उत्तर प्रदेश के झाँसी जिले से करीब 45 किलोमीटर दूर चिरगाँव थाना क्षेत्र के पट्टी कुमर्रा गाँव में एक ऐसी घटना सामने आई, जो विज्ञान और आस्था के बीच एक अनसुलझा रहस्य बन गई। यह कहानी है 70 वर्षीय सीताराम अहिरवार की, जिन्हें पिछले 40 साल से हर तीन साल में एक काला सांप जरूर काटता है और हर बार उनकी जान गांव के हनुमान मंदिर में की जाने वाली झाड़फूंक से बच जाती है। अब तक यह सांप सीताराम को 13 बार काट चुका है, फिर भी वे जीवित हैं। इस बार भी, चार-पांच दिन पहले, भादौ के महीने में सांप ने उन्हें काटा और एक बार फिर मंदिर में हुई झाड़फूंक से उनकी जान बच गई।
हर तीन साल बाद काटता है सांप
इस मामले को लेकर हकीकत का पता लगाने Times Now नवभारत की टीम चिरगांव थाना क्षेत्र में पट्टी कुमर्रा गांव पहुंची। सीताराम के भाई रतिराम और गांव के ओझा कमलेश के अनुसार, यह सिलसिला तब शुरू हुआ जब सीताराम 40-42 साल के थे। खेत में काम करते समय एक काले सांप ने उन्हें पहली बार काटा था। गांव वालों ने उन्हें तुरंत हनुमान मंदिर ले जाकर झाड़फूंक कराई, जिससे उनकी जान बच गई। लेकिन यह घटना एक बार की नहीं थी। हर तीन साल बाद, भादौ के महीने (अगस्त-सितंबर) में, वही काला सांप सीताराम को बार-बार काटता है।
काटने से पहले सपने में आता है सांप
इन सबमें सबसे खास बात यह है कि सांप काटने से दो दिन पहले सीताराम को सपने में सांप दिखाई देता है, जो उन्हें काटने की चेतावनी देता है। कई बार बचने की कोशिश की गई, लेकिन सांप हर बार उन्हें ढूंढ ही लेता है। यह रहस्य और भी गहरा हो जाता है क्योंकि सांप केवल सीताराम को ही निशाना बनाता है, उनके परिवार के किसी अन्य सदस्य को नहीं। अब तक 39 साल में 13 बार सांप के काटने के बावजूद सीताराम का जीवित रहना गांव वालों के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं है। गांव के लोग इसे हनुमान मंदिर की कृपा मानते हैं, जहां हर बार झाड़फूंक से सीताराम को नया जीवन मिलता है।
