुहैया कराती है लेकिन लोग उन सुविधाओं का सही इस्तेमाल नहीं करते। हाल में एक ऐसा ही वीडियो (Video) इन दिनों सोशल मीडिया पर छाया हुआ है। जिसे देखने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स हैरान होने के साथ-साथ सोच में पड़ गए।
ये भी पढ़ें:
सरकार के किए कराए पर लोगों ने फेर दिया पानी
दरअसल, मनाली (Manali) में हिमाचल प्रदेश की सरकार ने सोचा कि क्यों ना पर्यटन स्थलों पर लोगों के लिए सार्वजनिक चार्जिंग पॉइंट्स बना दिया जाए। इसी सोच के साथ जब सरकार ने लोगों के लिए मनाली में जगह-जगह पर चार्जिंग स्पॉट बना दिए। अब देखिए सरकार ने सोचा था कि, पर्यटक आएंगे, मोबाइल चार्ज करेंगे, खुश होंगे, लेकिन पर्यटकों ने क्या सोचा? पर्यटकों को सोचा कि अरे वाह! यहां तो नया डस्टबिन आ गया और उन्होंने उस चार्जिंग पॉइंट्स को ही कूड़ेदान समझकर उसे कूड़े-कचरे से भर दिए।
ये भी पढ़ें:
चार्जिंग पॉइंट या कचरा पॉइंट?
बस फिर क्या था मनाली के मॉल रोड पर लगाए गए चमचमाते चार्जिंग पॉइंट्स ने दो दिन के अंदर नया रूप ले लिया और यह अब कूड़ेदान बनकर रह गया। सरकार ने बड़े प्यार से मोबाइल चार्ज करने की सुविधा दी थी लेकिन कुछ लोगों ने वहां मोबाइल नहीं, प्लेट, गिलास और चिप्स के पैकेट्स को चार्जिंग पर लगा दिया। नतीजा यह हुआ कि जहां फोन चार्ज में लगना था, वहां कचरा रखा हुआ मिला। जहां सुविधा दी गई थी, वहां लोगों ने गंदगी फैला दी। कुल मिलाकर कहें तो लोगों ने‘जीरो सिविक सेंस’ का लाइव डेमो दिखा दिया।
खूबसूरत जगह मगर लोगों की हरकतें खराब
वायरल वीडियो (Viral Video) देखकर ऐसा लगता है जैसे कोई प्रतियोगिता चल रही हो कि, “कौन सबसे जल्दी सरकारी चीज को खराब करेगा?” पास में डस्टबिन भी थे लेकिन शायद वहां तक जाना उन्हें भारी लग रहा था इसलिए उन्होंने चार्जिंग प्वाइंट्स को ही डस्टबिन बना दिया। यह देखने के बाद ये कहा जा सकता है कि मनाली जैसी खूबसूरत जगह, जहां लोग सुकून लेने जाते हैं, वहीं कुछ लोग वहां पर “कचरा फैलाओ मिशन” पर निकले हुए लगते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
