Aaj Ka Panchang (आज का पंचांग) 25 August 2026 : 25 अगस्त 2026, मंगलवार का दिन धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है। आज श्रावण मास के शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 06:20 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। इस कारण आज प्रदोष व्रत रखा जाएगा। सावन के इस आखिरी प्रदोष व्रत पर प्रदोष काल शाम 06 बजकर 51 मिनट से लेकर रात 09 बजकर 04 मिनट तक रहेगा। इस समय में भगवान शिव और माता गौरा की पूजा करें। वहीं, उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 10:51 बजे तक रहेगा, इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। आज त्रिपुष्कर योग भी बन रहा है। आइए जानते हैं आज का पूरा पंचांग, शुभ-अशुभ समय और ग्रहों की स्थिति क्या रहेगी।
सूर्योदय एवं चन्द्रोदय (Sunrise and Moonrise)
आज सूर्य का उदय सुबह 05:55 बजे और सूर्यास्त शाम 06:51 बजे होगा। चंद्रमा का उदय शाम 05:20 बजे और चन्द्रास्त 26 अगस्त की सुबह 03:51 बजे होगा।
तिथि, नक्षत्र और योग (Tithi, Nakshatra and Yog)
आज शुक्ल पक्ष की द्वादशी तिथि सुबह 06:20 बजे तक रहेगी। इसके बाद त्रयोदशी तिथि शुरू होगी। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र रात 10:51 बजे तक रहेगा। इसके बाद श्रवण नक्षत्र शुरू होगा और 26 अगस्त की सुबह 05:23 बजे तक रहेगा। योग की बात करें तो आयुष्मान योग सुबह 07:41 बजे तक रहेगा। इसके बाद सौभाग्य योग शुरू होगा।
करण (Karan)
बालव करण सुबह 06:20 बजे तक रहेगा। इसके बाद कौलव करण शाम 07:13 बजे तक रहेगा। इसके बाद तैतिल करण शुरू होगा।
वार एवं पक्ष (Day and Paksha)
आज मंगलवार है और शुक्ल पक्ष चल रहा है।
चन्द्र मास, सम्वत (Lunar Month and Samvat)
आज विक्रम संवत 2083 सिद्धार्थी, शक संवत 1948 पराभव और गुजराती संवत 2082 पिंगल है। चन्द्र मास श्रावण (पूर्णिमान्त) और श्रावण (अमान्त) है। प्रविष्टे/गते 9 है।
राशि तथा नक्षत्र (Rashi and Nakshatra)
आज चंद्रमा मकर राशि में स्थित हैं। उत्तराषाढ़ा नक्षत्र सुबह 09:42 बजे तक दूसरे चरण में रहेगा। इसके बाद तीसरा चरण शुरू होगा। शाम 04:17 बजे तक उत्तराषाढ़ा नक्षत्र का तीसरा चरण रहेगा और रात 10:51 बजे तक चौथा चरण रहेगा। इसके बाद श्रवण नक्षत्र प्रारंभ होगा। सूर्य सिंह राशि में स्थित हैं और मघा नक्षत्र में गोचर कर रहे हैं।
ऋतु तथा अयन (Season and Ayana)
द्रिक ऋतु के अनुसार शरद ऋतु चल रही है, जबकि वैदिक ऋतु के अनुसार वर्षा ऋतु है। द्रिक और वैदिक दोनों मान्यताओं के अनुसार दक्षिणायण का प्रभाव बना हुआ है। दिनमान 12 घंटे 55 मिनट 06 सेकंड और रात्रिमान 11 घंटे 05 मिनट 24 सेकंड रहेगा। मध्याह्न 12:23 बजे होगा।
25 अगस्त के शुभ मुहूर्त (Auspicious Timings)
ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:27 बजे से 05:11 बजे तक
प्रातः सन्ध्या: सुबह 04:49 बजे से 05:55 बजे तक
अभिजित मुहूर्त: सुबह 11:57 बजे से दोपहर 12:49 बजे तक
विजय मुहूर्त: दोपहर 02:32 बजे से 03:24 बजे तक
गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:51 बजे से 07:13 बजे तक
सायाह्न सन्ध्या: शाम 06:51 बजे से 07:57 बजे तक
अमृत काल: दोपहर 03:49 बजे से शाम 05:34 बजे तक
निशिता मुहूर्त: 26 अगस्त की रात 12:01 बजे से 12:45 बजे तक
त्रिपुष्कर योग: सुबह 05:55 बजे से 06:20 बजे तक
रवि योग: 25 अगस्त की रात 10:51 बजे से 26 अगस्त की सुबह 05:56 बजे तक
25 अगस्त के अशुभ मुहूर्त (Inauspicious Timings)
राहुकाल: दोपहर 03:37 बजे से 05:14 बजे तक
यमगण्ड: सुबह 09:09 बजे से 10:46 बजे तक
गुलिक काल: दोपहर 12:23 बजे से 02:00 बजे तक
विडाल योग: शाम 04:17 बजे से 26 अगस्त की रात 12:36 बजे तक
आडल योग: 26 अगस्त की रात 12:36 बजे से सुबह 05:56 बजे तक
दुर्मुहूर्त: सुबह 08:30 बजे से 09:22 बजे तक
वर्ज्य: 26 अगस्त की सुबह 03:10 बजे से 04:54 बजे तक और रात 11:17 बजे से 12:01 बजे तक
बाण: दोपहर 03:28 बजे से पूरी रात रोग बाण रहेगा।
आनन्दादि एवं तमिल योग (Anandadi and Tamil Yog)
आनन्दादि योग में मानस योग शाम 04:17 बजे तक रहेगा। इसके बाद पद्म योग 26 अगस्त की रात 12:36 बजे तक रहेगा। तमिल योग में अमृत योग शाम 04:17 बजे तक रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग 26 अगस्त की रात 12:36 बजे तक रहेगा।
जीवनम: पूर्ण जीवन रहेगा।
नेत्रम: दो नेत्र रहेगा।
निवास और शूल (Nivas and Shool)
होमाहुति रात 10:51 बजे तक शनि की और इसके बाद चंद्र की रहेगी।
दिशा शूल: उत्तर दिशा में रहेगा।
चंद्र वास: दक्षिण दिशा में रहेगा।
अग्निवास: सुबह 06:20 बजे तक पृथ्वी पर रहेगा। इसके बाद आकाश में रहेगा।
शिववास: सुबह 06:20 बजे तक कैलाश पर रहेगा। इसके बाद नंदी पर रहेगा।
राहु वास: पश्चिम दिशा में रहेगा।
कुम्भ चक्र: पश्चिम दिशा में रहेगा।
डिस्क्लेमर: यह जानकारी दिए गए पंचांग के आधार पर तैयार की गई है। अलग-अलग क्षेत्र और पंचांग पद्धति के अनुसार तिथि एवं समय में मामूली अंतर संभव है। Times Now Navbharat इसकी पुष्टि नहीं करता है।
