विदेश जाकर रहने के बाद इंसान की जिंदगी ही नहीं, बल्कि छोटी-छोटी चीजों को देखने का नजरिया भी बदल सकता है। ऐसी ही अपनी कहानी एक भारतीय महिला डॉ. परिनूर ने सोशल मीडिया पर शेयर की है। उन्होंने बताया कि विदेश जाने के बाद उन्हें भारत की 5 ऐसी चीजें याद नहीं आतीं, जिन्हें पहले वह सामान्य मानती थीं।
बेवजह लोगों का घूरना
डॉ. परिनूर ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए अपनी लिस्ट बताई। उनकी पहली बात थी लोगों का घूरना। उन्होंने कहा कि विदेश में वह समुद्र किनारे बिकिनी पहनकर या पार्क में आराम से बैठ सकती हैं और उन्हें बार-बार यह सोचने की जरूरत नहीं पड़ती कि कोई उन्हें देख रहा है या नहीं। उनके मुताबिक, वहां लोग सार्वजनिक जगहों पर ज्यादा सहज होकर अपनी जिंदगी जी सकते हैं।
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बिना बताए लोगों का घर आ जाना
दूसरी चीज थी बिना बताए घर पहुंच जाना। उन्होंने बताया कि विदेश में लोग आमतौर पर किसी के घर जाने से पहले पूछ लेते हैं कि वह घर पर हैं या मिलने के लिए फ्री हैं। वहीं भारत में कई बार लोग अचानक घर पहुंच जाते हैं और कहते हैं कि वे आसपास से गुजर रहे थे, इसलिए मिलने आ गए। इसके बाद कभी-कभी सामान या स्नैक्स लाने की फरमाइश भी कर देते हैं।
लोग पर्सनल स्पेस का रखते हैं ख्याल
तीसरी बात उन्होंने पर्सनल स्पेस और लाइन में खड़े होने को लेकर कही। उनका कहना था कि भारत में कई बार कतार में लोग एक-दूसरे के काफी करीब खड़े हो जाते हैं। वहीं विदेश में लोगों के बीच थोड़ा अंतर बनाए रखने की आदत ज्यादा देखने को मिलती है।
हॉर्न से चिढ़
चौथी चीज थी बेवजह हॉर्न बजाना। उन्होंने बताया कि विदेश में शुरुआत में सड़कों पर शांति उन्हें अजीब लगती थी। लेकिन जब वह वापस भारत आईं तो उन्हें यहां होने वाली हॉर्निंग ज्यादा महसूस होने लगी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि अगर आगे लाल बत्ती है तो हॉर्न बजाने से वह हरी नहीं हो जाएगी।
लेन बदलते समय इंडिकेटर देना
पांचवीं बात थी लेन में गाड़ी चलाना। उनके अनुसार भारत में कई बार वाहन अचानक बाएं या दाएं से आ जाते हैं। वहीं विदेश में लेन बदलते समय इंडिकेटर का इस्तेमाल ज्यादा सामान्य है।
हमेशा याद रहेगा अपना देश
हालांकि, डॉ. परिनूर ने साफ किया कि इन बातों का मतलब यह नहीं है कि उन्हें भारत पसंद नहीं है। वह आज भी भारत से प्यार करती हैं और कई बार अपने देश को याद भी करती हैं। उनका कहना है कि विदेश जाना किसी बेहतर जिंदगी की खोज नहीं, बल्कि एक अलग नजरिया पाने का अनुभव है। उनकी इस पोस्ट पर सोशल मीडिया यूजर्स ने भी अपनी राय दी। कई लोगों ने कहा कि उन्होंने भी दोनों जगहों का अनुभव किया है और उनकी बातों से काफी हद तक सहमत हैं।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। टाइम्स नाउ नवभारत किसी भी प्रकार के दावे की पुष्टि नहीं करता है।
