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VIDEO: सूंघते ही भौंक उठा स्निफर डॉग, बैग से निकला 11 करोड़ का गांजा

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर स्निफर डॉग की सूंघने की क्षमता से 11 करोड़ रुपए का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद हुआ। बैंकॉक से आए यात्री को कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने गिरफ्तार कर लिया।

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स्निफर डॉग ने अहमदाबाद एयरपोर्ट पर पकड़े ड्रग्स (Times now navbharat)

अहमदाबाद एयरपोर्ट (Ahmedabad Airport) पर कस्टम्स विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की ड्रग्स बरामद की है। इस पूरे मामले में सबसे अहम भूमिका एक स्निफर डॉग ने निभाई, जिसकी तेज सूंघने की क्षमता की वजह से तस्करी की कोशिश नाकाम हो गई। जानकारी के अनुसार, बैंकॉक से आने वाली थाई एयरवेज की फ्लाइट से एक यात्री 28 जून को अहमदाबाद पहुंचा था। एयरपोर्ट पर हमेशा की तरह यात्रियों के सामान की जांच की जा रही थी। इसी दौरान डॉग स्क्वॉड में शामिल स्निफर डॉग ने एक ट्रॉली बैग के पास पहुंचते ही इशारे करने लगा।

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ट्रॉली बैग में छिपा था 11 करोड़ का माल

स्निफर डॉग के इशारे के बाद कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने तुरंत कार्रवाई की। बैगेज टैग की मदद से यात्री की पहचान की गई और उसे रोककर उसके सामान की जांच शुरू की गई। तलाशी के दौरान अधिकारियों को ट्रॉली बैग के अंदर सिल्वर कलर के पांच पॉलीथीन पैकेट मिले। जब इन पैकेटों की जांच की गई तो उनमें हरे रंग का पौधों जैसा पदार्थ मिला। फील्ड टेस्ट किट से जांच करने पर यह हाइड्रोपोनिक गांजा निकला।

बैग से निकला 11 किलो गांजा

कस्टम्स विभाग के मुताबिक, बरामद हाइड्रोपोनिक गांजे का कुल वजन 10.911 किलोग्राम है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 11 करोड़ रुपये बताई जा रही है। इसके बाद अधिकारियों ने मादक पदार्थ को जब्त कर लिया और आरोपी यात्री को एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के तहत गिरफ्तार कर लिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह ड्रग्स कहां से लाई गई थी, इसे भारत में किसे पहुंचाया जाना था और क्या इसके पीछे कोई बड़ा अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी गिरोह काम कर रहा है।
Dhruv Sanchania
ध्रुव संचानियाauthor

ध्रुव संचानिया गुजरात में टाइम्स नेटवर्क के सीनियर जर्नलिस्ट और ब्यूरो चीफ के पद पर कार्यरत हैं। ध्रुव ने प्रिंट, रेडियो, डिजिटल और टीवी पर शानदार काम किया है। क्राइम, इन्वेस्टिगेशन से लेकर इंसानी कहानियों तक में उनका काम गहराई से भरा होता है। जब वह हेडलाइन के पीछे नहीं भाग रहे होते तो वह सड़कों, सिनेमा और अगली छिपी हुई कहानी के पीछे भाग रहे होते हैं। उनका काम ऐसा है जो उन्हें अलग ला खड़ा करता है।

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