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सुप्रीम कोर्ट ने ‘आर्ट ऑफ लिविंग' के खिलाफ आदेश पलटा, पांच करोड़ रुपये का जुर्माना लौटाने का दिया निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के 2017 के उस आदेश को रद्द कर दिया है, जिसमें आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को 2016 के विश्व संस्कृति महोत्सव के दौरान यमुना के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान के लिए जिम्मेदार ठहराया गया था।

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सुप्रीम कोर्ट

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) के 2017 के उस आदेश को शनिवार को रद्द कर दिया, जिसमें 2016 में आयोजित विश्व संस्कृति महोत्सव के कारण यमुना के बाढ़ क्षेत्र को हुए नुकसान के लिए श्री श्री रविशंकर के ’आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ को जिम्मेदार ठहराया गया था। साथ ही शीर्ष अदालत ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) को फाउंडेशन द्वारा जमा किए गए पांच करोड़ रुपये के पर्यावरणीय मुआवजे को वापस करने का निर्देश भी दिया।

न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा और न्यायमूर्ति एन. के. सिंह की पीठ ने कहा कि रिकॉर्ड पर पर्याप्त सामग्री मौजूद है, जिससे पता चलता है कि आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को सौंपे जाने से पहले ही कार्यक्रम स्थल खराब स्थिति में था। पीठ ने कहा, ’’रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री वास्तव में यह साबित करती है कि यदि कोई नुकसान हुआ भी है, तो उसके लिए अपीलकर्ता को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता...।’’

पीठ ने कहा, ’’सात दिसंबर 2017 के फैसले को रद्द किया जाता है और इसके परिणामस्वरूप अपीलकर्ता के खिलाफ की गई सभी कार्रवाइयों और अंतरिम आदेशों को भी निरस्त किया जाता है। अपीलकर्ता नौ मार्च 2016 के अधिकरण के आदेश के अनुपालन में डीडीए के पास जमा की गई पांच करोड़ रुपये की राशि वापस पाने का हकदार है। डीडीए आज से चार सप्ताह के भीतर यह राशि वापस करेगा।’’

शीर्ष अदालत ने यह आदेश ’आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन’ से संबद्ध ’व्यक्ति विकास केंद्र इंडिया’ की ओर से दायर एक अपील पर दिया। एक समिति की रिपोर्ट के आधार पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) ने आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन को पांच करोड़ रुपये जमा करने का निर्देश दिया था और कहा था कि कार्यक्रम से बाढ़ क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है।

शीर्ष अदालत ने कहा कि अधिकरण विशेषज्ञ समिति की उस रिपोर्ट से प्रभावित हो गया, जिसमें कहा गया था कि स्थल पर बड़े पैमाने पर तैयारियां चल रही थीं और इस आधार पर उसने निष्कर्ष निकाला कि ऐसे काम करके अपीलकर्ता ने बाढ़ क्षेत्र को गंभीर रूप से नुकसान पहुंचाया।

अदालत ने सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति देने के लिए डीडीए की भी आलोचना की और उसे एनजीटी के निर्देश के अनुसार यमुना के बाढ़ क्षेत्र के बहाली का काम जारी रखने का निर्देश दिया। विश्व सांस्कृतिक महोत्सव 11 से 13 मार्च, 2016 तक आयोजित किया गया था। यह कार्यक्रम दिल्ली में यमुना नदी के सक्रिय बाढ़ क्षेत्र में डीएनडी फ्लाईवे के आगे की ओर 25 हेक्टेयर क्षेत्र में आयोजित किया गया था।

Shiv Shukla
शिव शुक्लाauthor

शिव शुक्ला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में कार्यरत एक अनुभवी न्यूज राइटर हैं। छह वर्षों के पेशेवर अनुभव के साथ वे डिजिटल पत्रकारिता में तेज, सटीक और प्रभावी कंटेंट तैयार करने के लिए पहचाने जाते हैं। वह राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय खबरों, राजनीतिक घटनाक्रमों और गहन विश्लेषण पर विशेष पकड़ रखते हैं। ब्रेकिंग न्यूज कवरेज, लाइव ब्लॉग, एक्सप्लेनर और एनालिसिस आर्टिकल तैयार करने में उन्हें विशेषज्ञता हासिल है। शिव शुक्ला 8,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट प्रकाशित कर चुके हैं। मजबूत न्यूज सेंस, विश्लेषण क्षमता और स्पष्ट लेखन शैली उनकी खासियत है। उन्हें नए स्थानों की यात्रा करना और किताबें पढ़ने का शौक है, जो उनकी लेखन शैली एवं दृष्टिकोण को और समृद्ध बनाता है।

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