हाल में ही स्कूली बच्चों के परीक्षा परिणाम सामने आए हैं। रिजल्ट को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह के वीडियो (Video) भी इस वक्त सामने आ रहे हैं। जहां कोई अपनी उपलब्धि पर खुशियां मान रहा है तो कोई अपने कम नंबर को लेकर अपनी मेहनत को कोस रहा है। कोई ज्यादा नंबर लाकर भी दुखी दिख रहा है तो कोई बस पास भर होकर भी मिठाइयां बांट रहा है। हाल में कुछ ऐसा ही नजारा सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो (Viral Video) में देखने को मिला। जहां रिजल्ट को लेकर दो अलग-अलग चेहरे और दो अलग-अलग सोच देखने को मिल रहा है।
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वायरल वीडियो में दखने को मिला दो छात्रों की सोच का फर्क
वायरल वीडियो (Viral Video) में देखा जा सकता है कि एक छात्रा अपने एग्जाम रिजल्ट को लेकर बहुत दुखी है और वह अपने घर पर बैठी रो रही है। उसके परिवार वाले मनाने की कोशिश कर रहे हैं। वीडियो के बैकग्राउंड में एक महिला की आवाज सुनने को मिल रही है। जिसमें महिला उसे ढांढस बंधाते हुए नजर आ रही है। वीडियो में उस महिला को यह कहते हुए सुना जा सकता है कि उस लड़की के एग्जाम में 90% अंक आए हैं और वह क्लास की टॉपर भी है लेकिन फिर भी उसके लिए ये 90% कम हैं और इसी वजह से वह दुखी है और रो रही है। अगले ही पल वह महिला उसी घर के एक लड़के को दिखाते हुए बोलती है कि इस लड़के के परीक्षा में मात्र 60% आए हैं। फिर भी यह खुशी से नाच रहा है और घर-मोहल्ले में मिठाइयां बांट रहा है। वीडियो में महिला लड़के से पूछती है कि क्या तुम अपने मार्क्स से खुश हो, तो वह थम्ब्स अप करते हुए हां में जवाब देता है।
लोगों को सोचने पर मजबूर कर रहा है यह वीडियो
इस वायरल वीडियो (Viral Video) में दो अलग-अलग छात्रों की सोच का बहुत बड़ा फर्क साफ नजर आ रहा है। यह वीडियो लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर रहा है कि आखिर सफलता की असली परिभाषा क्या है। क्या ज्यादा नंबर ही सब कुछ होता है, या फिर खुशी और संतोष भी उतना ही जरूरी है? आज हम देखते हैं कि आज के समय में स्कूलों में छात्रों पर अच्छे नंबर लाने का बहुत दबाव होता है। कई बार यह दबाव इतना ज्यादा हो जाता है कि अच्छे अंक आने के बाद भी छात्र खुश नहीं रहते और एक घुटन उनके चेहरे पर देखने को मिलती है। वहीं कुछ छात्र अपनी छोटी-छोटी उपलब्धियों में भी बहुत खुश रहते हैं और तनाव से दूर रहकर अपने जीवन का पूरा आनंद लेते हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
