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Asim Waqar Quits AIMIM: UP चुनाव से ठीक पहले ओवैसी को बड़ा झटका, आसिम वकार AIMIM छोड़कर कांग्रेस में शामिल, 'मिशन यूपी' को धक्का

आसिम वकार, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम में लंबे समय से सक्रिय थे और पार्टी की मुखर आवाज थे। वह एआईएमआईएम में राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे थे। वह एआईएमआईएम से पहले समाजवादी पार्टी में थे।

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आसिम वकार कांग्रेस में शामिल

Photo : ANI

Asim Waqar joins Congress: ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के वरिष्ठ नेता सैयद आसिम वकार बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो गए। उन्होंने कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और पार्टी के अल्पसंख्यक विभाग के अध्यक्ष इमरान प्रतापगढ़ी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की। आसिम वकार, असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम में लंबे समय से सक्रिय थे और पार्टी की मुखर आवाज थे। वह एआईएमआईएम में राष्ट्रीय प्रवक्ता की भूमिका निभा रहे थे। वह एआईएमआईएम से पहले समाजवादी पार्टी में थे। कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले प्रदेश में ओवैसी को झटका दिया है। प्रदेश में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

AIMIM की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठाया

कांग्रेस का हाथ थामने के बाद आसिम वकार ने AIMIM की कार्यशैली पर सीधा सवाल उठाया। उन्होंने कहा: "देश से प्यार करने वाले हर भारतीय का एक ही मकसद है कि भारतीय जनता पार्टी को सत्ता से बाहर कर एक धर्मनिरपेक्ष सरकार बनाई जाए। AIMIM में रहते हुए ऊपर से तो यही दिखाया जाता था कि हम बीजेपी से लड़ रहे हैं, लेकिन जमीनी हकीकत यह थी कि हमारी लड़ाई बीजेपी से नहीं, बल्कि कांग्रेस और बाकी विपक्षी दलों से लड़ी जा रही थी। मुझे यह दोहरा रवैया मंजूर नहीं था, इसलिए मैंने देश और संविधान को बचाने के लिए राहुल गांधी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है। मैं यहां किसी टिकट के लिए नहीं आया हूं।"

AIMIM के लिए कितना बड़ा नुकसान?

आसिम वकार पिछले करीब एक दशक से ओवैसी की पार्टी के साथ जुड़े हुए थे। टीवी बहसों से लेकर उत्तर प्रदेश के स्थानीय मंचों तक, वे पार्टी का सबसे मुखर और लोकप्रिय चेहरा माने जाते थे। इससे पहले वे लगभग 20 वर्षों तक समाजवादी पार्टी में भी सक्रिय रहे थे। सूत्रों के अनुसार, आसिम वकार की कांग्रेस में एंट्री कराने के पीछे राज्यसभा सांसद और कांग्रेस के प्रमुख मुस्लिम नेता इमरान प्रतापगढ़ी की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

ओवैसी के 'मिशन यूपी' को धक्का

असदुद्दीन ओवैसी उत्तर प्रदेश की मुस्लिम बहुल सीटों पर अपना मजबूत आधार बनाने की कोशिश में जुटे हुए हैं। 2022 के चुनाव में 95 सीटों पर लड़कर भी खाता न खोल पाने के बाद, AIMIM 2027 के चुनावों के लिए मुस्लिम वोटों को एकजुट करने की रणनीति बना रही थी। ऐसे समय में पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता का छोड़कर चले जाना ओवैसी की सियासी जमीन के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

कांग्रेस की रणनीति

कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के INDIA गठबंधन की नजर उत्तर प्रदेश में अपने पुराने मुस्लिम-दलित-ओबीसी (PDA) वोट बैंक को वापस से पूरी तरह मजबूत करने पर है। आसिम वकार के आने से कांग्रेस को उम्मीद है कि वह ओवैसी की पार्टी द्वारा बांटे जाने वाले मुस्लिम वोटों में सेंध लगा पाएगी।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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